नशा तस्करी के खिलाफ पंजाब सरकार का बड़ा कदम, 6 IPS अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रही है। नशे की तस्करी और इससे जुड़े संगठित गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठाने पर जोर दे रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रही है। नशे की तस्करी और इससे जुड़े संगठित गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठाने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में छह वरिष्ठ IPS अधिकारियों को विशेष शक्तियां देने का फैसला लिया गया है।
अधिसूचना के मुताबिक, इन अधिकारियों को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1988 की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत शक्तियां प्रदान की गई हैं. आदेश पर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर के हस्ताक्षर हैं. सरकार के इस कदम को राज्य में नशे के कारोबार और तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
इन 6 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
पंजाब सरकार ने जिन छह अधिकारियों को अधिकृत किया है, उनमें ए. एस. राय, गौतम चीमा, शिव वर्मा, कौस्तुभ शर्मा, नौनिहाल सिंह और एस. भूपति शामिल हैं.
ए. एस. राय- स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, ट्रैफिक, पंजाब
गौतम चीमा- एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस
शिव वर्मा- एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, इंटरनल सिक्योरिटी
कौस्तुभ शर्मा- एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, सिक्योरिटी
नौनिहाल सिंह- एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, इंटरनल विजिलेंस सेल
एस. भूपति- इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, प्रोविजनिंग
नशा तस्करी पर कार्रवाई मजबूत करने की तैयारी
पंजाब में नशे का कारोबार लंबे समय से एक बड़ा कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दा रहा है. सीमा पार से होने वाली तस्करी और सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क पर कार्रवाई को लेकर भी राज्य में लगातार चर्चा होती रही है. ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से अधिकृत करने के फैसले का मकसद संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया को मजबूत करना है.
राजनीतिक दबाव के बीच सरकार का कदम
पंजाब में नशा तस्करी के मुद्दे पर सरकार की नीतियों और कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी होती रही है. ऐसे माहौल में छह वरिष्ठ IPS अधिकारियों को अधिकृत करने का फैसला नशे के खिलाफ अभियान को प्रशासनिक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है. अब देखना होगा कि इस अधिसूचना के बाद नशा तस्करी के मामलों में जांच, कार्रवाई और नेटवर्क पर नियंत्रण के स्तर पर क्या बदलाव सामने आते हैं.



