भोला पासवान शास्त्री के लिए कांग्रेस की बड़ी मांग, ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की अपील
बिहार कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला प्रसाद शास्त्री के लिए भारत रत्न की मांग की है. उनके कार्यकाल में मुंगेरी लाल आयोग का गठन हुआ,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला प्रसाद शास्त्री के लिए भारत रत्न की मांग की है. उनके कार्यकाल में मुंगेरी लाल आयोग का गठन हुआ, जिसने पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण की सिफारिश की.
बिहार कांग्रेस की तरफ से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भोला प्रसाद शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग की गई है. उनके आखिरी कार्यकाल में मुंगेरी लाल आयोग का गठन किया गया था, जिसने संख्या के लिहाज से बड़ी पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण की सिफारिश की थी.यह मांग बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की ओर से की गई है.
जानकारी के मुताबिक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति सेल के चेयरमैन रवींद्र पासवान ने रविवार (21 सितंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भोला प्रसाद शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने राजधानी पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर पूर्व सीएम की प्रतिमा लगाने साथ ही उनके नाम पर एक म्यूजियम बनाए जाने की भी मांग की.
तीन बार रहे मुख्यमंत्री
भोला प्रसाद शास्त्री के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मांग करते हुए पासवान ने बताया कि वो तीन बार मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने केंद्रीय मंत्री के साथ ही राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद भी संभाला. वो विधानसभा में चार बार के विपक्ष के नेता रहे. इंदिरा गांधी की सरकार में शहरी विकास मंत्री भी रह चुके हैं.
उन्होंने बताया कि 1971-72 में मुख्यमंत्री के तौर पर भोला प्रसाद शास्त्री के आखिरी कार्यकाल के दौरान ही मुंगेरी लाल आयोग का गठन किया गया था. आयोग ने अपनी रिपोर्ट 1977 में समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के मुख्यमंत्री रहते हुए सौंपी थी, जिन्हें 2024 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया. ठाकुर द्वारा आयोग की सिफारिशों को लागू करने का उच्च जातियों के कुछ वर्गों ने विरोध किया था, लेकिन इसे बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जाता है. इसके बाद 1990 के दशक के मंडल आंदोलन के बाद अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC) को ज्यादा राजनीतिक अहमियत मिली.
आंदोलन की दी चेतावनी
रबीन्द्र कुमार पासवान ने चेतावनी दी कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री भोला प्रसाद शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा. उन्होंने कहा कि शास्त्री के योगदान को अभी की सरकार भूल चुकी है. उन्होंने कहा कि आज भी शास्त्री के वंशज एक मिट्टी के घर में रहते हैं और उन्हें इंदिरा आवास योजना का कोई लाभ नहीं मिला है.
कौन थे भोला पासवान शास्त्री
भोला पासवान शास्त्री बिहार के पहले अनुसूचित जाति के मुख्यमंत्री थे. उनका जन्म 21 सितंबर 1914 को पूर्णिया में हुआ था. वो भारतीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य और स्वतंत्रता सेनानी थे. राजनीति में उनकी छवि एक ईमानदार नेता की रही है. महात्मा गांधी के आंदोलन से प्रभावित होकर उन्होने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था. शास्त्री राज्य में सन् 1968 से लेकर 1991 तक तीन बार मुख्यमंत्री रहे.



