परिसीमन और सत्रावसान करने को लेकर फिर रार

कांग्रेस ने एनडीए सरकार पर किया हमला

  • जयराम बोले- सर्वदलीय संवाद बैठक बुलाई जाए

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सत्रावसान करने और परिसीमन को लेकर एकबार फिर कांग्रेस ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से संसद के दोनों सदनों का गरिमापूर्ण सत्रावसान करने और परिसीमन के मुद्दे पर वास्तविक सर्वदलीय संवाद बुलाने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। रमेश का आरोप है कि मानसून सत्र स्थगित होने के 60 दिन बाद भी सत्रावसान न होना एक असामान्य देरी है।
कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को संसद के दोनों सदनों का ‘गरिमापूर्ण ढंग से’ सत्रावसान कर परिसीमन के मुद्दे पर आगे की राह तय करने के लिए वास्तविक सर्वदलीय संवाद शुरू करना चाहिए। रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निलंबित किया जाना चाहिए और चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रणाली में जनता के विश्वास को ‘बहुत बुरी तरह कमजोर’ किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘अंतत: संविधान की जीत होगी और जनता का संकल्प विजयी होगा।

इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए

महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इससे पहले सरकार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त, 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के 60 दिन बाद भी उसका सत्रावसान नहीं किया गया है और इस मामले में पिछला रिकॉर्ड काफी पहले टूट चुका है।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के ‘मंसूबे’ को झटका

उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई सहयोगी दल भी इन विधेयकों का विरोध करते रहे हैं और उन्होंने अब ‘‘नया साहस’’ दिखाया है। कांग्रेस महासचिव ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के ‘‘मंसूबे’’ को विपक्ष की एकता और एकजुटता के कारण 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में ‘‘करारी शिकस्त’’ मिली थी। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों में टूट कराए जाने के बावजूद विपक्ष की एकता बरकरार है।

केजरीवाल, आप विधायकों और नेताओं पर एफआईआर दर्ज

  • दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी ने किया केस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप नेताओं और विधायकों के खिलाफ दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हंगामा किया गया और उसके बाद गुमराह करने वाले वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट फैलाए गए। पुलिस ने कहा कि जांच के तहत सौंपे गए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। गुरुद्वारा बंगला साहिब में शनिवार को हुए घटनाक्रम को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने आम आदमी पार्टी (आप) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने आरोप लगाया कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भेजकर गुरुद्वारा परिसर में नारेबाजी करवाई। इस मामले में कमेटी ने नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त के पास केजरीवाल और उनके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कालका और काहलों ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गुरु घर की मर्यादा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने थैलों में बैनर और नारे लिखी तख्तियां लेकर गुरुद्वारा पहुंचे थे। वहां इन्हें निकालकर नारेबाजी शुरू कर दी गई। उनके मुताबिक, यह सब सोची-समझी योजना के तहत किया गया, ताकि गुरु घर को राजनीतिक विवाद में घसीटा जा सके। कमेटी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित कर गलत नैरेटिव बनाने और गुरुद्वारा साहिब को बदनाम करने की कोशिश की गई।

जयप्रकाश पांडेय के कार्यों से समाजवाद को मिलेगी मजबूती : अखिलेश यादव

  • लोहिया को श्रद्धांजलि, गोवा की आजादी में उनके योगदान पर चर्चा, सेमिनार की स्मारिका का विमोचन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवाद की विचारधारा को मजबूत करने और डॉ. राममनोहर लोहिया के ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जयप्रकाश पांडेय उर्फ चेखुर पांडेय के कार्यों से समाजवाद को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया के विचार और उनके संघर्ष भारतीय राजनीति की ऐसी विरासत हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सोमवार को लखनऊ के लोहिया पार्क में डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने जयप्रकाश पांडेय उर्फ चेखुर पांडेय द्वारा गोवा में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार से संबंधित प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया। स्मारिका के प्रत्येक पृष्ठ को मीडिया कर्मियों के सामने प्रस्तुत करते हुए उन्होंने डॉ. लोहिया के विचारों, संघर्षों और देश के राजनीतिक इतिहास में उनके योगदान को याद किया। अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और समाजवादी मूल्यों के लिए संघर्ष का प्रतीक है। गोवा की आजादी में उनके योगदान को याद करना इस महत्वपूर्ण अवसर पर विशेष रूप से प्रासंगिक है। डॉ. लोहिया ने गोवा की मुक्ति के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके संघर्षों ने आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी।

