विजयवर्गीय के बोल से सियासी उबाल
विपक्ष समेत आम जन ने मंत्री के बयान पर जताई आपत्ति

- विवाद बढऩे के बाद मंत्री कैलाश ने मांगी माफी
- नेता प्रतिपक्ष इंदौर दूषित पानी कांड पर भाजपा सरकार पर बरसे
- कांग्रेस ने बनाई जांच समिति
- दूषित पानी से बिगड़ रहे थे हालात, पार्षद झुल रहे थे झूला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
इंदौर। मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से गंदा पानी पीने से लोगों की मौत से जुड़ा सवाल किया तो मंत्री ने कहा- फोकट प्रश्न मत पूछो। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विवाद बढऩे के बाद मंत्री ने माफी भी मांगी है। हालांकि मंत्री के इसव्यवहार की चारों ओर निंदा हो रही है। विपक्ष से लेकर आमजन तक उनकी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन इस वायरल वीडियो में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अलावा एक और शख्स पत्रकार के उलझता नजर आया। उलझते हुए इस शख्स ने मंत्री विजयवर्गीय का बचाव किया। जान कर हैरानी होगी कि दूषित पानी से 10 लोगों की मौत के बाद भी मंत्री के अनाप-शनाप का बचाव करने वाला यह शख्स उसी भागीरथपुरा का पार्षद है, जहां दूषित पानी से लोग मर रहे हैं। वायरल वीडिया में स्काई ब्लू कुर्ता और बंटी पहने नजर आ रहे शख्स भागीरथपुरा के पार्षद कमल वाघेला है। कमल वाघेला भाजपा के पार्षद है. इनका काम अपने क्षेत्र की समस्याओं को दूर करना है. लेकिन जब भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोग परेशान थे, तब ये नेता जी झूला झुल रहे थे। दरअसल सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ है. जिसमें इंदौर के भागीरथपुरा के पार्षद कमल वाघेला पार्क में झूला झुलते नजर आ रहे हैं। बताया बताया जा रहा है कि यह वीडियो 30 दिसंबर की शाम का है। जब भागीरथपुरा में दूषित पानी से हालात लगातार बिगड़ रहे थे।कमल वाघेला पर आरोप है कि चार महीने तक क्षेत्र की परेशानी पर इन्होंने कोई त्वरित फैसला नहीं लिया।
आपदा नहीं सरकारी लापरवाही है: सिंघार
- भाजपा ने नए साल की खुशियों को मातम में बदल दिया
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। एक ओर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीडि़तों को मुआवजा देने की मांग की है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 31 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में कहा कि देश के सबसे साफ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें सरकार की गंभीर विफलता को उजागर करती हैं। इस घटना की जांच के लिए गठित समिति में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, विधायक भंवर सिंह शेखावत (बदनावर-इंदौर), विधायक महेश परमार (तराना-उज्जैन) और विधायक प्रताप ग्रेवाल (सरदारपुर-धार) को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह इंदौर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करे और 5 जनवरी 2026 तक अपनी रिपोर्ट पार्टी कार्यालय को सौंपे। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र और जारी बयान में कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से हजारों लोग बीमार हुए हैं और 8 नागरिकों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की घोर विफलता का नतीजा है। उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि साल के अंतिम दिन भाजपा सरकार ने नए साल की खुशियों को मातम में बदल दिया। उन्होंने हाल ही में पेश किए गए 2047 के विजन डॉक्यूमेंट पर सवाल उठाते हुए कहा कि गुलाबी भविष्य के दावों के बीच इंदौर जैसी घटना सरकार की हकीकत को उजागर करती है। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब जनता की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।



