चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति को चुनौती वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इसमें दखल की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर नियुक्ति रद्द करनी होती तो संविधान पीठ भी आदेश दे सकती थी। संविधान पीठ दो मार्च के अपने फैसले में पहले ही इस मुद्दे की जांच कर चुकी है।
इससे पहले संविधान पीठ ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में पारदर्शिता के लिए पीएम, नेता विपक्ष और मुख्य न्यायाधीश की चयन समिति का आदेश दिया था। बता दें कि एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) ने अरुण गोयल की नियुक्ति के खिलाफ याचिका दायर की थी।
एडीआर की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि अरुण गोयल की नियुक्ति मनमानी थी, क्योंकि उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। वहीं, केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एनजीओ को दूसरी बार अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि संविधान पीठ ने नियुक्ति की फाइल का अवलोकन किया है और इसे रद्द करने से इनकार कर दिया है।
पूर्व नौकरशाह अरुण गोयल ने बीते साल नवंबर में चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। गोयल 1985 बैच के पंजाब कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने भारी उद्योग सचिव के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। उन्होंने रिटायर होने से 40 दिन पहले त्यागपत्र दे दिया था। गोयल ने पीएमओ में भी अहम जिम्मेदारी निभाई है।

 

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