आजम खान-अब्दुल्ला की सजा बढ़ाने की मांग, हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड के मामले की सुनवाई हुई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड के मामले की सुनवाई हुई.

जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनवाई पूरी हुई. सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया. जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच मामले में सुनवाई हुई.

इसके अलावा राज्य सरकार ने भी दोनों की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर दायर क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की है. इस याचिका पर कोर्ट ने प्रतिवादियों आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान के अधिवक्ताओं को जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है.

आजम खान द्वारा दाखिल क्रिमिनल रिवीजन में आजम खान की दोषसिद्धि और दस वर्ष की सजा को चुनौती दी गई है. अब्दुल्ला आजम खान को सात साल की मिली है. राज्य सरकार ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दोनों की सजा को उम्र कैद में बदलने की मांग की है.

आजम ने लगाया गलत तरीके से फंसाने का आरोप

आजम खान की ओर से कोर्ट में कहा गया कि वह जेल में काफी समय बिता चुके हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तरीके से भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी में आपराधिक साजिश के आरोप में साजिश के तहत फंसाया गया है. उन्होंने साफ कहा कि उनकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं है.

आजम खान ने अपनी दोषसिद्धि एवं दस साल की सजा को भी चुनौती दी. उनकी ओर से कोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका फाइल की गई. दूसरी ओर, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की ओर से भी सात साल की सजा के खिलाफ कोर्ट में अलग से याचिका दायर की गई.

रामपुर कोर्ट ने सजा बढ़ाकर कर दी 10 साल

रामपुर की कोर्ट ने आजम खान की सजा सात साल से बढ़ा दी थी और यह बढ़ाकर 10 साल कर दी थी. वहीं, राज्य सरकार की ओर से आजम खान और उनके बेटे दोनों की सजा बढ़ाने की मांग की गई है और कोर्ट में याचिका दाखिल की है. सरकार ने सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है.

हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को नोटिस जारी किया था और उनसे जवाब मांगा था. बता दें कि हाईकोर्ट की ओर से तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हो रही है. यह मामला दिसंबर 2019 का है, जब भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अब्दुल्ला आजम के पास चुनाव लड़ने के लिए अलग-अलग जन्मतिथि (1 जनवरी, 1993 और 30 सितंबर, 1990) वाले दो पैन कार्ड है.

Related Articles

Back to top button