ग्रेटर नोएडा में खाकी-वर्दी और इंसानियत को चुनौती, घर आए फौजी पर दबंगों का हमला
देश की सरहदों पर माइनस तापमान में देश की रक्षा करने वाले एक भारतीय सेना के जवान के साथ उसके ही घर के पास ऐसी बर्बरता की गई, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से मानवता और कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक वारदात सामने आई है।
देश की सरहदों पर माइनस तापमान में देश की रक्षा करने वाले एक भारतीय सेना के जवान के साथ उसके ही घर के पास ऐसी बर्बरता की गई, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। मामूली सी बात पर दबंगों ने फौजी को बेरहमी से पीटते हुए उसकी नाक काट दी और जांघ पर हथौड़े से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
यह सनसनीखेज मामला ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सेना में तैनात यह जवान इन दिनों छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था। देश के दुश्मनों से लोहा लेने वाले इस जवान को क्या पता था कि उसे अपने ही इलाके में स्थानीय दबंगों के हाथों ऐसी अमानवीय प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी।
सूत्रों और पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत एक बेहद मामूली विवाद से हुई थी। रास्ते में बाइक टकराने को लेकर जवान और कुछ स्थानीय युवकों के बीच बहस हो गई। मामूली कहासुनी के बाद बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी युवकों ने अपनी दबंगई दिखाते हुए हदें पार कर दीं।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। वहीं, लहूलुहान हालत में पड़े जवान को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। आनन-फानन में घायल फौजी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।
पुलिस कार्रवाई और स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि जब देश की रक्षा करने वाले फौजी ही अपने घरों के पास सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा। पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि आरोपियों पर सख्त से सख्त (रासुका या गैंगस्टर एक्ट जैसी) कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।



