कश्मीर में फिर दिखी सुरक्षा की लापरवाही प्रवासियों पर आतंकी हमला
छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत

विपक्ष ने कें द्र सरकार पर उठाए सवाल, सीएम ने मुआवजे का किया ऐलान
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कश्मीर में पहलगाम में आंतकी हमले में मारे गए पर्यटकों की बरसी अभी बीते कुछ महीने ही हुए थे कि फिर से वहां पर एक हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने बेहद नजदीक से गोलियां बरसार्ईं। इस हमले के बाद राज्य की सुरक्षा पर फिर सवाल उठ गया है। पूरे विपक्ष ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी ने कहा सरकार ने फिर सुरक्षा में लापरवाही दिखाई।
बता दें दक्षिण कश्मीर एक बार फिर आतंक की खूनी साजिश का गवाह बना है। कुलगाम जिले के किलाम गांव में ईंट-भ_े पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों पर शुक्रवार को आतंकियों ने बेहद नजदीक से गोलियां बरसाईं। इस हमले में मौके पर ही दीपक की मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपिंदर ने शनिवार सुबह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेजअस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या बढक़र दो हो गई है।
वहीं सीएम उमर अब्दुल्ला ने मुआवजे का ऐलान किया। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। घायल भूपिंदर को पहले अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था जहां ऑपरेशन के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे श्रीनगर स्थित एसकेआईएमएस रेफर किया गया था। हालांकि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

आतंकी हमले की राजनीतिक दलों ने भी एक स्वर में निंदा की
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इसे अकल्पनीय रूप से क्रूर और निरर्थक हिंसा करार देते हुए कहा कि ये मजदूर अपने परिवार का पेट पालने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर कश्मीर आए थे, लेकिन उन्हें आतंक का शिकार बना दिया गया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकती। सत्तारुढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद इस तरह की नृशंस हत्याएं बेहद चिंताजनक हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तब भी आतंकी आम नागरिकों को निशाना बनाने में कैसे सफल हो रहे हैं। वहीं, अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने इस हमले को दुखद और अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने भी निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाए जाने को घोर निंदनीय बताते हुए पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पीडि़त परिवारों को मिलेगा 10 लाख : उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले में एक आतंकी हमले में दो मज़दूरों की हत्या की कड़ी निंदा की। एक्स पर एक पोस्ट में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने इस घटना को कायरतापूर्ण और बेमतलब बताया और मारे गए लोगों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख्रुपये की मुआवज़ा राशि देने की घोषणा की। एक्स पोस्ट में कहा गया मुख्यमंत्री ने पीडि़त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और दोहराया कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ मज़बूती से खड़ी है।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर उठा गंभीर सवाल
देखा जाये तो बीते छह वर्षों के आंकड़े भी घाटी में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इस दौरान अलग-अलग आतंकी घटनाओं में 25 से अधिक प्रवासी मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे पहले 18 अक्टूबर 024 को बिहार के 3० वर्षीय मजदूर अशोक चौहान की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इसके महज दो दिन बाद श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन जेड-मोड़ सुरंग के बेस कैंप पर हुए बड़े आतंकी हमले में छह प्रवासी मजदूरों और एक कश्मीरी डॉक्टर की मौत हो गई थी। ताजा हमला इस बात का संकेत है कि आतंकी संगठन एक बार फिर आम नागरिकों और रोजी-रोटी कमाने आए प्रवासी श्रमिकों को आसान निशाना बनाने की रणनीति पर लौट आए हैं।
दक्षिण कश्मीर में पिछले दस दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला
यह हमला कई मायनों में बेहद चिंताजनक है। दक्षिण कश्मीर में पिछले दस दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग शहर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के एक पुलिसकर्मी की भी आतंकियों ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, अक्टूबर 24 के बाद यह पहला मौका है जब आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया है।
केरलम में बारिश से मची तबाही
भूस्खलन से चार लोगों की मौत, 8 जिलों में रेड अलर्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तिरुवनंतपुरम। केरलम में मूसलाधार बारिश के चलते आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। शनिवार को इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग जगहों पर हुए भूस्खलन के कारण चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
