केंद्र सरकार को सुप्रीम फटकार
दिल्ली में प्रदूषण पर पूछा-आपने रोकने के लिए क्या कदम उठाए

- शीर्ष अदालत ने ओबीसी आरक्षण में क्रीमी लेयर पर केंद्र सरकार की अर्जी की खारिज
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अलग-अलग मामलों में केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटके लग हैं। जहसं ओबीसी आरक्षण में क्रीमी लेयर पर केंद्र सरकार की अर्जी सुप्रीम कोर्ट से खारिज कर दी है जिसमें सरकार ने राहत मांगी थी। कोर्ट ने फैसले में कहा था कि क्रीमी लेयर तय करते समय माता-पिता की आमदनी देखना काफी नहीं है। ओबीसी आरक्षण में क्रीमीलेयर पर केंद्र सरकार की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है, केंद्र ने इस साल 11 मार्च को आया फैसला लागू करने में राहत मांगी थी।
उस फैसले में कोर्ट ने कहा था कि क्रीमी लेयर तय करते समय माता-पिता की आमदनी देखना काफी नहीं है. उनका पद और सामाजिक स्थिति को भी देखा जाना चाहिए। वहीं दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा रोकने के लिए क्या कदम उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण के लिए गरीब लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि गरीब लोग प्रदूषण फैलाने वाले नहीं, बल्कि इसके सबसे ज्यादा शिकार होते हैं।
केंद्र सरकार ने अगस्त महीने में अर्जी की थी दाखिल
केंद्र सरकार ने अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर फैसले पर स्पष्टीकरण की मांग की थी। फैसले को तुरंत लागू करने से कई प्रशासनिक परेशानियां पैदा हो सकती हैं सिविल सेवा परीक्षा 2025 के कैडर और सेवाओं का आवंटन, प्रशिक्षण और दूसरी प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। 2016 के बाद केंद्र सरकार, रेलवे, बैंक, अर्धसैनिक बलों और विश्वविद्यालयों में करीब 3 लाख 70 हजार ओबीसी नियुक्तियां हुई हैं। अगर फैसले को पिछली तारीख से लागू किया गया तो बड़ी संख्या में नए विवाद और मुकदमे हो सकते हैं। राज्यों से बातचीत और बड़ी संख्या में सरकारी संस्थानों को देखते हुए इसमें करीब 2 साल तक का समय लग सकता है। निजी क्षेत्र के पदों को सरकारी पदों के बराबर मानने के लिए भी काफी समय लग सकता है। कोर्ट ने सरकार के 2004 के उस आदेश को गलत माना था, जिसमें वेतन से आय के आधार पर पीएस, बैंक और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के बच्चों को क्रीमी लेयर या नॉन क्रीमी लेयर में नियम लागू किया गया था,इसी आदेश में सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को इस नियम से अलग रखा गया था. उनके लिए व्यवस्था थी कि उनके पद के आधार पर उनके बच्चों की श्रेणी तय की जाएगी. कोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में दिए समानता के अधिकार के खिलाफ माना था।
वायु प्रदूषण बढऩे की बड़ी वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढऩे की बड़ी वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं है, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा कि प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दीवाली के दौरान प्रदूषण को लेकर जितने ज्यादा प्रतिबंध लगाए जाएंगे, उनके उल्लंघन की आशंका भी उतनी ही बढ़ सकती है। इसलिए लोगों में प्रदूषण को लेकर जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना जरूरी है।
प्रदूषण के लिए गरीब लोग जिम्मेदार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
दिवाली के दौरान सडक़ों पर गाडिय़ों की संख्या बढ़ जाने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि त्योहारों को मनाने के लिए हमें अपनी पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों की ओर लौटने पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदूषण के लिए गरीब लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गरीब लोग प्रदूषण फैलाने वाले नहीं, बल्कि इसके सबसे ज्यादा शिकार होते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह दीवाली के बाद मामले पर आगे सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक्यूआई बढऩे की स्थिति में सभी आयु वर्ग के बच्चों के लिए स्कूलों में होने वाली कक्षाएं बंद करने के अनुरोध वाली याचिका पर वह विशेषज्ञों की राय के आधार पर फैसला करेगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए और जब वे पराली जलाने के आर्थिक नुकसान को समझेंगे, तो खुद ही ऐसा करना बंद कर देंगे। दिवाली ही वह समय है, जब गरीब लोग अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं, उन्हें बड़ी कारों और वाहनों के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है।

सीजेआई पर टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट नाराज
- केरलम कांग्रेस से पूछा- आप पर क्यों ना करें केस?
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उनसे जवाब मांगा है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को लेकर की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट (जिसे अब हटा दिया गया है) के मामले में, उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की एक पीठ, वकील विनीत जिंदल की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
इस याचिका में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की केरलम इकाई के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रकाशित एक पोस्ट को लेकर स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान, केरलम कांग्रेस समिति के वकील ने बताया कि वह सामग्री पदाधिकारियों की मंजूरी के बिना अपलोड की गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया और बिना शर्त माफी भी मांग ली गई। जस्टिस अरविंद कुमार ने टिप्पणी की कि अदालत यह देखेगी कि यह माफी कलम से आई है या दिल से।
फैजुल्लागंज भाजपा पार्षद रामू दास कनौजिया गिरफ्तार
- किसान यूनियन ने पार्षद और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। फैजुल्लागंज के पार्षद रामू दास कनौजिया को मारपीट मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर ये मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पीडि़त परिवार के बाद अब किसान यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला ने भी पार्षद और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। पीडि़त का आरोप है कि पार्षद रामू कनौजिया इतने नशे में थे कि वह लगातार मारपीट करते रहे। वह बार-बार पूछता रहा कि आखिर उसे क्यों पीटा जा रहा है, लेकिन पार्षद और उनके साथ मौजूद लोगों ने उसकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि पार्षद के साथियों ने भी लाठियों और तार के चाबुक से हमला किया।
पत्नी पति को पिटता देखकर बचाने के लिए आगे आती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी गुहार तक नहीं सुनी। नव भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला ने आरोप लगाया कि बीमार बहन के आय प्रमाण पत्र के सिलसिले में मदद मांगने गए परिवार को लाठी-डंडे मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि चौकी के अंदर भी रामू कनौजिया के साथ मारपीट और धमकी दी गई। चौकी इंचार्ज पर एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया। निर्मल शुक्ला ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरे मामले में गोलमोल जवाब दे रहा है। उन्होंने धोबी घाट की जमीन को लेकर भी पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें भूमाफिया तथा अपराधी बताया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं है निर्मल शुक्ला ने प्रयागराज में केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए ब्राह्मणों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि आखिर ब्राह्मणों का कसूर क्या है?
