SIR विवाद में ओवैसी की सुप्रीम कोर्ट में एंट्री, कल सुनवाई की उम्मीद
ओवैसी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस प्रक्रिया को चुनौती दिए जाने के बाद अब याचिका में उठाए गए विशिष्ट कानूनी आधारों और अदालत में होने वाली सुनवाई से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया और इसे लागू करने के तरीके को लेकर कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसी कड़ी में AIMIM के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर SIR प्रक्रिया को चुनौती दी है। वहीं, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली में SIR से जुड़े मामले को शीर्ष अदालत के समक्ष उठाया है।
SIR को लेकर सामने आ रही इन कानूनी चुनौतियों के बाद अब इस प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और अदालत के रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया किस तरीके से लागू की जा रही है और इससे जुड़े कानूनी सवालों पर अदालत में क्या दलीलें रखी जाती हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
असदुद्दीन ओवैसी ने SIR के तरीके को दी चुनौती
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के तरीके को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। SIR को लेकर उनकी याचिका ऐसे समय में सामने आई है, जब इस प्रक्रिया के संचालन और इसके संभावित प्रभावों को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण करना है। इसके तहत मतदाताओं से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाता है और मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लागू करने के तरीके, दस्तावेजों की आवश्यकताओं और मतदाताओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर उठने वाले सवाल अब न्यायिक बहस का विषय बन रहे हैं।
ओवैसी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस प्रक्रिया को चुनौती दिए जाने के बाद अब याचिका में उठाए गए विशिष्ट कानूनी आधारों और अदालत में होने वाली सुनवाई से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
कोर्ट ने उनके वकील से लिस्ट मांगी है कि उनकी याचिका से मिलती कौन सी याचिकाएं लंबित हैं. उनकी तरफ से दी गई लिस्ट को देख कर तय किया जाएगा कि उनकी याचिका को कल सुनना है या नहीं. ओवैसी के वकील निज़ाम पाशा ने भी कोर्ट से कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि बाकी याचिकाओं के साथ उन्हें भी सुना जाए.
वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में रखा. उन्होंने कहा- दिल्ली में फॉर्म 6 में घोषणा पत्र भरवाया जा रहा है कि आपने कभी वोट नहीं दिया है. जो वोटर कहीं से शिफ्ट होकर आया है, उसे फॉर्म 8 भरने का मौका मिलना चाहिए. लिस्ट में सुधार की अंतिम तारीख 30 है. सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर ही सुनवाई की तारीख रखी है. इस याचिका को पहले सुना जाए.
28 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
वकील प्रशांत भूषण की याचिका सुनकर चीफ जस्टिस ने कहा – हम 28 अक्टूबर को सुनवाई करेंगे. आपकी चिंता का समाधान करने की कोशिश करेंगे.एसआईआर को लेकर जमकर बवाल हो रहा है. विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा हुआ है. इतना ही नहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट में भी एसआईआर को लेकर कई याचिका दायर की गई हैं.



