राम मंदिर से 200 करोड़ का चढ़ावा चोरी, इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा!

अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चंदे और दान की रकम में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगा है। जिसे लेकर सियासी पारा हाई चल रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में जो हो जाए वही कम है, हिंदुत्व का ढोल पीटने और मंदिर मस्जिद पर लोगों को लड़वाने वाली भाजपा सरकार में आलम ये है कि मंदिर में चढ़ावे के पैसे ही गायब हो जा रहे हैं। या यूँ कह लें कि हड़प के बैठ जा रहे हैं। लेकिन मजाल है कि कोई भाजपा नेता चूँ भी करे।

अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चंदे और दान की रकम में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगा है। जिसे लेकर सियासी पारा हाई चल रहा है। वहीं सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक राम मंदिर में इतनी बड़ी चोरी इतिहास में अब तक की बड़ी चोरियों में से एक है। वहीं दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चोरी की रकम 200 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। यह खबर सुनकर कई लोगों को बहुत दुख और गुस्सा हुआ है, क्योंकि राम मंदिर करोड़ों हिंदू भक्तों की आस्था का केंद्र है। भक्त अपनी श्रद्धा से पैसा, सोना-चांदी और चीजें चढ़ाते हैं, लेकिन उसमें से कुछ हिस्सा गायब होने का आरोप लगा है।

मंदिर में दानपात्रों से जो नोट और पैसे इकट्ठा होते हैं, उन्हें गिनने और बैंक में जमा करने का काम करीब 50 कर्मचारी करते हैं। इनमें से कई कर्मचारी अब शक के घेरे में हैं। जांच एजेंसियों ने अब तक 5 कर्मचारियों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद, एक कार और 3 आईफोन बरामद किए हैं। कुछ कर्मचारियों के नाम अयोध्या में करोड़ों की प्रॉपर्टी भी मिली है। ये लोग पहले साधारण वेतन पर काम करते थे, लेकिन कुछ सालों में अचानक अमीर हो गए। जैसे एक ऑटो ड्राइवर टिन्नू यादव और दूसरे कर्मचारी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा आदि। लवकुश के घर से गोबर के ढेर में भी पैसे छिपाए हुए मिले। पहले यह मामला 5 से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का था। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने आरोप लगाया कि चढ़ावा गायब हो रहा है। इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने खुद जांच मांगी।

सामने आई जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT बना दी है। यह टीम सीसीटीवी फुटेज देख रही है, पैसे के लेन-देन की जांच कर रही है और 7 दिन और 15 दिन में रिपोर्ट देगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले कहा कि कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं है, लेकिन अब जांच चल रही है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। और उनपर लगातार आरोप लग रहे हैं, धर्मसेना प्रमुख और हिंदूवादी नेता संतोष दुबे ने राम मंदिर ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद , भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के नाम पर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और चढ़ावे से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संतोष दुबे ने कहा कि यह “रामनाम की नहीं, रामरत्न की लूट” है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले टुन्नू यादव, जो पहले ड्राइवरी का काम करते थे, कुछ ही वर्षों में करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए। दुबे ने दावा किया कि अयोध्या में उनका 60 कमरों का आलीशान मकान है, जिसमें लिफ्ट तक लगी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संपत्ति आखिर कैसे और किन संसाधनों से अर्जित की गई। उन्होने आरोप लगाया कि चंपत ही चपत लगा रहे हैं।

इसके अलावा संतोष दुबे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बैंक की रखवाली चोर रहा है। वहीं महंत कमलनयन दास के बयान पर उन्होने कहा कि पहली बार अयोध्या का कोई संत अच्छी बात बोला है, कम से उनका जमीर जागा। मैं उनका समर्थन करता हूं। सबकुछ गंवाकर होश में आए। अंत भला तो सब भला। चंपत राय को हटा दिया जाए तो अब भी अयोध्या बच जाएगी। नहीं तो ये बीजेपी को डुबोएंगे और विहिप के बारे में तो आप सब जानते ही हैं। संतोष दुबे ने कहा कि संघ परिवार के एक लोग को मैंने साइकिल खरीद कर दी थी। आज फॉर्च्यूनर से चल रहे हैं। दुबे ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और नृपेंद्र मिश्रा पर जैसे गंभीर आरोप लगाए।

हिंदूवादी नेता ने कहा कि अयोध्या में बाहरी लोगों का कब्जा हो गया है। अयोध्या की मर्यादा का वीएचपी, बीजेपी और संघ ने बर्बाद कर दिया। गुजरात लॉबी हावी हो गई है। माल काटता कोई है, बदनाम होते हैं अयोध्यावासी। ये दिन आएगा ऐसा नहीं सोचा था। राम मंदिर का चढ़ावा कहां गया। श्रद्धालु सोना-चांदी से लेकर रुपए चढ़ाते थे, सब कहां गया। इन लोगों ने भगवान को भी नहीं बख्शा। चंपत का चेला टुन्नू यादव कैसे अरबपति हो गया? अयोध्या में धर्म के नाम पर लूट चल रही है।

हिंदूवादी नेता ने आरोप लगाया कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर बाहरी लोगों का प्रभाव बढ़ गया है। उनके अनुसार, वीएचपी, भाजपा और संघ से जुड़े लोगों ने अयोध्या की मर्यादा को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं ने सोना, चांदी और बड़ी मात्रा में धनराशि चढ़ाई, लेकिन उस चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया। हालांकि, संतोष दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों पर राम मंदिर ट्रस्ट, वीएचपी या संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। विपक्षी नेता सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी आस्था की जगह पर कैसे चोरी हो सकती है। राम मंदिर 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद खुला और लाखों भक्त रोजाना आते हैं। चंदा बहुत बड़ी रकम में आता है। पहले ऑडिट SBI और TCS ने किया था, लेकिन अब नई जांच हो रही है। कर्मचारियों पर आरोप है कि वे दान गिनते समय कुछ पैसे अलग रख लेते थे या रिकॉर्ड में कम दिखाते थे। कुछ लोगों ने कहा कि सोने-चांदी के आभूषणों का भी सही रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। जांच में और कर्मचारियों के नाम सामने आ सकते हैं।यह घटना राम भक्तों के लिए बहुत दुखद है। राम मंदिर सिर्फ पत्थरों का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है।

अगर सच में चोरी हुई है तो दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। SIT की रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी। फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है और संपत्तियों की जांच हो रही है।लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस पवित्र जगह पर भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों। ट्रस्ट को और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए, जैसे हर चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन या ऐप पर दिखे। भक्तों का पैसा राम लला की सेवा में ही लगना चाहिए, किसी की जेब में नहीं।

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