दिल्ली वक्फ बोर्ड भर्ती घोटाले में 28 नवंबर को आएगा फैसला, अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपी

अदालत ने कहा है कि अभी आदेश तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली वक्फ बोर्ड मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान और अन्य आरोपियों को फिलहाल अदालत के फैसले का इंतजार करना होगा।

राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी है। अदालत ने कहा है कि अभी आदेश तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की है।

इस मामले में अमानतुल्लाह खान समेत कुल 11 लोग आरोपी हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमानतुल्लाह खान को इस मामले में कोई राहत मिलने वाली है या आने वाले दिनों में उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं?

क्यों टली फैसले की तारीख?

दरअसल, दिल्ली वक्फ बोर्ड से जुड़े इस मामले में अदालत को फैसला सुनाना था। लेकिन निर्धारित तारीख पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। इसी वजह से फैसला सुनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया।

अदालत ने अब अगली तारीख 28 नवंबर तय की है। यानी फिलहाल आरोपियों को अदालत के अंतिम आदेश के लिए कुछ और इंतजार करना होगा।

हालांकि, फैसले की तारीख आगे बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने किसी आरोपी को दोषी करार दे दिया है या उसे राहत दे दी है। यह केवल आदेश तैयार नहीं होने के कारण सुनवाई की तारीख में किया गया बदलाव है।

क्या अमानतुल्लाह खान को मिली राहत?

कोर्ट की ओर से फैसले की तारीख आगे बढ़ाए जाने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अमानतुल्लाह खान को लेकर हो रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या इस घटनाक्रम को उनके लिए राहत माना जाए?

फिलहाल इसका सीधा जवाब है कि अभी अमानतुल्लाह खान को कोई नई कानूनी राहत मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। अदालत ने न तो इस तारीख पर उन्हें बरी किया है और न ही उनके खिलाफ कोई नया दोषसिद्धि आदेश सुनाया है।

इसलिए इस घटनाक्रम को उनकी जीत या हार के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। असली स्थिति अदालत के अगले आदेश के बाद ही साफ हो सकेगी।

यह मामला विधायक अमानतुल्लाह खान के कार्यकाल के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्तियों और अन्य मामलों में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। सीबीआई ने इस मामले में अमानतुल्लाह खान एवं सीईओ महबूब आलम और अन्य लोगों को आरोपी बनाया था।

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