इमरजेंसी जैसे हालात, ज्ञानेश के इस्तीफे से पहले घबराई मोदी सरकार

शाह की सह पाकर दिल्ली पुलिस किसी को भी उठा ले रही है। प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस लोगों को गिरफ्तार कर रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश में बहुत सालों पहले इमरजेंसी लगाई गई थी जिसकी चर्चा आज तक होती है। भाजपा इमरजेंसी को लेकर आज भी विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधती है। तरह-तरह से सवाल दागकर नीचा दिखाने की कोशिश करती है।

लेकिन  कुछ ऐसा हुआ जिससे भारत में इमरजेंसी की परिभाषा ही बदल गई। दरअसल सत्ताधारी दल भाजपा ने खुद ही साबित कर दिया कि उनसे बड़ा तानाशाह और चोर कोई नहीं है। दरअसल ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मोदी-शाह ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। एक बार फिर राजधानी दिल्ली में इमरजेंसी जैसे हालात हैं।

दरअसल सीजेपी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज प्रोटेस्ट चल रहा है. जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है। शाह की सह पाकर दिल्ली पुलिस किसी को भी उठा ले रही है। प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस लोगों को गिरफ्तार कर रही है। मानो ऐसा हो गया है जैसे इन लोगों ने कोई बड़ा गुहान किया हो।

प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हजारों समर्थकों को अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम से हिरासत में लिया। ह कार्रवाई तब की गई जब ध्रुव राठी सीजेपी प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। पुलिस सुबह उनके घर में दाखिल हुई।

ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-55 इलाके से अपराध शाखा की तीन टीमों ने हिरासत में लिया। फिर अपराध शाखा की टीमें उसे लेकर अपराध शाखा के एक ऑफिस में पहुंची। यहां लगभग एक घंटे तक पूछताछ की गई और दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा गया। बाद में अपराध शाखा की टीम तीन गाड़ियों में ध्रुव राठी को लेकर एक्सप्रेस-वे पर राजीव चौक के पास से दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

ध्रूव राठी के बाद अब अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में ले लिया गया है. जी हां, जंतर-मंतर पर पहुंचने से पहले ही अभिजीत दिपके फ्लाइट से ही डिटेन हो गए हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद दिल्ली पुलिस ने फ्लाइट में घुसकर अभिजीत दिपके, सौरव दास और उनके साथियों को हिरासत में लिया. वहीं इसे लेकर पुलिस एक अलग ही राग अलाप रही है।

पुलिस के मुताबिक आईजीआई एयरपोर्ट पर पुलिस की टीम विमान में घुसी. उसके बाद पुलिस की टीम ने अभिजीत दीपके और उनके साथियों को पहले समझाया कि वो नई दिल्ली के इलाके में न जाएं. जंतर-मंतर पर न जाएं. मगर उन्होंने बात नहीं मानी. मजबूरन दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके और उनके साथियों को विमान से ही हिरासत में लेना पड़ा.

किस तरह से पुलिस कहानी बना रही है और सरकार तानाशाही करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है। हालांकि अभिजीत दीपके के गिरफ्तार होने के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल दीपके, सौरव और रांका की गिरफ्तारी के बाद सीजेपी को अजिंक्य शिंदे लीड कर रहे हैं। यह जानकारी सीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पूर्व रिकॉर्डेड वीडियो के जरिए अभिजीत दीपके ने दी।

सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 38 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। सड़कों पर कीलें भी लगाई गई हैं।

जंतर-मंतर के आसपास भी कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ी में दम घुटने के कारण एक बच्चा बेहोश हो गया। इसके बाद कुछ छात्रों ने गाड़ी को पीटना शुरू कर दिया। इंदिरा चौक पर 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के मुंबई में पुलिस ने महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को हिरासत में ले लिया है. उन्हें अगस्त क्रांति मैदान में जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया. CJP द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के समर्थन के लिए मुंबई भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान था. तुषार गांधी ने हिरासत में लिए जाने के बाद वीडियो साझा का जानकारी दी है.

मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ़्तारी के वीडियो सामने आ रहे हैं। वहीं हिरासत में लिए जाने से पहले AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, “पूरे देश का युवा और मतदाता, ज्ञानेश कुमार की वजह से ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

ज्ञानेश कुमार ने मोदी जी के कहने पर पूरे देश के मतदाता के साथ गद्दारी की है। ऐसे गद्दार ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने के लिए देश का युवा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंच रहा है मगर एक प्रदर्शन को रोकने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत सरकार और कई राज्यों की सरकार का पूरा शक्ति प्रदर्शन किया हुआ है।

वहीं इन गिरफ्तारियों को लेकर नेताओं की भी लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी बीच अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा है, ‘यह आपातकाल से भी बदतर है। यह आधिकारिक रूप से साफ है। हम मोदी के शासन वाले पूर्ण तानाशाही के दौर में जी रहे हैं। सीधे फ्लाइट से उतरते ही लोगों को गिरफ्तार करना उनके भीतर के डर के अभूतपूर्व स्तर को दिखाता है।

प्रधानमंत्री मोदी साफ तौर पर जानते हैं कि वे केवल वोट चोरी के जरिये ही चुनाव जीते हैं और अब वे लोकतंत्र को पूरी तरह से कुचलकर अपनी इस धोखाधड़ी को बचाने पर आमादा हैं। ज्ञानेश को जाना ही होगा, लेकिन मोदी को भी जाना ही होगा।’

हालांकि इतनी गिरफ्तारियों के बावजूद नेहा बोरा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के INA से जंतर-मंतर की ओर मार्च शुरू किया। इस प्रदर्शन मार्च में शामिल लोग अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मार्च के जंतर-मंतर पहुंचने के साथ ही प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर हो रहा प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में उम्मीद यही है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक ये लोग ऐसे ही प्रदर्शन करते रहेंगे और मोदी सरकार भी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होने से नहीं रोक पाएगी।

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