पार्षद ने अपने ऊपर सुतली बम से हमला खुद करवाने का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्षद को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह घर में घुसकर जूते से मारेंगी। मडय़िांव पुलिस को भी एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करके दिखाने की चुनौती दी।
धरने की चेतावनी के बाद थाने पहुंचे पार्षद
मामले में नया मोड़ तब आया जब पीडि़त परिवार ने कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। इसके बाद पार्षद रामू कनौजिया खुद मडय़िांव थाने पहुंचे और पुलिस के सामने पेश हुए। बताया जा रहा है कि इससे पहले उनके कुछ साथी भी थाने पहुंचे थे। फिलहाल पार्षद की जमानत के कागजात तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब सवाल यह है कि मारपीट के आरोपों में पुलिस क्या कार्रवाई करती है? पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या मामला आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाएगा?
कांग्रेस ने साधा गृह मंत्री पर निशाना
- पवन खेड़ा बोले- 7 साल में 3 करोड़ घुसपैठियों को नहीं संभाल पाए?
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कांग्रेस ने बड़ा हमला किया है। कांग्रेस से राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि गृह मंत्री शाह अपना मंत्रालय संभालने में नाकाम रहे हैं। उन्हें वापस बीजेपी अध्यक्ष बनने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने एक्स पोस्ट में कहा कि मोटा भाई, अगर गृह मंत्रालय आपसे नहीं संभल रहा तो आप उस कुर्सी से क्यों चिपके हुए हैं? सात सालों में देश के तीन करोड़ घुसपैठियों को नहीं संभाला जा सका है। मणिपुर 3 सालों से काबू में नहीं है।
अब अरुणाचल प्रदेश भी नहीं संभल रहा है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलवामा हुआ, पहलगाम हुआ, लाल किले पर धमाका हुआ। राष्ट्रीय राजधानी के ठीक बगल में 300 किलो आरडीएक्स मिला। यह आपके बस का काम नहीं है। इसे छोड़ दीजिए। उन्होंने ये भी कहा कि अमित शाह को गृह मंत्रालय छोडक़र बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाना चाहिए और अपने मोबाइल सर्कस को हैदराबाद से करनाल और भारत के बाकी राज्यों में ले जाना चाहिए।
वापस बीजेपी अध्यक्ष बन जाएं
पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बेचारे नितिन नवीन को वैसे भी कुछ समझ नहीं आ रहा। उनको भी आजाद करिए। वो भी खुश, आप भी खुश। और देश तो खैर, आपसे छुटकारा पाने के इंतजार में है ही। उन्होंने पूछा कि गृह मंत्रालय से चिपके रहकर आप देश की नैया क्यों डुबो रहे हैं? कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि जिसका काम उसी को साजे, और करे तो!
लालू यादव को सीवान कोर्ट से राहत
- आचार संहिता के उल्लंघन मामले में मिली जमानत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव शुक्रवार (06 नवंबर, 2026) को सीवान कोर्ट में पेश हुए, मामला 2011 का है, अपनी पार्टी के प्रत्याशी के विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए लालू यादव लेट से पहुंचे थे, समय खत्म होने के बाद भी भाषण दिया था, ऐसे में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था। आरजेडी प्रत्याशी परमेश्वर सिंह और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, ये दोनों लोगों आरोपी बनाए गए थे।
उस वक्त प्रत्याशी रहे परमेश्वर सिंह की मौत हो चुकी है, इस केस में लालू यादव को कोर्ट के द्वारा कई बार बुलाया गया था, लेकिन तबीयत खराब के कारण नहीं पहुंच रहे थे। शुक्रवार को पेश हुए तो इस मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। इस मामले में लालू यादव के वकील ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि लालू यादव को कई बार नोटिस गया था। वह उपस्थित नहीं हो सके थे। इसके बाद उसके बाद गैर जमानती वारंट जारी हुआ। अस्वस्थ होने के कारण वे पेश नहीं हो पा रहे थे, फिर कुर्की-जब्ती का भी आदेश जारी हुआ, लेकिन उनकी तरफ से हम लोगों ने याचिका दायर की थी। उसमें हम लोगों ने सब कुछ बताया था।
कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में लगी आग
- पटियाला में चलती ट्रेन में मची अफरा-तफरी, सभी यात्री सुरक्षित
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
राजपुरा। अमृतसर की ओर आ रही कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार जनरल कोचों में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन के डिब्बों से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देख यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। अपनी जान बचाने के लिए यात्री चलती ट्रेन से नीचे उतरने लगे।
घटना राजपुरा के पास हुई। रेलवे कर्मचारियों, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी यात्री के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।



