बिहार से महिला लाने’ वाले बयान पर घमासान, कांग्रेस ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज है. कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के 'बिहार से महिला लाने' वाले बयान से सियासी तूफान खड़ा हो गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज है. कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के ‘बिहार से महिला लाने’ वाले बयान से सियासी तूफान खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है और FIR भी दर्ज कराई है.

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति गरमाती नजर आ रही है. विपक्ष लगातार सत्ताधारी पार्टी को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, और इसी कड़ी में अब एक बयान ने उत्तराखंड की राजनीति में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर महिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है और सड़क पर उतर गई हैं. महिला कांग्रेस ने मंत्री के आवास का घेराव किया और पति के बयान के लिए उनसे माफी की मांग की.

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के एक वायरल बयान को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू द्वारा ‘बिहार से 2025 हजार रुपए में महिलाएं लाने’ जैसे कथन ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.

कांग्रेस ने बयान को महिला विरोधी सोच बताया
कांग्रेस ने इस बयान को सीधे तौर पर महिलाओं के अपमान से जोड़ते हुए इसे बेहद आपत्तिजनक करार दिया है. प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि गिरधारी लाल साहू को महिलाओं और बच्चियों से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए.

साथ ही महिला कांग्रेस ने मांग की है कि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय इस पूरे मामले का संज्ञान ले और गिरधारी लाल साहू के खिलाफ स्पष्ट और कठोर कार्रवाई करे, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

मंत्री रेखा आर्य के आवास का घेराव
वहीं प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी महिलाओं ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के यमुना कॉलोनी आवास का घेराव किया और कानूनी कारवाई के लिए देहरादून के डालनवाला कोतवाली में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्रथम सूचना भी दर्ज करवाई है.

वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष सामने रखा है. भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर
चौहान ने कहा कि गिरधारी लाल साहू के बयान से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है. पार्टी ऐसे बयानों
की कड़ी निंदा करती है. उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति द्वारा माफी मांगी जा चुकी है, ऐसे में इस मुद्दे को
अनावश्यक रूप से तूल देना उचित नहीं है.

क्या माफी तक सीमित रहेगा यह मुद्दा?
बहरहाल चुनावी माहौल में यह बयान अब सिर्फ एक विवाद नहीं, बल्कि महिला सम्मान बनाम राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा बनता जा रहा है. सवाल यही है कि क्या यह मामला माफी तक सीमित रहेगा या विपक्ष इसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाकर आगे बढ़ेगा.

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