शिवा शर्मा हत्याकांड: रिश्तों में आई दरार बनी मौत की वजह!

  • आखिर क्यों जानी दुश्मन बन गए थे कैफे मालिक शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे?
  • मृतक की मां की तहरीर पर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज, चार टीमें तलाश में जुटीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार देर रात हुई इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कभी एक-दूसरे के बेहद करीब रहे शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के रिश्तों में आखिर ऐसी कौन-सी दरार पड़ी, जिसने दोनों के बीच दूरियां पैदा कर दीं?
क्या किसी बात को लेकर चल रही अनबन शिवा की मौत की वजह बनी या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी छिपी है? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।मृतक की मां रंजना शर्मा ने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली श्रद्धा दुबे और उसके साथियों पर सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मां की तहरीर पर हजरतगंज कोतवाली में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक रायबरेली निवासी श्रद्धा दुबे और कैफे संचालक शिवा शर्मा के बीच लंबे समय से नजदीकियां थीं। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता लिव-इन रिलेशनशिप तक पहुंच गया था। बताया जाता है कि शिवा श्रद्धा पर काफी भरोसा करता था, लेकिन कुछ समय से दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी।सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ और आपसी समझौते की कोशिशें भी की गईं, लेकिन रिश्तों में आई कड़वाहट दूर नहीं हो सकी। ब्लैकमेलिंग को लेकर भी चर्चाएं सामने आ रही हैं।

आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी

हजरतगंज पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और उसके ड्राइवर के घरों पर पुलिस ने दबिश देकर तलाश तेज कर दी है।हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक मृतक की मां रंजना शर्मा की तहरीर पर हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। पुलिस की चार टीमें श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। फिलहाल शिवा शर्मा की मौत हत्या है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति रही, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। बड़ा सवाल यह है कि कभी एक-दूसरे के बेहद करीब रहे शिवा और श्रद्धा के बीच आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला हत्या के मुकदमे तक पहुंच गया? क्या रिश्तों में आई दरार ही शिवा की मौत का कारण बनी या पुलिस की जांच में कोई और कहानी सामने आएगी?

जंतर-मंतर अब प्रोटेस्ट साइट नहीं

  • गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला तय किए तीन नए स्थान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के सोमवार को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया गया है और साथ ही प्रदर्शन करने के लिए तीन नई जगहों की सूची भी दी गई है।
गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन करने के अधिकार के लिए मौजूदा तय जगह के अलावा दूसरी सही जगहों की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर तीन नई जगहों के नाम बताए गए हैं। इसमें रामलीला मैदान,-बुराड़ी मैदान, और सीबीडी मैदान को विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नई जगहों के तौर पर तय किया गया है।

अपने नागरिकों से ही सरकार लड़ रही जंग : दिपके

  • सीजेपी नेता ने मोदी सरकार पर उठाए सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके ने सोमवार को मोदी सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बढ़ती मांगों के बीच उन्हें बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। दिपके देर रात महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे और उस जगह पर गए जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था। अभिजीत दिपके ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस युवाओं, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों पर भी हमले कर रही है।
ज्ञानेश कुमार मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों हैं कि वे उन्हें बचाने के लिए किसी से भी भिडऩे को तैयार हैं? शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले, दिपके को सीजेपी नेताओं आशुतोष रंका और सौरव दास के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था। उन्हें रविवार को रिहा किया गया। अदालत ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ शर्तों के साथ 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।

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