इडुक्की जिला प्रशासन के मुताबिक, मृत महिला की पहचान सुमति के रूप में हुई है। वह अडूरमाला क्षेत्र की रहने वाली थीं। शनिवार सुबह हुए भूस्खलन का मलबा उसेके घर पर गिर गया, पड़ोसियों ने उसके पति और बेटे को बचा लिया। दोनों घायल हो गए और उन्हें थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज, पुलिस और राजस्व अधिकारियों के तलाशी अभियान के बाद सुमति का शव बरामद किया गया। कोट्टायम जिले के पूंजार में पय्यानीथोट्टम में भूस्खलन के दौरान एक युवक की मौत हो गई और उसकी मां मलबे के नीचे दब गई। मृतक की पहचान जॉनी के बेटे जोसेफ के रूप में हुई है और उसकी मां की तलाश जारी है, जिनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। जोसेफ को बचा तो लिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है : जयराम रमेश
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी पर किया तीखा प्रहार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो मैसेज को लेकर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस ने कहा कि वो अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं, इसके अलावा झूठ बोलने का भी आरोप लगाया है, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शनिवार (1 अगस्त) को एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी को घेरा, उन्होंने कहा कि खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है।
जयराम रमेश ने कहा कि वो अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ फैलाते हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद के भीतर और बाहर गाली-गलौज करने वालों की पूरी फौज को खुली छूट देते हैं और उन्हें पूरा संरक्षण भी प्रदान करते हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री नीट की पेपर लीक से ग्रस्त व्यवस्था के कारण लाखों युवाओं को हुई पीड़ा और छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए माफी मांगें। उन्होंने आगे कहा कि पूरा देश राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए चंदा चोरी, आस्था धोखा प्रकरण पर भी प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा है। जयराम रमेश ने कहा कि ऐसे मामलों की सूची बहुत लंबी है लेकिन बीती रात प्रधानमंत्री ने आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा दिखाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे युवाओं को माफ कर दिया है। यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान पीड़ा झेली है और जो पूरी तरह न्यायोचित रूप से उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आखिर में कहा कि प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं अब किसी को बेवकूफनहीं बना सकतीं।
गृह मंत्रालय नहीं गैंग चला रहे हैं शाह : संजय राउत
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत एक बार फिर सरकार पर बरसे हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के पुणे दौरे को लेकर निशाना साधा है. संजय राउत ने कहा, रात के अंधेरे में गृह मंत्री पुणे में आए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने उनके स्वागत में बड़े बड़े बैनर लगाएं हैं कि देश के चाणक्य का पुणे में आगमन हो गया है। संजय राउत ने कहा, यह सवाल गृहमंत्री से पूछना चाहिए. गृहमंत्री इस पद पर रहने वाले व्यक्ति नहीं है. वह गृहमंत्रालय नहीं चला रहे हैं, वह इस पद पर अब गैंग चला रहे हैं. वो गैंग व्यापारियों का है. वो गैंग गुंडों का है। संजय राउत ने कहा विपक्ष को खत्म करने का काम कर रहे हैं।
डीएम का आदेश ठेंगे पर, 10 महीने बाद दोबारा शुरू हुई सडक़ की खुदाई
महानगर थाने केसामने का मामला, नगर आयुक्त बोले- होगी एफआईआर
पीडब्ल्यूडी ने अनुमति से इंकार किया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के अधिकारियों को डीएम के आदेश की भी परवाह नहीं है। बारिश में सडक़ खुदाई पर रोक के बावजूद सडक़ के चौड़ीकरण का कामचल रह। हांलाकि पीडब्ल्यूडी ने अनुमति से इंकार किया। वही नगर आयुक्त बोले एफआईआर की जाएगी। राजधानी के महानगर थाना के सामने सडक़ चौड़ीकरण के लिए की जा रही खुदाई ने प्रशासनिक आदेशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हैरानी की बात यह है कि जिस कार्य का आदेश 29 अक्टूबर 25 को मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत नगर के विभिन्न चौराहों के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया गया था, उसकी याद ठेकेदार को पूरे 10 महीने बाद, वह भी मानसून के बीच आई। जबकि जिलाधिकारी विशाख जी ने वर्षा ऋतु में आम जनता को जलभराव, कीचड़ और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए 8 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक सभी विभागों द्वारा सडक़ खुदाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बावजूद महानगर थाना के सामने सडक़ खोदने का कार्य जारी रहने से कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं नगर आयुक्त गौरव कुमार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी प्रतिबंध के बावजूद सडक़ खोदकर कार्य कर रही है तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिलाधिकारी का स्पष्ट प्रतिबंध लागू है, पीडब्ल्यूडी अनुमति से इंकार कर रहा है और नगर आयुक्त एफआईआर की चेतावनी दे रहे हैं, तो आखिर किसके संरक्षण में महानगर थाना के सामने सडक़ खुदाई का काम चल रहा है?
जिलाधिकारी के आदेश प्रभावी : अधिशासी अभियंता
इस मामले में जब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सतेंद्र नाथ से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि बारिश के दौरान सडक़ कटिंग या चौड़ीकरण की कोई अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश प्रभावी हैं और वह स्वयं मौके की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पुराना आदेश रहा भी हो, तब भी वर्तमान में सडक़ खुदाई की अनुमति नहीं दी जा सकती।



