Gaurav Gogoi ने CM Himanta की लगा दी वाट, 100 FIR का सिलसिला हुआ शुरू!

असम की राजनीति इस वक्त उबाल पर है...हिन्दुत्व का राग अलापने वाले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अब खुद अपने ही बयानों, आरोपों और कार्रवाइयों के जाल में बुरी तरह से फंसते दिखाई दे रहे हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्क: असम की राजनीति इस वक्त उबाल पर है…हिन्दुत्व का राग अलापने वाले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अब खुद अपने ही बयानों, आरोपों और कार्रवाइयों के जाल में बुरी तरह से फंसते दिखाई दे रहे हैं…

जिस मुख्यमंत्री ने खुद को सबसे बड़ा राष्ट्रवादी और देशभक्त साबित करने की कोशिश की…आज वही सवालों के कठघरे में खड़ा है….वजह है कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का सीधा और तीखा हमला…जिसमें कांग्रेस सांसद ने कहा कि…हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री के पद पर रहने लायक नहीं हैं….इस बयान ने CM हिमंत की सियासी जमीन हिला दी है…

दरअसल, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कुछ समय पहले ये सनसनीखेज आरोप लगाया था कि…गौरव गोगोई की पत्नी का पाकिस्तान से कनेक्शन है और इशारों-इशारों में ये तक कह दिया गया कि..गौरव गोगोई किसी दूसरे देश के एजेंट हो सकते हैं…ये आरोप सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं थे…बल्कि एक सांसद की देशभक्ति, परिवार और बच्चों तक पर हमला था…जिसके बाद सवाल उठा कि क्या मुख्यमंत्री के पास इन आरोपों का कोई ठोस सबूत था?

गौरव गोगोई ने अब उसी सवाल को पूरे दमखम के साथ मुख्यमंत्री के सामने रख दिया है…उन्होंने साफ कहा है कि हिमंत बिस्वा सरमा पिछले 6 महीनों से SIT की रिपोर्ट दबाकर बैठे हैं…मुख्यमंत्री ने खुद ऐलान किया था कि 10 सितंबर को SIT की रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे…लेकिन आज 6 महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट पर चुप्पी साधी हुई है…गौरव गोगोई ने कहा कि…अगर आरोप सही थे…तो रिपोर्ट सामने क्यों नहीं आई?…

गौरव गोगोई का आरोप है कि SIT इसलिए सार्वजनिक नहीं की जा रही…क्योंकि मुख्यमंत्री द्वारा गठित SIT कोई भी ऐसा सबूत पेश करने में पूरी तरह असफल रही….जिससे ये साबित हो सके कि….गौरव गोगोई या उनकी पत्नी का पाकिस्तान से कोई संबंध है…यानी मुख्यमंत्री ने पहले आरोप लगाए…मीडिया में हंगामा कराया और जब सच्चाई सामने लाने का वक्त आया, तो चुप्पी ओढ़ ली….

ऐसे में अब ये सिर्फ एक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है…बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर मामला बन गया है…एक मुख्यमंत्री अगर अपने पद का इस्तेमाल करके विपक्षी नेता और उसके परिवार को बदनाम करता है…बच्चों से जुड़ी निजी जानकारियां लीक करता है…तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है…गौरव गोगोई ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा इतनी नीचे गिर चुके हैं कि उन्होंने उनके बच्चों से जुड़ी जानकारी तक सार्वजनिक कर दी…

गौरव गोगोई ने बेहद ही संयम लेकिन तीखे शब्दों में कहा कि…हमें भी उनके बच्चों के बारे में बहुत कुछ पता है…सबको पता है…लेकिन हम इसे उजागर नहीं करना चाहते…ये बयान सीधे-सीधे मुख्यमंत्री की राजनीतिक और नैतिक हैसियत पर सवाल खड़ा करता है…क्योंकि एक तरफ खुद को संस्कार, संस्कृति और मर्यादा का ठेकेदार बताने वाले मुख्यमंत्री बड़े-बड़े दावे करते हैं….लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष के बच्चों को निशाना बनाने का काम करते हैं…यहीं से कहानी अब सिर्फ राजनीतिक बहस नहीं रह जाती…बल्कि एक बड़े संवैधानिक संकट की तरफ बढ़ती है…गौरव गोगोई ने साफ शब्दों में कह दिया कि…हिमंत बिस्वा सरमा ने साबित कर दिया है कि…वो मुख्यमंत्री की कुर्सी के लायक नहीं हैं…ऐसे में अब सवाल उठता है कि…क्या एक संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह के आरोप, इस तरह की भाषा और इस तरह की राजनीति कर सकता है?…

इसी बीच एक और बड़ा मामला सामने आता है….CM हिमंत बिस्वा सरमा की गन वाला वीडियो…जिसमें वो मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाई देते हैं…जिसे लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने FIR दर्ज कराई है…आरोप है कि एक मुख्यमंत्री का इस तरह का वीडियो समाज में डर और नफरत फैलाने वाला है और कानून-व्यवस्था के खिलाफ है…एक मुख्यमंत्री अगर बंदूक के साथ अपनी छवि गढ़े…तो ये किस तरह का संदेश देता है?….

