सत्य निकेतन PG हादसा: हाई कोर्ट में किरण बेदी की मांग, सरकार बोली- पक्षकार बनाने का आधार नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने सत्य निकेतन पीजी हादसे मामले में पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी को पक्षकार बनाने का विरोध किया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने सत्य निकेतन पीजी हादसे मामले में पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी को पक्षकार बनाने का विरोध किया. कोर्ट ने केंद्र से 3 दिन में जवाब मांगा है. हादसे में 7 की मौत हुई थी.
केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी की याचिका का विरोध किया. बेदी ने हाल ही में सत्य निकेतन पीजी हादसा मामले में खुद को पक्षकार बनाने की मांग की थी. केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम की ओर से पेश हुए एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि उन्हें किरण बेदी का बहुत सम्मान है, लेकिन उन्हें पक्षकार बनाने के आवेदन का विरोध करने के निर्देश मिले हैं क्योंकि वह इस मुद्दे पर पूर्वाग्रह से ग्रसित थीं.
किरण बेदी के पास वर्षों का प्रशासनिक अनुभव
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने शुरू में कहा कि किरण बेदी एक जागरूक नागरिक हैं, उनका वर्षों का प्रशासनिक अनुभव कोर्ट के लिए मददगार साबित हो सकता है. हालांकि, शर्मा ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने के आवेदन पर जवाब दाखिल करने का मौका दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट को पहले अधिकारियों द्वारा दाखिल किए जाने वाले स्थिति रिपोर्टों का इंतजार करना चाहिए. मुझे विरोध करने के निर्देश मिले हैं.
पूर्वाग्रह वाले बयान पर HC ने क्या कहा?
इस पर कोर्ट ने कहा कि पक्षकार बनने का आवेदन किसी प्रकार का उत्तर दाखिल करने के लिए नहीं बल्कि पीठ की सहायता के लिए है. न्यायालय ने आगे कहा कि हम उनके लंबे अनुभव का लाभ उठा सकते हैं. पूर्वाग्रह वाली टिप्पणी पर कोर्ट ने कहा कि कोई पूर्वाग्रह नहीं है, और एएसजी शर्मा से मामले को प्रतिपक्षी रूप से न लेने के लिए कहा. हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि यह पाया जाता है कि निर्माण वैध अनुमति के तहत नहीं किया गया था, तो एमसीडी इस चूक के लिए दोषी अधिकारी या कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करेगी.
3 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करें- HC
दिल्ली हाई कोर्ट ने एएसजी को पक्षकार बनने के आवेदन पर तीन दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा. इस मामले की सुनवाई अब 25 सितंबर को घटना से संबंधित कई अन्य याचिकाओं के साथ की जाएगी.
हादसे में हुई थी कुल 7 की मौत
दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित वाली वह इमारत उस समय ढह गई, जब उसके तहखाने में मरम्मत का काम चल रहा था. इस हादसे कुल सात लोगों की मौत हुई थी जबकि कई घायल हुए थे.
हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ. स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहखाने में पानी भरा हुआ था, जिससे इमारत कमजोर हो गई होगी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने सहित कई आरोप लगाए गए हैं.



