BMC चुनाव: अजित गुट को लगा तगड़ा झटका, नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक की करारी हार

BMC चुनाव परिणामों में अजित पवार गुट को करारा झटका लगा है... नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका समेत कुल 29 नगर निकायों के चुनाव नतीजे राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.. क्योंकि BMC भारत की सबसे अमीर नगरपालिका है.. जिसका बजट हजारों करोड़ रुपये का है.. जिसके चुनाव में कुल 227 वार्डों के लिए मतदान हुआ था.. और मतगणना 16 जनवरी को सुबह से शुरू हो गई थी.. शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) का गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है.. जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी पार्टियां संघर्ष करती नजर आ रही हैं.. इस चुनाव में परिवारवाद और स्थानीय मुद्दों पर खासा जोर रहा.. और नतीजों से साफ हो रहा है कि मतदाताओं ने विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है..

इस बीच, चुनाव के सबसे चर्चित पहलुओं में.. पूर्व मंत्री नवाब मलिक के परिवार की हार एक है.. नवाब मलिक, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट से जुड़े हैं.. और खुद काफी सुर्खियों में रहे.. उनके भाई कप्तान मलिक कुर्ला वेस्ट (वार्ड नंबर 165) से चुनाव लड़े थे. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.. कप्तान मलिक को कांग्रेस के उम्मीदवार अशरफ आजमी ने हराया.. जो एक बड़ी जीत मानी जा रही है.. अशरफ आजमी की जीत इलाके में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण सफलता है.. क्योंकि कुर्ला वेस्ट में मुकाबला काफी कड़ा था.. यहां मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या है.. और स्थानीय मुद्दे जैसे सड़कें, पानी और सफाई पर बहस हुई.. कप्तान मलिक को अजित पवार गुट ने बड़ा दांव मानकर टिकट दिया था.. लेकिन मतदाताओं ने इसे नकार दिया..

नवाब मलिक के परिवार को लेकर चुनाव से पहले ही विवाद छिड़ा हुआ था.. अजित पवार गुट ने नवाब मलिक के परिवार के तीन सदस्यों को टिकट दिए थे.. जो परिवारवाद का प्रतीक बन गया.. कप्तान मलिक को वार्ड 165 से, उनकी बहन डॉ. सईदा खान को वार्ड 169 से.. और कप्तान मलिक की बहू बुसरा नदीम मलिक को वार्ड 170 से टिकट मिला था.. एक ही परिवार के तीन लोगों को टिकट देने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई थी.. कई कार्यकर्ताओं ने इसे अनुचित बताया.. और कहा कि इससे योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिला.. चुनाव प्रचार के दौरान भी यह मुद्दा विपक्षी पार्टियों ने जोर-शोर से उठाया.. अब कप्तान मलिक की हार को इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.. शुरुआती रुझानों से लगता है कि डॉ. सईदा खान और बुसरा नदीम मलिक की सीटों पर भी अजित पवार गुट को चुनौती मिल रही है.. हालांकि पूर्ण नतीजे अभी आने बाकी हैं..

नवाब मलिक खुद हाल के वर्षों में कई विवादों में घिरे रहे हैं.. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वे मंखुर्ड शिवाजी नगर से हारे थे.. जहां सपा के अबू आसिम आजमी ने उन्हें हराया था.. नवाब मलिक की बेटी सना मलिक ने अनुशक्ति नगर से जीत हासिल की थी.. लेकिन परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर सवाल उठते रहे.. BMC चुनाव में परिवार को टिकट देने का फैसला अजित पवार के लिए जोखिम भरा था.. क्योंकि NCP पहले से ही विभाजन का शिकार है.. शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के बीच टकराव ने पार्टी को कमजोर किया है.. वहीं अब कप्तान मलिक की हार से अजित पवार गुट को मुंबई में झटका लगा है.. जहां वे मजबूत पैठ बनाने की कोशिश कर रहे थे..

आपको बता दें कि चुनाव के एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू में गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली की बेटी योगिता गवली की हार है.. योगिता गवली ने बायकला (वार्ड नंबर 207) से चुनाव लड़ा था.. जहां वे अपनी पार्टी अखिल भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कर रही थी.. लेकिन उन्हें BJP के उम्मीदवार रोहिदास लोखंडे ने हराया.. यह हार योगिता के लिए निराशाजनक है.. क्योंकि बायकला इलाका उनके पिता अरुण गवली का गढ़ माना जाता है.. अरुण गवली, जिन्हें ‘डैडी’ के नाम से जाना जाता है.. दगड़ी चॉल में रहते हैं और स्थानीय राजनीति में प्रभाव रखते हैं.. योगिता की बहन गीता गवली पहले तीन बार पार्षद रह चुकी हैं.. और इस बार दोनों बहनें चुनावी मैदान में थी.. लेकिन मतदाताओं ने BJP पर भरोसा जताया.. जो विकास कार्यों जैसे सड़क निर्माण, पुनर्विकास.. और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दे रही थी..

योगिता गवली की हार को इलाके के बदलते राजनीतिक माहौल से जोड़ा जा रहा है.. बायकला में पुनर्विकास.. और नागरिक मुद्दे प्रमुख थे.. और BJP ने इन पर मजबूत अभियान चलाया.. अरुण गवली का परिवार लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय है.. लेकिन हाल के वर्षों में कानूनी मुद्दों और प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के उभार से उनका प्रभाव कम हुआ है.. इस हार से साफ है कि.. मतदाताओं ने परिवारवाद के बजाय प्रदर्शन को महत्व दिया..

कुल मिलाकर, BMC चुनाव के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं.. शुरुआती रुझानों में BJP 1014 वार्डों में आगे है.. जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) 290 में वार्डों में आगे है.. उद्धव ठाकरे के भाई 78 वार्डों में आगे हैं.. कांग्रेस को कुछ सीटों पर सफलता मिली है.. लेकिन कुल मिलाकर, महायुति गठबंधन (BJP-शिवसेना) बहुमत की ओर बढ़ रहा है.. एक्जिट पोल्स में भी BJP को 102-112 सीटें मिलने का अनुमान था.. जबकि UBT-MNS को 48-62 सीटे मिलने का अनुमान था.. जानकारी के मुताबिक मतदान प्रतिशत 50% के आसपास रहा.. और महिलाओं, मराठी समुदाय, गुजराती.. और उत्तर भारतीयों में NDA को मजबूत समर्थन मिला..

 

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