बीजेपी की दलाली ज्ञानेश पर पड़ी भारी, मोदी भी नहीं बचा पाएंगे कुर्सी
ज्ञानेश कुमार कहने को तो मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्हें किसी पार्टी या नेता के प्रति लगाव नहीं होना चाहिए। निष्पक्ष रहकर अपना फर्ज निभाना चाहिए लेकिन वो ऐसा करते नहीं हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ज्ञानेश कुमार कहने को तो मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्हें किसी पार्टी या नेता के प्रति लगाव नहीं होना चाहिए। निष्पक्ष रहकर अपना फर्ज निभाना चाहिए लेकिन वो ऐसा करते नहीं हैं।
उन्हें जैसे बीजेपी और मोदी से खास लगाव हो तभी तो वो मोदी के इशारों पर काम करते हैं। उन्हें लेकर जिस तरह से खुलासे हो रहे हैं ऐसे में यही समझ आता है कि वो बीजेपी के हाथों की कठपुतली हैं।
उन्हें लेकर अब देश में एक ऐसी बयार चली है जो उनके गुरूर और उन्हें बहा ले जाएगी। जिस तरह से उन्होंने देश की जनता के साथ गद्दारी की है वो नाकाबिल-ए-बर्दाश्त है। और जनता उन्हें माफ़ करने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है।
एक तरफ जहां इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है जिससे ज्ञानेश को गद्दार बताया है जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें बीजेपी का चाटुकार बताया जा रहा है। वो भी ऐसे नहीं कहा जा रहा है उन्हें लेकर एक शख्स ने बड़ा दावा किया है।
दरअसल केरलम के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जब आईएएस अधिकारी थे तो उन्होंने बीजेपी से टिकट दिलाने का ऑफर दिया था। ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए जीजी थॉमस ने कहा कि उनसे पूछा गया था कि क्या वे राज्य के पथानामथिट्टा से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखते हैं।
सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, “उस समय मैं केरल का मुख्य सचिव था। हम एक ही फ्लाइट में साथ यात्रा कर रहे थे। वे प्रधानमंत्री मोदी की बहुत तारीफ कर रहे थे और उन्होंने मुझसे साफ-साफ पूछा कि क्या मैं 2019 के आम चुनावों में पथानामथिट्टा से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखता हूं। वे मुझे मनाने की बहुत कोशिश कर रहे थे लेकिन मैंने तुरंत मना कर दिया।”
2019 में कांग्रेस के एंटो एंटनी ने पथानामथिट्टा लोकसभा सीट जीती, जबकि सीपीआई (एम) की वीना जॉर्ज दूसरे स्थान पर रहीं। बीजेपी ने पथानामथिट्टा से के. सुरेंद्रन को उम्मीदवार बनाया था, जो 28.95 प्रतिशत वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इसके साथ ही थॉमस ने अपने करियर के शुरुआती दिनों की एक और घटना का जिक्र किया, जब कुछ लोगों ने उनसे राजनीति में आने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने दावा किया, “हालांकि मैंने उस समय भी इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, लेकिन ज्ञानेश को इसके बारे में पता चल गया और उन्होंने मुझे राजनीति में आने के लिए मनाने की कोशिश की।”
जिजी थॉमसन 1980 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने जनवरी 2015 से फरवरी 2016 तक केरल के मुख्य सचिव के रूप में काम किया। इसके बाद वह आईएएस से सेवानिवृत्त हो गए। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
इनमें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के महानिदेशक और केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक का पद भी शामिल रहा। वहीं अब उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर यह दावा किया तो सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच थॉमसन के दावे के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बड़ा बयान देते हुए ज्ञानेश कुमार को जमकर घेरा।
इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की मांग पर भी सुप्रिया आगबबूला नजर आईं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति देश के लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार में विश्वास करता है, तो उसे यह समझना होगा कि मतदान का अधिकार नागरिकों को सरकार चुनने और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने की शक्ति देता है.
नागरिकों के इसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है. उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि वोटों की कथित चोरी के मामले में चुनाव आयोग की भूमिका सामने आई है. उन्होंने NDA के सहयोगी दलों से भी इस मुद्दे पर सच्चाई को समझने और कार्रवाई करने की अपील की. देश के लोग इस स्थिति से दुखी और नाराज हैं तथा यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में भारतीय कानून और जनता की ताकत का सामना करना पड़ेगा.
वहीं इसी बीच राजद सांसद मनोज कुमार झा ने SIR को लेकर चुनाव आयोग के बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “SIR को लेकर के क्या वो जो 14 बिंदु थे, SIR को लेकर नहीं थे। ज्ञानेश कुमार की देशभर में आलोचना हो रही है और उनके इस्तीफे की मांग चल रही है।
वहीं इसी बीच पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर जमकर बरसीं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने एसआईआर के जरिये वैध मतदाताओं के नाम हटाकर राज्य विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में मदद की.
चुनाव आयोग को लेकर छपी हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,’बीजेपी ने चुनाव आयोग का किस तरह इस्तेमाल किया, इसका सच अब सामने आ चुका है. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी रहेंगे. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के आगे की प्लानिंग को लेकर भी बयान दिया.
ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, नहीं तो देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर निर्वाचन क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सत्तारूढ़ बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से उनके मतदाता पहचान पत्र छीन रही है.जिस तरह से देश भर में ज्ञानेश के खिलाफ जनता और विपक्ष आगबबूला है। ऐसे में लोगों का ऐसा लग रहा है कि कहीं ज्ञानेश देश भर में जिस तरह विरोध चल रहा है तो कहीं ज्ञानेश जी देश छोड़कर निकल ना लें।
ऐसे में इसे मद्देनजर रखते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन किया। न्यू मोती बाग इलाके में स्थित कुमार के आवास के निकट हुए इस प्रदर्शन के दौरान चिब और कई अन्य कार्यकर्ताओं ने हाथों में लाठी ले रखी थी। चिब ने कहा कि ‘वह और उनके कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के घर का बाहर पहरा दे रहे हैं ताकि वह देश छोड़कर भाग नहीं सकें।



