नवंबर में सेना से बाहर आएंगे पहले अग्निवीर, जानिए नौकरी और सुविधाओं को लेकर क्या है तैयारी?
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा पूरी होने का समय करीब आ रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा पूरी होने का समय करीब आ रहा है।
नवंबर 2026 से पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा पूरी होने की प्रक्रिया शुरू होने की खबर है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को कितनी राशि मिलेगी, क्या उन्हें सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिलेगी और कितने अग्निवीरों को सेना में स्थायी रूप से सेवा जारी रखने का मौका मिलेगा।
अग्निपथ योजना के मौजूदा मूल प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को संगठनात्मक जरूरतों, प्रदर्शन और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। शेष अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने पर उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। हालांकि, अलग-अलग सेनाओं में सेवा समाप्ति की तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित आधिकारिक निर्देशों से करना जरूरी है।
21 नवंबर को पहला बैच बाहर आएगा, तीनों सेनाएं रिटेंशन रेट बढ़ाना चाहती हैं
21 नवंबर 2026 को इंडियन नेवी से अग्निवीर का पहला बैच बाहर आएगा. यानी कि पहले बैच में भर्ती हुए 75 फीसदी कैंडिडेट्स की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी. तो वहीं 25 फीसदी कैंडिडेट्स को स्थाई किया जाएगा. हालांकि तीनों सेनाएं अग्निवीरों को स्थाई करने का रिटेंशन रेट बढ़ाने पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत तीनों सेनाओं की तरफ से पहला बैच बाहर आने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेजा जाना है.
रिटायर हो रहे अग्निवीरों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
चार साल पूरे होने पर सेवा से बाहर आने वाले अग्निवीरों को एक बार में लगभग 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगी. यह राशि पूरी तरह से टैक्स-फ्री होगी. इसमें अग्निवीर का अपना योगदान, सरकार का बराबर का हिस्सा और सेवा काल के दौरान का ब्याज शामिल होता है. इसके अलावा पूर्व अग्निवीर को 48 लाख का बीमा और स्किल सर्टिफिकेट भी मिलता है, जो आगे नौकरी मिलने में काम आ सकता है. वहीं मेडिकल व कैंटीन सुविधा नहीं मिलेगी.
दौबारा नौकरी देने को लेकर क्या है प्लान
पूर्व अग्निवीर को दोबारा सरकारी नौकरी देने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में ऐसे कैंडिडेट्स के भर्तियों में सीटें रिजर्व की गई हैं. तो वहीं एग्जाम व टेस्ट से छूट देने का फैसला भी लिया जा चुका है. आइए, जानते हैं कि रिटायर होने वाले अग्निवीर कैंडिडेट्स को दोबारा नौकरी देने को लेकर क्या-क्या फैसले लिए गए हैं.
दोबारा नौकरी के लिए गृह मंत्रालय बना रहा पोर्टल
पूर्व अग्निवीरों को दोबारा नौकरी देने के लिए गृह मंत्रालय एक पोर्टल बना रहा है. इस पोर्टल का बनाने का मुख्य मकसद पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी का एडजस्ट करने का है, जिसके तहत इस पोर्टल के माध्यम से पूर्व अग्निवीरों को जाॅब के ऑप्शन दिए जाएंगे.
CAPF व असम राइफल में 50 फीसदी रिजर्वेशन, टेस्ट में छूट
पूर्व अग्निवीरों को दोबारा सरकारी के अवसर देने के लिए BSF, CRPF, CISF, ITBP जैसे अर्धसैनिक बल यानी CAPF और असम राइफल्स में आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत CAPF व असम राइफल में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर 50 फीसदी आरक्षण देने का प्रावाधान किया है. इन सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए पूर्व-अग्निवीर नाम से नई कैटेगरी बनाई गई है.
PST, PET और लिखित परीक्षा से छूट
इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को CAPF और असम राइफल भर्ती में फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (Physical Standards Test, PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (Physical Efficiency Test, PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी. ये छूट कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन पदों के लिए है.
राज्यों में आरक्षण और आयु सीमा में छूट
वहीं कई राज्य सरकारें भी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी का अवसर देने के लिए कई तरह की घोषणाएं कर चुकी हैं, जिसके तहत सरकारी नौकरियों के विभिन्न पदों के लिए 10 से 20 फीसदी आरक्षित किए गए हैं. तो वहीं आयु सीमा में नियम में 5 से 3 साल की छूट मिलेगी. मतलब पूर्व अग्निवीर अभ्यर्थियों के पास सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए सामान्य अभ्यर्थियों से 3 साल का अधिक समय होगा. पहले बैच को 5 साल की छूट मिलेगी. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्य ये घोषणा कर चुके हैं.



