एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का खास अंदाज, गुरु के साथ भरी उड़ान

भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को अपने उड़ान करियर की आखिरी उड़ान भरकर एक खास पल को यादगार बना दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को अपने उड़ान करियर की आखिरी उड़ान भरकर एक खास पल को यादगार बना दिया।

उन्होंने HJT-16 किरण Mk-1 ट्रेनर विमान में उड़ान भरी। इस दौरान उनके साथ रिटायर्ड विंग कमांडर वी.एस. कोचर भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने शुरुआती दिनों में उन्हें विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया था।

इस उड़ान की सबसे खास बात यही थी कि एपी सिंह ने अपने उड़ान करियर के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर उसी प्रशिक्षक के साथ आसमान में उड़ान भरी, जिनसे उन्होंने उड़ान की शुरुआती बारीकियां सीखी थीं। करीब 55 मिनट तक चली इस उड़ान ने उनके लंबे विमान उड़ाने के अनुभव की एक यादगार कड़ी को सामने रखा।

HJT-16 किरण Mk-1 भारतीय वायु सेना में इस्तेमाल किया जाने वाला एक ट्रेनर विमान है। इसका उपयोग पायलटों को उड़ान का प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है। इस विमान के जरिए प्रशिक्षु पायलट विमान उड़ाने की बुनियादी बातें सीखते हैं और आगे की उड़ानों के लिए खुद को तैयार करते हैं।

किसी भी पायलट के करियर में ट्रेनर विमान की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। इसी चरण में पायलट विमान को नियंत्रित करना, हवा में संतुलन बनाए रखना और उड़ान से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं को समझना सीखते हैं। इसलिए इस तरह के विमान से जुड़ी उड़ानें पायलटों के लिए खास महत्व रखती हैं।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का इसी विमान में उड़ान भरना उनके शुरुआती प्रशिक्षण और उड़ान करियर से जुड़ी यादों को फिर से ताजा करने वाला अवसर रहा।

किरण विमान भारतीय वायु सेना

किरण विमान भारतीय वायु सेना के पायलटों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मंच रहा है. यह उड़ान न केवल एक सफर का अंत थी, बल्कि उस गुरु के प्रति सम्मान दिखाने का एक तरीका भी थी, जिन्होंने उनके उड़ान करियर की शुरुआत में उनका मार्गदर्शन किया था. इस तरह, मंगलवार का दिन एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के भारतीय वायु सेना के विमान उड़ाने के लंबे सफर के एक यादगार अध्याय के पूरा होने का गवाह बना.

यह जगह इतनी खास क्यों है?

उड़ान पूरी करने के बाद जब वे उतरे, तो सम्मान के तौर पर उन्हें ‘वाटर-कैनन सैल्यूट’ दिया गया। सिंह के लिए यह एक भावुक पल था, क्योंकि उन्होंने एयर फोर्स एकेडमी (AFA) के अपने इंस्ट्रक्टर, विंग कमांडर (रिटायर्ड) वी.एस. कोचर के साथ उड़ान भरी थी. यह वही जगह है जहां से उन्होंने अपने फ्लाइंग करियर की शुरुआत की थी.

फाइटर जेट से आखिरी उड़ान

भारतीय वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का करियर जो ‘किरण’ विमान से शुरू हुआ था. उन्होंने 12 अक्टूबर को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर ‘एक्सरसाइज तरंग शक्ति’ के दौरान, स्वदेशी ‘तेजस’ विमान में अपनी आखिरी फाइटर जेट सॉर्टी (उड़ान) भरी.

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