योगी जी! आयुष्मान कार्ड दिखाएं या फिर ऊपर से सोर्स लगाएं
40 हजार रुपये से ज्यादा का खर्च हो गया 10 घंटे में

स्पेशल डॉक्टर के नहीं पहुंचने और आयुष्मान पर इलाज से इनकार
लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल में गंभीर मरीज के इलाज को लेकर परिजनों की शिकायत
फोन पर मिला सिफारिश का रास्ता तलाशने की सलाह
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक जवाबदेही के सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकार कहती है कि गरीब के पास आयुष्मान कार्ड है तो पांच लाख रुपये तक के उपचार का सुरक्षा कवच है। लेकिन जब गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचता है और उसके परिवार को यह सुनना पड़े कि कार्ड पर इलाज नहीं हो पाएगा कहीं ऊपर से सोर्स लगवा दीजिए तब सवाल केवल एक अस्पताल का नहीं रह जाता। सवाल उस भरोसे का है जिसके सहारे गरीब परिवार बीमारी के सबसे मुश्किल वक्त में सरकारी योजना का दरवाजा खटखटाता है।
मऊ से लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल पहुंचे एक गंभीर मरीज के परिजनों ने इलाज में देरी शुरुआती घंटों में भारी खर्च और आयुष्मान कार्ड के बावजूद उपचार नहीं मिलने की शिकायत की दर्ज करायी है। अस्पताल में फोन कर जानकारी लेने पर भी ऐसा जवाब मिला जिसने पूरी व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। परिजनों के मुताबिक, मऊ से गंभीर हालत में मरीज को लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल लाया गया और रात करीब दो बजे भर्ती कराया गया। परिवार का कहना है कि सुबह करीब बारह बजे तक फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉ. आमिर मरीज को देखने नहीं पहुंचे थे। इस दौरान लगभग दस घंटे में करीब 40 हजार रुपये खर्च होने की बात भी परिजनों ने कही है। परिवार की चिंता दोहरी है एक तरफ मरीज की गंभीर हालत दूसरी तरफ तेजी से खर्च होती जमा पूंजी। ऐसे समय में आयुष्मान कार्ड से उपचार की उम्मीद स्वाभाविक है। लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें बताया गया कि कार्ड पर इलाज नहीं हो पाएगा। अब अस्पताल को स्पष्ट करना चाहिए कि मरीज की चिकित्सकीय स्थिति क्या थी विशेषज्ञ को कब बुलाया गया और आयुष्मान योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराने में बाधा क्या थी।

फोन पर क्या मिला जवाब, उठे गंभीर सवाल
मामले की जानकारी लेने के लिए अस्पताल में फोन 4पीएम ने फोन किया कि आखिर माजरा क्या है। परिजन इस तरह के आरोप क्यों लगा रहे हैं और मरीज का ईलाज क्यों नहीं हो पा रहा है। अस्पताल से मिलने वाले जवाब को सुन कर आप सन्न रह जाएंगे। 4पीएम को बताया गया कि आयुष्यमान कार्ड से के बेड भरे हुए हैं ईलाज तभी संभव है जब आप उपर से जुगाड़ लागाए। यह जवाब सामान्य मरीज के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है। योजना के तहत उपचार की उपलब्धता नियमों अस्पताल की सूचीबद्ध सेवाओं, पात्रता और संबंधित उपचार की स्वीकृति पर निर्भर करती है। ऐसे में किसी परिवार को सिफारिश तलाशने की सलाह किस आधार पर दी गई? क्या योजना के अंतर्गत बिस्तर या उपचार की उपलब्धता की कोई निर्धारित व्यवस्था है? यदि क्षमता पूरी हो चुकी थी तो परिवार को दूसरे सूचीबद्ध अस्पताल का रास्ता क्यों नहीं बताया गया? और यदि इलाज संभव था तो उसे उपलब्ध कराने की प्रक्रिया क्या थी? इन सवालों का जवाब अस्पताल प्रबंधन को देना होगा।
क्या आयुष्मान मरीजों को नहीं देखते विशेषज्ञ डॉक्टर?
