मिर्जापुर में झूठे अपहरण का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आए एक कथित अपहरण कांड ने शुरुआत में पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आए एक कथित अपहरण कांड ने शुरुआत में पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी,
लेकिन पुलिस की गहन जांच के बाद यह मामला पूरी तरह से झूठा और सुनियोजित साजिश निकला। पुलिस ने इस मामले में एक महिला यूट्यूबर सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कैसे सामने आया था मामला
घटना बीते बुधवार, 6 मई की भोर लगभग 4 बजे की है। राजगढ़ थाना क्षेत्र के गरेरी-धौरहा मार्ग पर गरेरी गांव के पास एक महिला संदिग्ध अवस्था में सड़क किनारे मिली थी। महिला के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और मुंह दुपट्टे से ढका हुआ था।
स्थानीय लोगों ने जब उसे देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को बंधन मुक्त कर अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि उसके शरीर पर पेट्रोल जैसी गंध थी, जिससे यह आशंका जताई गई कि उसे जलाने की कोशिश की गई हो सकती है।
अपहरण का मामला दर्ज और जांच शुरू
महिला की मां द्वारा एक सप्ताह पहले उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना अदलहाट में दर्ज कराई गई थी। बाद में महिला ने अपना नाम सरिता सिंह पटेल पत्नी सुभाष सिंह पटेल, निवासी दीक्षितपुर, थाना चुनार बताया। इसी आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना अदलहाट पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की गहन जांच की।
जांच के दौरान मिले भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक और सर्विलांस साक्ष्यों ने कहानी को पूरी तरह बदल दिया। पुलिस को जांच में कई विरोधाभास मिले। महिला के बयान भी लगातार बदलते पाए गए। जांच में यह साफ हो गया कि अपहरण की पूरी कहानी झूठी थी और इसे जानबूझकर रचा गया था।
फर्जी अपहरण की साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता वही महिला सरिता सिंह पटेल थी, जो एक यूट्यूबर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सरिता और उसके सहयोगियों ने मिलकर यह योजना बनाई थी ताकि पुलिस पर दबाव बनाकर अवैध लाभ उठाया जा सके और एक फर्जी अपहरण का केस तैयार किया जा सके।
ऐसे रची गई थी साजिश
पुलिस के मुताबिक योजना के तहत सरिता को उसके सहयोगी अमरदीप ने बाइक से गरेरी-धौरहा क्षेत्र में पहुंचाया।
वहां जाकर सरिता ने स्वयं अपने हाथ-पैर बंधवाए और सहयोगियों की मदद से पेट्रोल की गंध फैलाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया, ताकि घटना को और गंभीर दिखाया जा सके। इसके बाद उसे सड़क किनारे छोड़ दिया गया, जहां से राहगीरों ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.सरिता सिंह पटेल (मुख्य साजिशकर्ता, यूट्यूबर)अमरदीप,विजय कुमार सिंह,सुभाष,अंकिता,सुनीता,अमरदीप की निशानदेही पर साजिश में इस्तेमाल की गई साड़ी भी बरामद की गई है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से पुलिस को गुमराह करने और झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का उद्देश्य अवैध लाभ प्राप्त करना और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना था।
सभी आरोपी भेजे गए जेल
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और संभावित अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।
मिर्जापुर का यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और व्यक्तिगत हितों के लिए झूठी कहानियां गढ़कर कानून व्यवस्था को गुमराह करने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन तकनीकी जांच और पुलिस की सतर्कता के चलते सच सामने आ ही जाता है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर



