बारिश के बीच भरभराकर गिरी कच्ची दीवार, दंपति और मासूम समेत पांच मलबे में दबे
सीतापुर जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच कच्चे मकानों और कमजोर निर्माणों पर खतरा बढ़ गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच कच्चे मकानों और कमजोर निर्माणों पर खतरा बढ़ गया है।
रविवार सुबह कोतवाली देहात क्षेत्र के धन्नाग गांव में बारिश के कारण कमजोर हुई कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से दंपति और दो वर्षीय मासूम समेत पांच लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि धन्नाग गांव निवासी जयपाल (45) पुत्र कल्लू रविवार सुबह अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की कच्ची दीवार लगातार नमी के संपर्क में रहने से कमजोर हो गई थी। सुबह अचानक दीवार ने भार सहना बंद कर दिया और देखते ही देखते भरभराकर गिर पड़ी। उस समय घर में मौजूद पांच लोग इसकी चपेट में आ गए।
चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण
दीवार गिरने की तेज आवाज और परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मलबे में लोगों के दबे होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर उसमें दबे सभी लोगों को बाहर निकाला।
हादसे में जयपाल, उनकी पत्नी राजरानी (42) और उनकी दो वर्षीय पुत्री ध्यानु समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं। हादसे में दंपति और मासूम को अपेक्षाकृत अधिक चोटें आई हैं। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई। कोतवाली देहात प्रभारी अमर सिंह ने बताया कि हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण गांव में कई कच्चे मकानों की दीवारें कमजोर हो गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों में बारिश के दौरान मकानों के क्षतिग्रस्त होने और दीवार गिरने का डर बना हुआ है।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
हादसे की जानकारी मिलने के बाद सदर तहसील प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मकान को हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन किया जा रहा है, ताकि नियमानुसार पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और जर्जर मकानों की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों की ओर से लोगों को बारिश के दौरान कमजोर दीवारों और जर्जर भवनों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
तीन दिन की बारिश के बाद कमजोर हुई दीवार
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर लगातार बारिश हो रही है। लगातार बारिश से कच्चे मकानों की दीवारों में नमी बढ़ने के कारण उनकी मजबूती प्रभावित हो रही है। धन्नाग गांव में भी इसी तरह बारिश के कारण मकान की कच्ची दीवार कमजोर हो गई थी। रविवार सुबह अचानक दीवार गिरने से यह हादसा हो गया।
इस घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान प्रशासन को ऐसे मकानों की स्थिति का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रशासन की निगरानी में राहत कार्य
फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मकान और अन्य संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और संभावित सहायता का निर्णय लिया जाएगा।



