फाइनल वोटर लिस्ट का इंतजार खत्म, आंध्र प्रदेश-मेघालय में नई तारीख तय

पहले से तय कार्यक्रम के हिसाब से आंध्र प्रदेश के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख 9 अक्टूबर और मेघालय के लिए 21 अक्टूबर तय की गई थी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पहले से तय कार्यक्रम के हिसाब से आंध्र प्रदेश के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख 9 अक्टूबर और मेघालय के लिए 21 अक्टूबर तय की गई थी.

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देश की सियासत पिछले कुछ समय से गरमाई हुई है और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार प्रदर्शन कर रहा है. विवादों के इतर चुनाव आयोग अपने काम पर लगा हुआ है. आयोग (EC) ने आज बुधवार को आंध्र प्रदेश और मेघालय में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रोसेस की तारीख बढ़ा दी है.

आयोग अब नई तारीखों के तहत आंध्र प्रदेश में 16 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी करेगा तो 26 अक्टूबर को मेघालय में फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी. इससे पहले, आंध्र प्रदेश के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख 9 अक्टूबर और मेघालय के लिए 21 अक्टूबर तय की गई थी.

बैठक में शामिल हुए तीनों चुनाव आयुक्त
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि यह फैसला निर्वाचन सदन में आज हुई एक बैठक में लिया गया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हुए थे.
आंध्र प्रदेश में, एसआईआर को लेकर नोटिस का चरण और दावों तथा आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया, जो 31 जुलाई को शुरू हुई थी, 10 अक्टूबर तक जारी रहेगी. अब फाइनल वोटर लिस्ट 16 अक्टूबर को जारी की जाएगी.

मेघालय के लिए, चुनाव आयोग ने फाइनल लिस्ट जारी करने की तारीख 26 अक्टूबर घोषित की है. यहां पर वोटर लिस्ट में दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए कोई नई समय-सीमा नहीं बताई गई और न ही शेड्यूल बढ़ाने का कारण बताया गया.

यह फैसला चुनाव आयोग की ओर से कई उपाय घोषित करने के कुछ दिनों बाद आया है. ये उपाय संधू और जोशी द्वारा रिविजन प्रक्रिया के कुछ पहलुओं पर आपत्ति जताने के बाद किए गए थे, जिनमें वोटर एनरोलमेंट फॉर्म में बदलाव और वोटर-लिस्ट-मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का कामकाज शामिल था.

26 सितंबर को हुई थी पिछली बैठक
मीडिया में आई खबर के बाद चुनाव आयोग में 26 सितंबर को पूरे आयोग की बैठक हुई जिसमें चुनाव आयोग ने कहा कि SIR से संबंधित आदेशों को तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी. आयोग ने यह भी कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 6 के साथ जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र लागू होगा, जबकि ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ के तहत निर्धारित कानूनी फॉर्म का इस्तेमाल SIR-रहित अवधि के दौरान किया जाएगा.

इसके बाद मंगलवार को, चुनाव आयोग ने उन राज्यों में ऑनलाइन वोटर एनरोलमेंट फॉर्म 6 से SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा लिया, जहां यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. आयोग ने अलग-अलग चरणों के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का तीसरा चरण शुरू किया था, जिसमें 36.73 करोड़ वोटर शामिल थे.

आंध्र प्रदेश और मेघालय की तरह ही, चुनाव आयोग ने पहले महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा और पंजाब में अंतिम वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख आगे बढ़ाई है. SIR के दूसरे चरण के दौरान भी, अलग-अलग वजहों से तय समय सीमा में बार-बार बदलाव किए गए थे.

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