ओवैसी की FIR के बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया…क्योंकि, अब ये सिर्फ असम या एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं रहा…जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने तो पहले से ही हिमंत बिस्वा सरमा के मियां वाले बयान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है…संगठन ने ऐलान किया है कि हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ देशभर में 100 FIR दर्ज कराई जाएंगी…यानी जिस मुख्यमंत्री ने दूसरों को देशद्रोही बताने की राजनीति की….वही अब कानूनी शिकंजे में फंसता दिखाई दे रहा है…

जमीयत उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि हिमंत बिस्वा सरमा लगातार नफरत फैलाने वाले बयान दे रहे हैं…अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं और संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ रहे हैं….100 FIR का मतलब सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं है…बल्कि ये एक राजनीतिक संदेश भी है कि अब हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जाएगा…

यहां गौर करने वाली बात ये है कि गौरव गोगोई का हमला सिर्फ भावनात्मक नहीं है…बल्कि पूरी तरह फैक्ट्स पर आधारित है….यानी SIT रिपोर्ट, तारीखें, मुख्यमंत्री के पुराने बयान…सब कुछ रिकॉर्ड पर है…यही वजह है कि हिमंत बिस्वा सरमा अब जवाब देने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं….ना रिपोर्ट सामने आ रही है और ना आरोपों का कोई सबूत है….

वहीं इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि…ये पूरा मामला हिमंत बिस्वा सरमा की हिंदुत्व बनाम शासन की राजनीति को बेनकाब करता है…जब भी सवाल विकास, बेरोज़गारी, महंगाई या कानून-व्यवस्था पर आता है…तो मुख्यमंत्री किसी न किसी विवादित बयान या आरोप से माहौल बदलने की कोशिश करते हैं…लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ गया….गौरव गोगोई ने न सिर्फ आरोपों का जवाब दिया…बल्कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली, नैतिकता और संवैधानिक समझ पर सीधा हमला कर दिया….SIT रिपोर्ट का सवाल अब पूरे देश में पूछा जा रहा है….अगर रिपोर्ट में कुछ था, तो उसे दबाया क्यों गया? और अगर कुछ नहीं था, तो झूठे आरोप क्यों लगाए गए?….

अब राजनीतिक लड़ाई के साथ-साथ कानूनी लड़ाई भी शुरू हो चुकी है…ओवैसी की FIR, जमीयत की 100 FIR की तैयारी और लगातार बढ़ता दबाव….ये सब साफ संकेत हैं कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के लिए आने वाले दिन आसान नहीं होने वाले…क्योंकि, एक मुख्यमंत्री अगर हर दिन FIR और विवादों में घिरा रहे…तो शासन कैसे चलेगा?……सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बीजेपी नेतृत्व हिमंत बिस्वा सरमा के इस आक्रामक और विवादास्पद रवैये के साथ खड़ा रहेगा?…या फिर जैसे-जैसे FIR का सिलसिला बढ़ेगा….पार्टी भी दूरी बनाना शुरू करेगी?….

क्योंकि आखिरकार नुकसान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं…बल्कि पूरे सिस्टम और सरकार की छवि का होता है…इस पूरी विवाद को लेकर एक बात तो साफ है कि…सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जिस तरह से गौरव गोगोई और उनके परिवार पर आरोप लगाए हैं…वो अब खुद उन्हीं पर भारी पड़ रहा है….गौरव गोगोई ने फैक्ट्स, संयम और राजनीतिक समझदारी से CM हिमंत की जमकर क्लास लगा दी है…..ऐसे में SIT रिपोर्ट की चुप्पी, गन वाली तस्वीर पर FIR और 100 FIR का ऐलान…..ये सब मिलकर एक बड़ा राजनीतिक भूचाल बन चुके हैं…..

आज असम ही नहीं, पूरा देश देख रहा है कि सत्ता में बैठा व्यक्ति जब मर्यादा भूलता है…तो लोकतंत्र कैसे सवाल करता है…..अब सवाल सिर्फ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का नहीं है…सवाल उस राजनीति का है जो आरोप तो लगाती है….लेकिन जवाब देने से भागती है….आने वाले दिनों में ये देखना दिलचस्प होगा कि CM हिमंत बिस्वा सरमा इन सवालों का सामना करते हैं या फिर चुप्पी ही उनकी आख़िरी रणनीति बनती है.

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