गर्भवती महिला के लिए फरिश्ता बने SSB जवान, 16 बार नदी पार कर तय किया 18 KM का सफर
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसे इस इलाके में बारिश के कारण रास्ते पूरी तरह ठप हो गए थे, जिसके बाद जवान महिला के लिए देवदूत बनकर सामने आए.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम चंपारण में बगहा के दुर्गम नौरंगिया दोन क्षेत्र में एसएसबी जवानों ने बारिश और बाढ़ के बीच 16 बार उफनती नदी पार कर गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया. महिला और नवजात दोनों सुरक्षित हैं.
बिहार में पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल के नौरंगिया दोन क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (SSB) के जवानों ने एक बार फिर अपनी तत्परता से एक गर्भवती महिला की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसे इस इलाके में बारिश के कारण रास्ते पूरी तरह ठप हो गए थे, जिसके बाद जवान महिला के लिए देवदूत बनकर सामने आए.
क्षेत्र में सड़कें खराब होने और जलभराव के चलते सामान्य वाहनों की आवाजाही नामुमकिन थी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SSB जवानों ने अपनी विशेष 4×4 एम्बुलेंस निकाली. उफान मारती हरहा-भापसा नदी और उसके नालों को करीब 16 बार पार करते हुए जवानों ने 18 किलोमीटर का खतरनाक सफर तय किया और महिला को सुरक्षित हरनाटांड अस्पताल पहुंचाया.
अस्पताल में महिला और बच्चे की स्थित ठीक
अस्पताल में वक्त पर दाखिला मिलने की वजह से महिला को तुरंत डॉक्टरी सहायता मिल सकी, जिससे उसकी और बच्चे की स्थिति अब नियंत्रण में है. तमाम भौगोलिक चुनौतियों और उफनती नदियों के बीच जवानों का यह त्वरित कदम स्थानीय ग्रामीणों के लिए भारी राहत और भरोसे का सबब बना है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले अगस्त माह में भी बगहा से एक ऐसा ही मामला सामने आ चुका है, जहां सीमा सुरक्षा बल के जवान एक गर्भवती महिला के लिए देवदूत बने थे.
SSB ने पहले भी एक गर्भवती को पहुंचाया था अस्पताल
बगहा में सीमा सुरक्षा बल की 21वीं वाहिनी ने दुर्गम दोन क्षेत्र में एक गर्भवती महिला को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया था. SSB को एक गर्भवती की गंभीर स्थिति की सूचना मिली थी, जिसके बाद SSB 21वीं वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने तत्काल निर्देश दिए थे.
इसके बाद महिला को तुरंत चिकित्सकीय मदद दी गई. जवानों ने अपनी 4×4 एंबुलेंस की मदद से गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया. एसएसबी द्वारा समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से गर्भवती की स्थिति सामान्य है.



