नीतीश कुमार को मिले तो लालू यादव को भी मिलना चाहिए ‘भारत रत्न’ तेज प्रताप की डिमांड से NDA परेशान!

बिहार की सियासत में दिनों भारत रत्न को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। नेताओं की एक के बाद एक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। दरअसल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की जा रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार की सियासत में दिनों भारत रत्न को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। नेताओं की एक के बाद एक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। दरअसल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की जा रही है।

जिसे लेकर अब तक कई नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। दरअसल हुआ यूं कि जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा। उन्होंने इस पत्र में कर्पूरी ठाकुर और अन्य को भारत रत्न देने के लिए पीएम मोदी की तारीफ की है। उसके साथ ही जीवित राजनीतिक व्यक्ति में नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की है। उसके बाद जेडीयू नेताओं की ओर से लगातार बयान आने लगा। जेडीयू नेताओं ने कहा है कि केसी त्यागी के बयान जेडीयू के आधिकारिक बयान नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर अन्य नेताओं ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। कई नेताओं ने इस बयान का समर्थन किया है।

कई नेताओं ने इससे अपना पल्ला झाड़ लिया है। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी मांग उठने लगी है जिससे बिहार की सियासत में नया भूंचाल आ गया है। RJD सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू यादव को भारत रत्न देने की मांग कर दी है। भले ही परिवार और पार्टी से निष्कासित किये गए हों लेकिन जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने आज अपने पिता और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के लिए भारत रत्न की मांग कर दी है। यह मांग तब की गई है जब जदयू नेता के सी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग की। तेज प्रताप यादव का कहना है कि चूंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश और लालू प्रसाद यादव दोनों भाइयों की तरह रहे हैं, इसलिए दोनों को एक साथ यह सम्मान मिलना चाहिए।

इसे लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा कि अगर नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की चर्चा हो रही है, तो लालू प्रसाद यादव को इससे वंचित क्यों रखा जाए? राजनीति में दोनों का कद और योगदान बड़ा है। दोनों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है, इसलिए बेहतर होगा कि दोनों भाइयों को एक साथ भारत रत्न से नवाजा जाए। हालांकि राजद के अन्य नेता भी समय-समय पर लालू यादव के लिए इस सम्मान की मांग करते रहे हैं। यह सारा मामला शुरू हुआ JDU नेताओं की वजह से क्योंकि के सी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह मांग की थी कि चौधरी चरण सिंह और जननायक कर्पूरी ठाकुर की तर्ज पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भारत रत्न मिलना चाहिए।

इस बात की जानकारी सार्वजानिक होते ही इस बात पर सबसे पहले बहस पार्टी के अंदर ही शुरू हो गई। इस संबंध में सबसे पहला बयान जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह का आया, जिसमें उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार काम में विश्वास रखते हैं, सम्मान की लालसा में नहीं। केसी त्यागी की मांग उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, यह पार्टी की विचारधारा नहीं है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पार्टी को यह भी ठीक से पता नहीं कि त्यागी फिलहाल जेडीयू में सक्रिय हैं या नहीं।

भोजपुरी स्टार और राजद के पूर्व प्रत्याशी खेसारी लाल यादव ने भी नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना अभिभावक मानता हूं और यह मांग जायज भी है, क्यों कि उन्होंने बिहार के विकास के लिए बहुत कुछ किया है। वहीं केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी के साथ-साथ चिराग पासवान के बहनोई अरुण भारती ने भी यह कहा कि बिहार को जंगलराज से बाहर निकालने का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जाता है, इसलिए वह इस सम्मान के हकदार हैं। हालांकि अब तेज प्रताप ने इसे भाईचारे का नाम दिया, जो राजनीतिक बहस को और गरमा सकता है.

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