मांग पूरी होने तक नहीं रुकेगा प्रदर्शन, खड़गे बोले- जनता के अधिकारों की रक्षा करेंगे
दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा। खड़गे ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार विरोध जताया जा रहा है। इसी क्रम में विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन और धरने का कार्यक्रम आगे बढ़ाया है।
खड़गे ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन को खत्म नहीं किया जाएगा। खड़गे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब INDIA ब्लॉक के सांसद दिल्ली में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उनके सवालों का समाधान जरूरी है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने का फैसला किया है। इससे पहले विपक्षी नेता दिल्ली में एकजुट होकर बैठक कर चुके हैं और आगे की रणनीति पर चर्चा कर चुके हैं। लंच बैठक के बाद विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद मौजूद रहे। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के जरिए विपक्ष अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने की तैयारी में है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के सवाल
विपक्षी दलों का मौजूदा विरोध चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। विपक्ष की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्षी नेताओं का दावा है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। वे चुनाव आयोग से प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और अपने सवालों पर जवाब की मांग कर रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग का पक्ष विपक्ष के आरोपों से अलग है। आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया का नियमित हिस्सा बताता रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता इस मांग को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। इसी को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद से बाहर प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से अपनी प्रक्रियाओं और संवैधानिक जिम्मेदारियों के तहत काम करने की बात कही जाती रही है।
पहले भी हुआ था प्रदर्शन
विपक्षी सांसदों ने इससे पहले भी दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने अपनी मांगें उठाईं और चुनाव आयोग तक मार्च करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद कई विपक्षी नेताओं ने धरना दिया था। इसके बाद विपक्ष ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई। अब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने को उसी विरोध की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
INDIA ब्लॉक की एकजुटता पर जोर
इस पूरे घटनाक्रम में विपक्षी दलों के बीच एकजुटता भी दिखाई दे रही है। कांग्रेस के साथ अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अलग-अलग दलों के बजाय सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर इन मुद्दों को उठाएंगी। इसके लिए बैठकों और संयुक्त प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखने की बात कही गई है। खड़गे के बयान से भी संकेत मिलता है कि विपक्ष फिलहाल अपने विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने के मूड में नहीं है।
सरकार और चुनाव आयोग के रुख पर भी नजर
विपक्ष के लगातार प्रदर्शन के बीच अब सरकार और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर भी नजर है। विपक्ष जहां चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करने की बात कहता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
प्रदर्शन आगे बढ़ाने की रणनीति
विपक्ष की रणनीति फिलहाल संयुक्त प्रदर्शन और सार्वजनिक मंचों के जरिए अपने मुद्दे उठाने की नजर आ रही है। नेताओं के बीच बैठकें कर आगे के कार्यक्रमों पर चर्चा की जा रही है। जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इसी रणनीति का हिस्सा है। विपक्षी नेता यहां एक मंच से अपनी मांगें सामने रखेंगे और सरकार तथा चुनाव आयोग से जवाब की मांग करेंगे।
विपक्ष के लगातार प्रदर्शनों के कारण दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बड़े नेताओं और सांसदों के कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाने की संभावना है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष अपने प्रदर्शन को कितने समय तक जारी रखता है और सरकार तथा चुनाव आयोग की ओर से उसकी मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है। खड़गे ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहा है। ऐसे में जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस राजनीतिक विवाद में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा और मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपनी निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत काम करने की बात करता रहा है। फिलहाल विपक्ष ने जंतर-मंतर पर धरने के जरिए अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।



