बदायूं में किसान परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, तीन पशुओं की मौत और पांच बीघा फसल तबाह
उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद के बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बमेड में एक परिवार के साथ हुई संदिग्ध घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद के बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बमेड में एक परिवार के साथ हुई संदिग्ध घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
यहां अज्ञात लोगों पर रात के अंधेरे में पालतू पशुओं को जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने और खेत में खड़ी फसल को बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। घटना में परिवार के तीन पशुओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य पशु की हालत गंभीर बनी हुई है।
इतना ही नहीं, आरोप है कि हमलावरों ने परिवार के करीब पांच बीघा खेत में खड़ी शिमला मिर्च की फसल को भी उखाड़कर नष्ट कर दिया। घटनास्थल के आसपास चार चाकू मिलने की बात सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
एक ही रात में पशुओं की मौत, फसल को नुकसान और मौके से चाकू मिलने की घटना से पीड़ित परिवार सदमे में है। वहीं गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पीड़ित परिवार ने बिल्सी पुलिस को सूचना देकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार रात सुरक्षित बांधे थे चारों पशु, सुबह मिला दर्दनाक मंजर
गांव बमेड निवासी वीरेंद्र पुत्र चंद्रपाल के मुताबिक, शनिवार की रात उन्होंने अपने चारों पालतू पशुओं को रोजाना की तरह सुरक्षित स्थान पर बांधा था। परिवार के लोग रात में सामान्य रूप से सोने चले गए। उस समय तक सब कुछ ठीक था और किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी।
रविवार सुबह करीब चार बजे जब परिवार के सदस्य पशुओं को चारा डालने के लिए पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। चार में से तीन पशु मृत अवस्था में पड़े हुए थे, जबकि चौथा पशु गंभीर हालत में तड़प रहा था। अचानक हुई इस घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
परिवार का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रात के दौरान पशुओं के चारा खाने वाले स्थान पर जहरीला पदार्थ डाल दिया था। आशंका जताई जा रही है कि उसी पदार्थ को खाने के कारण तीनों पशुओं की मौत हुई और चौथे की हालत बिगड़ गई। पीड़ित परिवार का दावा है कि मौके पर संदिग्ध पदार्थ भी पड़ा मिला है। हालांकि, पशुओं की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
पांच बीघा खेत में खड़ी शिमला मिर्च की फसल भी की बर्बाद
इस घटना का दूसरा पहलू और भी चौंकाने वाला है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अज्ञात लोगों ने केवल पशुओं को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि उनके खेत में खड़ी फसल को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
बताया गया है कि परिवार के करीब पांच बीघा खेत में शिमला मिर्च की फसल खड़ी थी। आरोप है कि रात के दौरान किसी ने खेत में पहुंचकर फसल को उखाड़ दिया और उसे नष्ट कर दिया। इससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
खेती-किसानी पर निर्भर परिवार के लिए पशुओं की मौत के साथ-साथ तैयार हो रही फसल का बर्बाद होना किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं है। परिवार के सामने अब पशुधन के नुकसान के साथ खेती से होने वाली आमदनी प्रभावित होने की चिंता भी खड़ी हो गई है।
खेत में मिले चार चाकू, घटना को लेकर उठ रहे कई सवाल
घटनास्थल के पास खेत में चार चाकू मिलने की बात भी सामने आई है। एक ही रात में तीन पशुओं की संदिग्ध मौत, चौथे पशु की गंभीर हालत, पांच बीघा शिमला मिर्च की फसल को नुकसान और चार चाकुओं का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।
आखिर अज्ञात लोग किस मकसद से परिवार के पशुओं और फसल को निशाना बनाने पहुंचे थे? क्या पशुओं को जानबूझकर जहरीला पदार्थ दिया गया या इसके पीछे कोई अन्य कारण है? खेत में मिले चाकुओं का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं? इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल से मिले कथित संदिग्ध पदार्थ और चाकुओं की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीण, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तीन पशुओं की मौत और फसल बर्बाद होने की जानकारी सुनकर लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति दुख जताया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि किसी ने जानबूझकर पशुओं को नुकसान पहुंचाया और खेत में खड़ी फसल को नष्ट किया है तो मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
पीड़ित वीरेंद्र पुत्र चंद्रपाल और उनके परिजनों ने बिल्सी पुलिस को घटना की सूचना देकर शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाए, घटनास्थल का निरीक्षण किया जाए और पशुओं की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच कराई जाए।
परिवार ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही खेत में नष्ट हुई शिमला मिर्च की फसल और पशुओं के नुकसान का आकलन कराए जाने की भी जरूरत है।
पशुओं की चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा मौत का कारण
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल तीनों पशुओं की मौत के वास्तविक कारण को लेकर है। परिवार ने जहरीला पदार्थ दिए जाने की आशंका जताई है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पशुओं के चिकित्सकीय परीक्षण और संदिग्ध पदार्थ की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी मौत किस वजह से हुई।
इसी तरह खेत में खड़ी फसल को किसने और किन परिस्थितियों में नष्ट किया, यह भी पुलिस जांच का विषय है। घटनास्थल के पास मिले चार चाकुओं की भूमिका और उनकी बरामदगी से जुड़े तथ्यों की जांच भी महत्वपूर्ण रहेगी।
अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना के पीछे शामिल लोगों का पता लगाया जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
रिपोर्ट:- संतुलित पाठक,बदायूं



