संभल हिंसा मामला: पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी के खिलाफ FIR के आदेश पर बोले SSP- दर्ज नहीं होगा केस

संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा मामले में कानूनी खींचतान तेज हो गई है। मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी (वर्तमान में एएसपी फिरोजाबाद) और कोतवाल अनुज तोमर सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। हालांकि, संभल एसएसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कोर्ट के इस आदेश पर सख्त रुख अपनाते हुए अपने मातहत अधिकारियों का बचाव किया है।
कोर्ट का आदेश और याचिका का आधार
नखासा क्षेत्र के खग्गू सराय निवासी आलम के पिता यामीन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया है कि 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा के दौरान आलम गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ था।
परिजनों के अनुसार, आलम बेकरी उत्पाद बेचने निकला था और पुलिस की गोलीबारी का शिकार हुआ। गिरफ्तारी के डर से उसका निजी अस्पताल में इलाज कराया गया था। अधिवक्ता चौधरी अख्तर सादेन ने बताया कि लंबी सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
“32 बोर की गोली पुलिस की नहीं”
अदालत के आदेश के तुरंत बाद संभल एसएसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मीडिया के सामने तथ्यों को रखते हुए कहा कि केस दर्ज नहीं किया जाएगा। एसएसपी के अनुसार, हिंसा में घायलों को 32 बोर की गोली लगी थी, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस इस बोर के हथियारों का इस्तेमाल नहीं करती है। पोस्टमार्टम और बैलिस्टिक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो चुकी है। साथ ही, सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग भी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप चुका है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगा।
24 नवंबर की हिंसा
संभल में मस्जिद बनाम मंदिर विवाद के दौरान हुए सर्वे के वक्त भारी हिंसा हुई थी, जिसमें चार युवकों की मौत हुई थी और दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अनुज चौधरी, जो उस समय संभल में सीओ थे, अब पदोन्नत होकर फिरोजाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

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