सहिया पर बंदिश, संजय शर्मा ने सेंसर बोर्ड को बॉम्बे हाई कोर्ट में घेरा

  • 14 अक्टूबर को सुनवायी कपिल सिब्बल करेंगे पैरवी
  • सहिया के रिलीज सार्टिफिकेट विवाद ने खड़े किए अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े सवाल
  • सहिया के पर्दे तक पहुंचने का रास्ता कब खुलेगा?

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। फिल्म सहिया के निर्माता एवं निर्देशक संजय शर्मा ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड सीबीएफसी द्वारा फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार किए जाने के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। संजय शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल तथा अधिवक्ता मोहम्मद हैदर और मोहम्मद तलहा अदालत में पक्ष रखेंगे। प्रमाणपत्र न मिलने से फिल्म की रिलीज और उससे जुड़ी तैयारियां प्रभावित हो रही है।

अगस्त में शुरू हुआ विवाद

फिल्म पूरी बन जाने के बाद संजय शर्मा ने सेंसर बोर्ड में रिलीज सार्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जिस पर सेंसर बोर्ड ने फिल्म को नक्सलवाद से जुड़ा बताकर प्रमाणपत्र देने में बाधा पैदा करना शुरू कर दी और अंत में सार्टिफिकेट देने से मना कर दिया गया। संजय शर्मा का कहनाह है कि फिल्म में एक आम इंसान हिंसा का विरोध करता है और कहानी का केंद्र मानवीय रिश्ते हैं।उनका कहना है कि उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया कि फिल्म का कौन सा खास दृश्य या संवाद नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाला माना गया। यदि किसी फिल्म के किसी हिस्से पर आपत्ति है तो उस आपत्ति का स्पष्ट आधार सामने आना जरूरी है ताकि निर्माता अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रख सके। संजय शर्मा ने कहा एक दम से पूरी फिल्म् को रदद करना यह हिटलरशाही है और वह इसके खिलाफ न्यायालय पहुंचें है जहां उम्मदी है कि उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

फिल्म की रिलीज रुकी पूरी टीम पर असर

फिल्म सहिया के निर्माता एवं निर्देशक संजय शर्मा के मुताबिक प्रमाणपत्र न मिलने से फिल्म की रिलीज और उससे संबंधित तैयारियां प्रभावित हुई हैं। किसी फिल्म के निर्माण में केवल निर्माता और निर्देशक ही नहीं बल्कि कलाकार तकनीशियन और अनेक दूसरे लोग भी अपना समय श्रम और संसाधन लगाते हैं। रिलीज की योजना रुकने पर इन सभी की मेहनत और निवेश पर असर पड़ रहा है। सहिया में नीरज काबी शांतनु माहेश्वरी और रिंकू राजगुरु जैसे कलाकार हैं। फिल्म की पृष्ठभूमि और कथानक को देखते हुए निर्माता इसे उन आम लोगों की कहानी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं जिनकी आवाज संघर्ष की बड़ी खबरों के बीच दब जाती है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि फिल्म दर्शकों तक पहुंचने से पहले प्रमाणन प्रक्रिया में फंस गयी।

कपिल सिब्बल ने भी उठाए थे सवाल

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने फिल्म सहिया को देखने के बाद सेंसर बोर्ड के निर्णय पर हैरानी जताई थी। उन्होंने फिल्म को रोके जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनके विचार में फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं है जिसके आधार पर उसकी रिलीज रोकने का फैसला उचित लगे। सिब्बल ने फिल्म को प्रमाणपत्र दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई की बात भी कही थी। उन्होंने यह सवाल उठाया था कि कहीं फिल्म को रोकने की वजह उसके साथ जुड़ा 4PM नाम तो नहीं है। इस पहलू ने विवाद को एक और दिशा दी। यदि किसी फिल्म को लेकर आपत्ति है तो उसका आधार फिल्म की सामग्री और लागू नियम होने चाहिए। किसी फिल्मकार निर्माता या उससे जुड़े मीडिया संस्थान के नाम नहीं होना चाहिए।

सहिया के पर्दे तक पहुंचने का रास्ता कब खुलेगा?

फिल्म सहिया के निर्माता एवं निर्देशक संजय शर्मा ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया है। उनकी मांग है कि फिल्म को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाए और दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिले। निर्माता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ मोहम्मद हैदर और मोहम्मद तलहा पैरवी करेंगे। 14 अक्टूबर की सुनवाई में मामले की दिशा स्पष्ट हो सकती है। सहिया का विवाद एक बुनियादी प्रश्न छोड़ता है कि संवेदनशील सामाजिक परिस्थितियों पर फिल्म बनाते समय निर्माता और प्रमाणन बोर्ड के बीच मतभेद हों तो उनका समाधान किस तरह पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया से किया जाए? फिल्मकार को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और बोर्ड को अपने निर्णय का आधार स्पष्ट करने में सक्षम होना चाहिए। 14 अक्टूबर की सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसके जरिए फिल्म के प्रमाणन विवाद पर कानूनी बहस आगे बढ़ेगी और पता चलेगा कि सहिया के पर्दे तक पहुंचने का रास्ता कब खुलेगा।

राहुल की चाय की प्याली से सियासी तूफान!

  • इंडिया गठबंधन की हाई-टी ज्ञानेश कुमार पर वार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राहुल गांधी की हाईटी पार्टी के आयोजन ने देश में चल रहे सियासी तूफान में चक्रवात लाने का काम किया है। आज की चाय पार्टी में चर्चा का मुद्दा चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रहे। दिल्ली में लोकतंत्र बचाओ मार्च और सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका के बाद राहुल गांधी ने आज इंडिया गठबंधन के नेताओं सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को हाई टी पर बुलाया बैठक राहुल गांधी के 5 सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर आयोजित हुई।

चाय के साथ समोसा नहीं ज्ञानेश का इस्तीफा था मेन्यू में

राहुल गांधी के घर पर आयोजित इस हाई टी में परोसे जाने वाले नाश्ते पर भी खूब चर्चा हो रही थी। लोग पूछ रहे थे कि चाय के साथ समोसे पकौड़े या फिर दूसरे पकवान परोसे जाएंगे या नहीं फिलहाल राजनीतिक मेन्यू में चुनाव आयोग एसआईआर और ज्ञानेश कुमार को लेकर उठे सवाल ही हाई टी में सबसे ऊपर रहे।

सड़क पर मार्च, अदालत में चुनौती और अब हाई-टी

हाई टी के बहाने विपक्ष अपने अभियान को लगातार आगे बढ़ रहा है। सोमवार को नेता सड़क पर उतरे फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और आज गठबंधन के नेताओं ने राहुल गांधी के साथ चाय पर चर्चा की । यानि कि हाई टी के बहाने राहुल गांधी एक बार फिर कुछ बड़ा पकाने की कोशिशों में लग चुके हैं। राहुल गांधी लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं और कह चुके हैं कि जबतक उनका इस्तीफा नहीं होगा मुददा शांत नहीं होगा। आज की हाई-टी में गठबंधन के नेताओं के साथ सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। राहुल गांधी अपने आंदोलन को व्यापक बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं और हो सकता है कि जल्द ही उनका कोई नया कार्यक्रम सामने आये।

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