इस्तीफा दो, कार्रवाई करो: छात्रों की पिटाई पर संसद में पांचवें दिन भी हंगामा
राहुल गांधी ने प्रधान के इस्तीफे, पीएम की माफी और दोषियों पर कार्रवाई को चर्चा की शर्त बताया है. सरकार बहस चाहती है, पर विपक्ष जवाबदेही पर अड़ा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने लगातार 5वें दिन संसद में हंगामा किया, जिससे कार्यवाही ठप हो गई.
राहुल गांधी ने प्रधान के इस्तीफे, पीएम की माफी और दोषियों पर कार्रवाई को चर्चा की शर्त बताया है. सरकार बहस चाहती है, पर विपक्ष जवाबदेही पर अड़ा है.
NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को लगातार 5वें दिन भी हंगामा जारी रहा, जिसके कारण संसद के दोनों सदनों को की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
विरोध कर रहे सांसद जवाबदेही की मांग करते रहे, जिससे संसद में राजनीतिक गतिरोध और बढ़ गया, जबकि केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने उनसे लोकसभा में बहस होने देने का आग्रह किया.
सदन में बयान देते हुए, रिजिजू ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों से संसद में बहस होने देने के लिए बार-बार संपर्क किया है. रिजिजू ने कहा कि NEET पर बहस न होने से देश में गलत संदेश जाएगा.
सत्तापक्ष ने बहस पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोगों को भरोसा दिलाया है कि पेपर लीक पर कानून बनेगा और ऐसे मामलों को निपटाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, इसलिए विपक्ष को पहले से शर्तें नहीं रखनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि उन्होंने आज एक बार फिर केसी वेणुगोपाल से बार-बार आग्रह किया. जब हम सबकी राय है कि NEET पर चर्चा होनी चाहिए. प्रधानमंत्री ने खुद पूरे देश को भरोसा दिलाया है. सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी है और चर्चा की मांग की है. अगर हम चर्चा नहीं करते हैं, तो इससे देश में सही मैसेज नहीं जाएगा.”
प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
हालांकि, विपक्षी सदस्य प्रधान के इस्तीफे पर अड़े रहे और “इस्तिफा दो” जैसे नारे लगाए, जिसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधान के इस्तीफे, पीएम की माफी और छात्रों के साथ क्रूरता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई से पहले कोई चर्चा नहीं होगी.
गांधी ने कहा, “(संसदीय मामलों के मंत्री किरेन) रिजिजू ने लोकसभा में एक बयान दिया जिसमें कांग्रेस सांसदों से चर्चा शुरू करने के लिए कहा गया. जब भी किसी का नाम लिया जाता है, तो उस व्यक्ति से जवाब देने के लिए कहना नॉर्मल है. हालांकि, जब मैं रिजिजू को जवाब देने के लिए खड़ा हुआ, तो मुझे बोलने नहीं दिया गया और मेरा माइक बंद कर दिया गया.”
पांचवें दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ी संसद
उन्होंने कहा, मैं विपक्ष का स्टैंड साफ-साफ बताना चाहता था. स्टूडेंट्स की तीन मांगें हैं भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा; स्टूडेंट्स को पीटने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए; और प्रधानमंत्री को स्टूडेंट्स से माफी मांगनी चाहिए.
गांधी ने कहा, ये तीन शर्तें हैं. प्रधान को हटाए जाने से पहले हम कोई बातचीत, कोई चर्चा नहीं करेंगे. पिछले पांच दिनों से, NEET पेपर लीक मामले पर विपक्ष के विरोध के कारण सदन बार-बार स्थगित हो रहा है.



