विपक्षी सांसदों के पत्र के जवाब में भाजपा की महिला सांसदों ने खोला मोर्चा, स्पीकर से की ये मांग

लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। अब विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ भाजपा की महिला सांसदों ने भी मोर्चा खोल दिया है। दरअसल सोमवार को विपक्ष की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों को निलंबित करने पर नाराजगी जाहिर की थी। अब भाजपा सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर लोकतांत्रिक संस्थानों को बदनाम करने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा की महिला सांसदों ने की विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
पत्र में भाजपा की महिला सांसदों ने लिखा, ‘4 फरवरी, 2026 को माननीय राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा के दौरान आपने (लोकसभा स्पीकर ओम बिरला) लोकसभा में गरिमा, मर्यादा और पवित्रता को जिस तरह से बनाए रखा, उसके लिए हम आपके प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं और आपकी प्रशंसा करते हैं।’
‘उस दिन पूरे देश ने सदन में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक घटनाओं में से एक को देखा, जब विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए, बल्कि उन्होंने स्पीकर की मेज पर चढ़कर कागज स्पीकर की ओर उछाले।’
‘दुख की बात ये है कि विपक्षी माननीय महिला सदस्यों ने सदन के भीतर आक्रामक व्यवहार किया और उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री की सीट को घेरा बल्कि अपनी सीट छोड़कर सत्ता पक्ष की ओर चले गए….।’
‘हम आपसे अपील करते हैं कि सदन के भीतर ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को कलंकित करने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।’
क्या है पूरा मामला
दरअसल 4 फरवरी को लोकसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन होना था, लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पीएम की सुरक्षा का हवाला देकर प्रधानमंत्री का संबोधन टाल दिया। लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे। लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं। वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जिस पर स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया।
अगले दिन यानी 5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि 4 फरवरी को जिस तरह का लोकसभा में माहौल था, उसमें कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था।
विपक्षी महिला सांसदों ने पत्र में क्या आरोप लगाए
पत्र में विपक्षी महिला सांसद ने लिखा कि सत्ताधारी दल के दबाव में स्पीकर विपक्षी पार्टियों, खासकर कांग्रेस सांसदों के खिलाफ बेबुनियाद और अपमानजनक आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने लिखा कि स्पीकर को बिना पार्टी से जुड़ाव को देखे, सभी सांसदों की गरिमा की सुरक्षा करनी चाहिए और साथ ही निष्पक्ष रहना चाहिए।
सांसदों ने लिखा कि चार दिन बीत जाने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में नहीं बोलने दिया जा रहा है। साथ ही सत्ताधारी दल के इशारे पर विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया, जबकि सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों को पूर्व पीएम के खिलाफ अपमानजनक बातें करने की इजाजत दी जा रही है।
महिला सांसदों ने लिखा कि पीएम मोदी के खिलाफ सांविधानिक तरीके से विरोध करने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
महिला सांसदों ने लिखा कि हम सभी महिला सांसद सामान्य परिवेश से आए हैं और पहली पीढ़ी के नेता हैं। दशकों के कठिन परिश्रम के बाद और भेदभाव और काफी प्रतिरोध झेलने के बाद हम यहां तक पहुंचे हैं। ऐसे में हमारे सत्यनिष्ठा पर हमला हर उस महिला पर हमला है, जो गरिमा और साहस के साथ राजनीति में अपनी जगह बनाना चाहती हैं।



