मुंबई पर तमिलनाडु के बीजपी नेता अन्नामलाई ने ऐसा क्या कहा जिससे बीएमसी चुनाव से ठीक पहले मच गया बवाल

महाराष्ट्र में मुंबई समेत कई शहरों में निकाय चुनाव कराए जा रहे हैं और सभी जगहों पर चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में है. लेकिन यह निकाय चुनाव देशभर की सुर्खियों में बना हुआ है. मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) पर सभी की नजर है और यहां पर हर कोई जीत हासिल करना चाहता है. 15 जनवरी को वोट डाले जाने से पहले यहां मुंबई को लेकर एक बयान के बाद मामला और गर्म हो गया.
निकाय चुनाव पर बादशाहत को बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख दल अपने-अपने स्तर पर लगे हुए हैं, खासकर बीएमसी चुनाव में दबदबा बनाए रखना चाहते हैं. इस बीच लंबे समय से अलग राह पर चलने वाले ठाकरे बंधु (उद्धव और राज ठाकरे) एक हो गए हैं और मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. साथ में वे दोनों बीजेपी पर हमला भी कर रहे हैं कि ये लोग मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रच रहे हैं.
मुंबई को लेकर क्या बोल गए अन्नामलाई
मुंबई को लेकर ठाकरे बंधुओं के राज्य में सत्तारुढ़ महायुति पर हमले के बीच भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी और तमिलनाडु में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने पिछले दिनों यहां चुनाव प्रचार के दौरान मुंबई को लेकर टिप्पणी की थी, लेकिन अब यह यहां पर बड़ा मुद्दा बन गया है.
महानगरपालिका चुनावों के लिए पिछले हफ्ते प्रचार करते हुए अन्नामलाई ने कहा था, “लोग ‘ट्रिपल-इंजन’ सरकार चाहते हैं. यह देश का एकमात्र महानगर है जहां ‘ट्रिपल-इंजन सरकार संभव है. मोदी दिल्ली में हैं, फडणवीस मुख्यमंत्री हैं और अब मुंबई में बीजेपी के मेयर होंगे. मुंबई महाराष्ट्र का शहर नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है.” उन्होंने आगे कहा, यहां सभी लोग रहते हैं. बीएमसी का बजट बहुत बड़ा है और इसका इस्तेमाल करने के लिए यह सही लोगों के हाथ में होना चाहिए.
तमिलनाडु से कोई रसमलाई मुंबई आयाः राज
हालांकि उनका यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया. शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के मुखपत्र सामना ने भी इस बयान की तीखी आलोचना की है. अन्नामलाई के बयान की शिवसेना (उद्धव) ने पिछले हफ्ते निंदा करते हुए मांग की थी कि अन्नामलाई को उनके इस बयान के लिए गिरफ्तार किया जाए कि ‘मुंबई महाराष्ट्र का शहर नहीं है’.
राज ठाकरे ने रविवार को दादर के शिवाजी पार्क में अन्नामलाई की कड़ी आलोचना की और तंज कसते हुए कहा, “कुछ दिन पहले तमिलनाडु से कोई रसमलाई मुंबई आया, और उसने कहा कि बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं है. मुंबई और महाराष्ट्र के बीच कोई संबंध ही नहीं है. वह कौन है? तुम्हारा मुंबई से क्या लेना-देना है, और तुम यहां क्यों आए?”
रसमलाई को कोई नहीं पूछताः सामना
ठाकरे के बाद अब सामना ने भी अन्नामलाई को लेकर तंज कसा. सामना ने लिखा, “यह रसमलाई को तमिलनाडु में कोई भी नहीं पूछता है. कोई भी ऐरा-गैरा, लुंगी-सुंगी मुंबई में आता है. तमिलनाडु का एक भिखारी बीजेपी नेता, अन्नामलाई.”
सामना राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर हमला करते हुए आगे लिखता है, “राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ मिंधे मलाई के बयान को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए था. लेकिन इसके विपरीत, फडणवीस मलाई के बयान को दबाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, जबकि बेबस मिंधे मंडल अन्नामलाई के बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है. अन्नामलाई ने सरकार और मराठी माणुस को चुनौती दे दी है. वो चेन्नई में बैठकर कहते हैं, हां, मैंने यह बयान दिया कि मुंबई महाराष्ट्र का नहीं है और मैं मुंबई आकर फिर से यही बयान दूंगा. अगर हिम्मत है तो मुझे रोको. इन सबके बावजूद, फडणवीस सरकार अपनी कायरता छोड़ने को तैयार नहीं. उनके बयान से पता चलता है कि बीजेपी की नीति मुंबई में शिवसेना और तमिल लोगों के बीच फूट और दरार पैदा करना और उससे लाभ उठाना है.”
अन्नामलाई को अच्छी हिंदी नहीं आतीः CM फडणवीस
हालांकि अन्नामलाई के बयान को लेकर बीजेपी अलर्ट हो गई है. मतदान से कुछ दिन उठे इस विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने खुद को इस तरह के बयानों से अलग कर लिया और कहा कि इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. सीएम ने यह कहते हुए अन्नामलाई का बचाव करने की कोशिश भी की,’उन्हें हिंदी अच्छी तरह नहीं आती और दूसरी भाषा बोलते समय ऐसी गलतियां हो सकती हैं. वैसे भी अन्नामलाई ने कुछ गलत नहीं कहा और मुंबई एक इंटरनेशनल शहर है.
इसी तरह बीजेपी के एक विधायक आर तमिल सेल्वन ने अन्नामलाई की टिप्पणियों का बचाव किया और कहा कि शहर के वैश्विक महत्व को बताने के मकसद से दिए गए उनके बयानों को राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया है. सेल्वन ने कहा, “अन्नामलाई ने मुंबई को विश्व स्तर का शहर बताया था. उनका कहना था कि सीएम फडणवीस के आशीर्वाद से मुंबई विश्व का नंबर एक शहर बन रहा है.”
60 के दशक की ‘बजाओ पुंगी, भगाओ लुंगी’
महाराष्ट्र में पहले भी भाषा को लेकर मराठी और तमिलों के बीच संघर्ष होता रहा है. शिवसेना अपने तीखे प्रदर्शन के लिए जानी जाती है. राज ठाकरे की ओर से जिस तरह की अभद्र टिप्पणी की गई है, उसने बाल ठाकरे की शिवसेना के करीब 60 साल पुराने नारे ‘बजाओ पुंगी, भगाओ लुंगी’ की याद दिला दी. राज ने अन्नामलाई को ‘रसमलाई’ कहकर मजाक उड़ाया, और उनके मुंबई आने पर सवाल भी खड़े किए.
हालांकि अन्नामलाई ने भी अपना तेवर बरकरार रखा. राज ठाकरे के फिर से मुंबई आने की धमकी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे मुंबई जरूर आएंगे, धमकियां देने वाले उन्हें रोककर दिखाएं. वहीं राज ठाकरे की धमकियों को लेकर मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.

Related Articles

Back to top button