फोन पर बातचीत के दौरान संबंधित व्यक्ति ने यह भी कहा कि डॉ. आमिर आयुष्मान योजना के मरीजों को नहीं देखते। सवाल बड़ा हो गया है कि क्या स्पेशल डाक्टर आयुष्मान कार्ड मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
हेल्थ मिनिस्टर सर इस शिकायत पर भी तत्परता दिखाइये
उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अस्पतालों के निरीक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर सक्रियता दिखाते रहे हैं। ऐसे में इस शिकायत पर भी तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए। मुख्य सचिव और मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ से अपेक्षा है कि वे अस्पताल प्रबंधन से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगें। मरीज को किस समय किस डॉक्टर ने देखा? फेफड़ों के विशेषज्ञ को बुलाने में देरी क्यों हुई? शुरुआती दस घंटों में लिए गए करीब 40 हजार रुपये किन सेवाओं, जांचों, दवाओं या अन्य मदों के लिए थे? क्या मरीज आयुष्मान योजना के तहत पात्र था? संबंधित अस्पताल में उस उपचार की सुविधा और योजना की स्वीकृति उपलब्ध थी या नहीं? यदि उपचार से इनकार किया गया तो उसका नियमसम्मत कारण क्या था? इन प्रश्नों के जवाब दस्तावेजों के आधार पर सामने आने चाहिए।
135 किलो ड्रग्स केस से तमिलनाडु में सियासी तूफान
टीवीके नेता गिरफ्तार एमके स्टालिन ने सीएम विजय को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। मिलनाडु की सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के एक नेता को नागापट्टिनम में मेथामफेटामाइन नाम के ड्रग्स तस्करी के कथित मामले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के बाद विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा है।
उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि मामले में करीब 135 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुआ है, जिसकी कीमत कई सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस खेप को श्रीलंका भेजने की योजना थी. हालांकि ष्ठक्रढ्ढ ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीवीएके प्रवक्ता एम. सत्य कुमार ने कहा कि जैसे ही पार्टी को आरोपों की जानकारी मिली, बूबलन को तत्काल पार्टी से बाहर कर दिया गया. उन्होंने कहा,जैसे ही पार्टी को इसकी जानकारी मिली, संबंधित पदाधिकारी को हटा दिया गया. हम हर सदस्य का बैकग्राउंड चेक नहीं कर सकते. कई बार लोग नेताओं के साथ तस्वीरें भी खिंचवा लेते हैं सत्य कुमार ने यह भी कहा कि पहले डीएमके शासनकाल में जाफर सादिक की गिरफ्तारी के बाद भी उन्हें पार्टी से बाहर किया था।
टीवीके ने आरोपी को पार्टी से निकाला
गिरफ्तार नेता बूबलन को टीवीके ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी का कहना है कि अवैध गतिविधियों में कथित संलिप्तता उसके सिद्धांतों और मूल्यों के खिलाफ है. साथ ही पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे बूबलन से किसी भी प्रकार का संबंध न रखें। इस बीच सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय के साथ बूबलन की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।
उदयनिधि ने जांच की मांग की
उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान में विजय के चर्चित अभियान संदेश नशा छोड़ो, खेल अपनाओ का जिक्र करते हुए सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल उठाए.उन्होंने पूछा कि मादक पदार्थ कहां से आए, इन्हें खरीदने वाले कौन हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं? उदयनिधि ने यह भी आरोप लगाया कि तस्करी में प्रभावशाली लोगों को पैसा दिया गया होगा। उन्होंने एनआईए और ईडी से मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
फार्मा कंपनी में रिएक्टर फटने से 5 लोगों की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
अहमदाबाद। गुजरात के भरूच जिले के वागरा तालुका के सायखा में स्थित सिंजिल फार्मा कंपनी में एक रिएक्टर अचानक फट गया।प्रोडक्शन प्रोसेस के दौरान हुआ ये विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है।
वहीं पांच गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया और सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए भरूच के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिएक्टर में विस्फोट होने से ये हादसा हुआ है।
रिएक्टर में क्या प्रक्रिया चल रही थी और विस्फोट कब हुआ, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।माना जा रहा है कि विस्फोट किसी रासायनिक प्रक्रिया में गड़बड़ी, तकनीकी खराबी या दबाव में बदलाव के कारण हुआ होगा, लेकिन सटीक कारण विशेषज्ञों की जांच के बाद ही पता चलेगा।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से दहला ग्रेटर नोएडा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नंगला श्रीपदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतकों में पति, पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। इस घटना से पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला जहर खाने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान महेश (36), उनकी पत्नी ललिता (34), बेटा लड्डू (12), बेटी मिस्टी (8) और सबसे छोटी बेटी साक्षी (4) के रूप में हुई है।
पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
कांग्रेस नहीं जनता चाहती है सत्ता परिवर्तन : सिब्बल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर राज्यसभा सांसद का पलटवार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया था। सिब्बल ने कहा कि जनता खुद सत्ता परिवर्तन चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है।
सिब्बल की यह टिप्पणी राजनाथ सिंह के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी गड़बडय़िों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधा था। सिंह ने उन पर आरोप लगाया था कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि लोकतंत्र किसी को भी अव्यवस्था फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की छूट नहीं देता है। एक्स पर एक पोस्ट में सिब्बल ने कहा, राजनाथ सिंह: आप आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहती है। नहीं। असल में जनता सत्ता परिवर्तन चाहती है। निर्दलीय सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत के नारों वाले विरोध-प्रदर्शनों ने ही आपको सत्ता दिलाई थी। लेकिन बाद में आपने भ्रष्टाचार को अपना लिया, संस्थाओं पर कब्ज़ा कर लिया और मतदाता सूची में हेरफेर की। अब आपके जाने का समय आ गया है!शुक्रवार को सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी, सीधे तौर पर या अपने समर्थक संगठनों के ज़रिए, युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाने के बजाय, उसका इस्तेमाल राजनीतिक टकराव बढ़ाने और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी बांग्लादेश की तर्ज पर सरकार बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरा बनाया जा रहा है।



