फैंस का 29 साल का इंतजार खत्म, ‘बॉर्डर 2’ ने सिनेमाघरों में फिर लहराया तिरंगा
सनी देओल की 'बॉर्डर 2' सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि यादों और भावनाओं का संगम बनकर सामने आई है. बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई के साथ फिल्म दर्शकों का दिल जीत रही है. खासतौर पर फिल्म का फाइनल सीन लोगों को पुराने 'बॉर्डर' की यादों में ले जाता है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हुई है। 29 साल के लंबे इंतजार के बाद आए इस सीक्वल को फैंस के लिए एक यादगार अनुभव बताया जा रहा है।
23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई इस फिल्म को जहां एक ओर दर्शकों की जमकर तारीफ मिल रही है, वहीं दूसरी ओर कमाई के मामले में भी यह बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की कहानी, देशभक्ति का जज़्बा और सनी देओल का दमदार अंदाज़ दर्शकों को खासा पसंद आ रहा है। फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों के बीच 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ की यादें भी ताज़ा हो गई हैं। कुल मिलाकर, ‘बॉर्डर 2’ न सिर्फ नॉस्टैल्जिया जगा रही है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘बॉर्डर 2‘ का लोग लंबे वक्त से इंतजार कर रहे थे. फिल्म की कहानी भारतीय सैनिकों के देश से प्रेम और बलिदान की है. हालांकि, फिल्म में एक ऐसा पल भी आया जिसने सिनेमाघरों में बैठे दर्शकों को भी भावुक कर दिया. दरअसल, फिल्म के आखिर में बॉर्डर की कास्ट को भी शामिल किया है. लेकिन, इसके लिए एक्टर्स के पुराने अंदाज को ही लिया गया है.
AI की मदद से किया शामिल
फिल्म के फाइनल सीन में पुराने बॉर्डर पार्ट की याद दिलाने के लिए अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी के साथ बाकी एक्टर्स को कैमियो के रूप में वापस दिखाया गया है, लेकिन इनका यहां सीधे शूटिंग नहीं हुआ. दरअसल, मेकर्स ने इस खास सीन के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिससे अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी जैसे पुराने किरदारों को फिर से पर्दे पर जीवित किया गया. ये कैमियो असली शूटिंग के बजाय तकनीकी रूप से तैयार किया गया है, जिससे पुराने और नए दर्शकों दोनों के लिए ये सीन बेहद खास बन गया.
पुरानी फिल्म की याद ताजा
फिल्म के अंतिम क्रेडिट्स के पास ये सीन दिखाया गया है, जहां अक्षय खन्ना, सुनील शेट्टी और सुदेश बेरी जैसे किरदार, जो पहली बॉर्डर फिल्म में वीरता के साथ शहीद हुए थे, फिर से स्क्रीन पर मुस्कुराते और मौजूद नजर आते हैं. मेकर्स का मकसद सिर्फ एक कैमियो दिखाना नहीं था, बल्कि पुरानी फिल्म की याद को ताजा करना और उन्हें सम्मान देना था. इसलिए उन्होंने सीधा शूटिंग के बजाय तकनीक की मदद से ये सीन तैयार किया और उसे फिल्म के अंत में जगह दी.



