मोदी परिवार पर उठा सवाल, कांग्रेस नेता का खुलासा, राजनीति में आया भूचाल!

परिवारवाद को लेकर विपक्ष को घेरते हुए नजर आते हैं। लेकिन असल में बात ये है कि सबसे ज्यादा परिवारवाद बीजेपी में ही भरा पड़ा है। लेकिन इनसबके इतर पीएम मोदी को कहा जाता था की उन्हें सियासत में खुद के परिवार को लाने में कोई रूचि नहीं है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: परिवारवाद के खिलाफ अपनी सियासी दुकान चमकाने बाले बीजेपी नेता वैसे तो राजनीतिक मंचों से बड़े-बड़े दावे करते हैं।

परिवारवाद को लेकर विपक्ष को घेरते हुए नजर आते हैं। लेकिन असल में बात ये है कि सबसे ज्यादा परिवारवाद बीजेपी में ही भरा पड़ा है। लेकिन इनसबके इतर पीएम मोदी को कहा जाता था की उन्हें सियासत में खुद के परिवार को लाने में कोई रूचि नहीं है। पीएम मोदी की राजनीति की इस बात टिकी है कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य राजनीति में नहीं है। कट्टर मोदी समर्थकों का भी यही कहना होता है कि पीएम मोदी तो सिर्फ देश के लिए जीते हैं देश की जनता के लिए ही जीते मरते हैं। उन्हें परिवार से कोई भी लेना देना नहीं है। यहाँ तक कि खुद पीएम मोदी भी खुद को फ़कीर बताते हैं और कहते हैं कि हम झोला उठाकर चल देंगे।

लेकिन इसी बीच पीएम मोदी के परिवारवाद को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा खुद कांग्रेस पार्टी की तरफ से किया गया है।दरअसल ये खुलासा हुआ पीएम मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी को लेकर। कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। यह मामला सरदार पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर आयोजित एकता परेड से जुड़ा है। जिसे लेकर गोहिल का कहना है कि केंद्र सरकार ने इस परेड के लिए टेब्लो बनाने में नियम तोड़े और पंकज मोदी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया। इस बयान से राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि यह सीधे मोदी परिवार और भाजपा पर आरोप लगाता है।

गोहिल ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय ने यह अनुबंध सिर्फ पांच कंपनियों को दिया, बिना किसी खुली निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के। उनका कहना है कि यह नियमों के खिलाफ है और इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। इससे कुछ कंपनियों को अनुचित फायदा मिला। सवाल ये उठता है कि इन सबमे पंकज मोदी का क्या रोल हैं ? पंकज मोदी गुजरात में एक सरकारी अधिकारी हैं और प्रधानमंत्री के छोटे भाई हैं। गोहिल ने दावा किया कि गृह मंत्रालय ने पंकज मोदी को झांकियां फाइनलाइज करने के लिए “एक्सपर्ट” बनाया। उन्हें हर दिन 10,000 रुपये का भत्ता दिया गया। गोहिल का कहना है कि यह नियुक्ति गलत थी, क्योंकि पंकज मोदी के पास ऐसा कोई विशेष ज्ञान नहीं था। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि पंकज मोदी को 2003 और 2008 में प्रमोशन दिए गए, जो सेवा नियमों का उल्लंघन था।

गोहिल ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती की तैयारी एक साल से चल रही थी, लेकिन पंकज मोदी को अचानक जिम्मेदारी दी गई। यह सब मोदी सरकार की तरफ से परिवारवाद और पक्षपात दिखाता है। गोहिल ने भाजपा को “सुरक्षित भ्रष्टाचार” का मास्टर बताया। उनका कहना है कि मोदी सरकार छोटी रकम से नहीं बल्कि करोड़ों में खेलती है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने गुजरात की झांकियों में नियम तोड़े और पंकज मोदी को फायदा पहुंचाया। यह आरोप भाजपा की छवि पर सवाल उठाते हैं, क्योंकि पार्टी खुद को भ्रष्टाचार-मुक्त बताती है। गोहिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह सरकार जनता-विरोधी है और सेकुलर ताकतों को एकजुट होकर इसे हराना चाहिए।

अभी तक इस मामले पर भाजपा की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। कांग्रेस इसे परिवारवाद का सबूत बता रही है, जबकि भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश कह सकते हैं। गोहिल पहले भी मोदी सरकार पर हमले करते रहे हैं, जैसे कि ईवीएम टैंपरिंग या कोरोना काल के मुद्दों पर। यह खुलासा 2026 के चुनावों से पहले आया है, इसलिए इसका असर राजनीति पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह मामला नियमों के उल्लंघन, परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों से भरा है।

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