अब अदालत में साबित होगी सच्चाई : अकोइजम

- जेएनयू मामले में एफआईआर पर बोले सांसद
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली के जेएनयू में अपने ऊपर लगे यौन उत्पीडऩ के आरोपों के सिलसिले में दर्ज एफआईआर पर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। मामले की सच्चाई पर जेएनयू की उस खाप पंचायत के बजाय अदालत में चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि मैंने देखा है कि नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है। मैं हमेशा यही सवाल करती हूँ कि क्या वे ऐसा किसी ताकतवर मंत्री, सांसद या विधायक के साथ करते जो तथाकथित मेनस्ट्रीम (मुख्यधारा) से हो? उन्होंने कहा कि मैंने अच्छे मार्क्स के बदले सेक्स की मांग की। क्या उनके लीक हुए आरोपों में भी यह बात है? ऐसा नहीं है, शिकायत में भी यह बात नहीं है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वे 11 लोगों की बात कर रहे हैं। जबकि कुल 97 स्टूडेंट्स में से 15 लोग हैं, जिनमें लडक़े भी शामिल हैं। क्या पोश एक्ट के तहत लडक़े शिकायतकर्ता हो सकते हैं? यह उस सिस्टम का पूरी तरह मज़ाक उड़ाना है जिसे सुरक्षा और जेंडर जस्टिस के लिए बनाया गया था… इतने लंबे समय तक इस देश की सेवा करने के बाद मैं मणिपुर वापस जा रही हूँ। मुझे यहाँ अपनी जड़ें तलाशनी हैं। अगर आपको लगता है कि इस देश की इतनी सेवा करने के बाद आप मेरे साथ ऐसा बर्ताव कर सकते हैं, तो आपको इसके नतीजे भी देखने को मिलेंगे। इससे पहले पूरे देश में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस के लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम की गिरफ्तारी और सस्पेंशन की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। अकोइजम लोकसभा में इनर मणिपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन पर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में महिला स्टूडेंट्स के साथ यौन उत्पीडऩ के आरोप हैं। यह विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब कांग्रेस और इंकडश ठबंधन के दूसरे नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे हैं।



