Rajya Sabha जाने से पहले Nitish ने रख दी बड़ी शर्त! क्या बिगड़ जाएगा BJP का खेल?

बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है...मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच अब एक और बड़ी खबर सामने आ रही है...

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है…मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच अब एक और बड़ी खबर सामने आ रही है…

जिसने एनडीए के भीतर सियासी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है…सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है…जिसके जरिए बताया जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार ने साफ तौर पर संकेत दिया है कि…अगर वो मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाते हैं…तो उससे पहले बिहार की राजनीति में जेडीयू की भूमिका कमजोर नहीं होनी चाहिए…

इसी कड़ी में जेडीयू ने बिहार के सबसे अहम विभागों में से एक माने जाने वाले गृह विभाग पर फिर से दावा ठोक दिया है…सूत्रों के अनुसार, जेडीयू का कहना है कि राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ा ये महत्वपूर्ण विभाग फिर से पार्टी के पास होना चाहिए…इस मांग को सिर्फ विभाग की मांग नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है…दरअसल पिछले करीब दो दशकों से बिहार में जब भी बिहार में सरकार बनी है…तब गृह विभाग आमतौर पर नीतीश कुमार के पास ही रहा है…लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव के बाद जब विभागों का बंटवारा हुआ…तो ये विभाग बीजेपी के पास चला गया…कथिततौर पर तब से ही JDU के भीतर इस फैसले को लेकर असंतोष की चर्चाएं होती रही हैं…

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब जब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज है…तो उन्होंने समय रहते बीजेपी के सामने अपनी शर्त रख दी है…सूत्रों का कहना है कि पार्टी चाहती है कि बिहार की राजनीति में उसकी पकड़ बनी रहे और सरकार के फैसलों में उसकी भूमिका कमजोर न हो…इसी वजह से गृह विभाग को लेकर दोबारा दावा किया गया है……ये विभाग सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है…क्योंकि कानून-व्यवस्था का सीधा असर सरकार की छवि और चुनावी राजनीति पर पड़ता है…

अगर ये विभाग जेडीयू के पास जाता है…तो इसका मतलब होगा कि भले ही मुख्यमंत्री कोई और हो…लेकिन सरकार के संचालन में जेडीयू की मजबूत पकड़ बनी रहेगी…यही वजह है कि इस मांग को बीजेपी के लिए आसान नहीं माना जा रहा है……वहीं बीजेपी के कई नेताओं का मानना है कि अगर मुख्यमंत्री पद भी पार्टी के पास जाए और गृह विभाग भी जेडीयू को दे दिया जाए…तो इससे सत्ता का संतुलन गड़बड़ा सकता है…

दरअसल, बिहार में मौजूदा समय में एनडीए सरकार का ढांचा ऐसा है…जिसमें जेडीयू का मुख्यमंत्री है और बीजेपी के दो डिप्टी सीएम हैं….लेकिन अगर नीतीश कुमार राज्यसभा चले जाते हैं…तो सत्ता का ये समीकरण पूरी तरह बदल सकता है…राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के भीतर लंबे समय से ये चर्चा चल रही है कि अब बिहार में पार्टी को मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए…

इसकी सबसे बड़ी वजह विधानसभा में बीजेपी का संख्या बल है…बिहार विधानसभा में बीजेपी के पास करीब 89 विधायक हैं…जिससे वो एनडीए में सबसे बड़ी पार्टी बन जाती है….ऐसे में स्वाभाविक तौर पर मुख्यमंत्री पद पर उसका दावा मजबूत माना जा रहा है…लेकिन अगर मुख्यमंत्री पद बीजेपी को मिलता है और गृह विभाग भी जेडीयू के पास चला जाता है….तो सरकार के भीतर शक्ति संतुलन का नया मॉडल बन सकता है….

यही कारण है कि नीतीश कुमार की इस शर्त को बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है…माना जा रहा है कि नीतीश कुमार ने साफ संकेत दे दिया है कि…वो सत्ता से पूरी तरह अलग नहीं होना चाहते…भले ही वो राज्यसभा चले जाएं….लेकिन बिहार की राजनीति में जेडीयू की केंद्रीय भूमिका बनी रहनी चाहिए…..वहीं इसे लेकर कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये नीतीश कुमार की रणनीतिक राजनीति का हिस्सा है…वो चाहते हैं कि अगर मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास भी चला जाए…तो भी सरकार के सबसे अहम फैसलों पर जेडीयू की मजबूत पकड़ बनी रहे….गृह विभाग मांगना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है….

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तो ये भी है कि नीतीश कुमार ने ये शर्त इसलिए भी रखी है…क्योंकि वो जानते हैं कि बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था का मुद्दा हमेशा बेहद संवेदनशील रहा है…अगर भविष्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई सवाल उठता है…तो उसका सीधा असर सरकार और गठबंधन दोनों की साख पर पड़ सकता है…ऐसे में जेडीयू चाहती है कि…ये विभाग उसके पास रहे ताकि वो प्रशासनिक फैसलों में अपनी भूमिका बनाए रख सके…इससे पार्टी को ये संदेश देने में भी मदद मिलेगी कि बिहार में सरकार भले गठबंधन की हो…लेकिन उसकी असली कमान अभी भी जेडीयू के हाथ में ही है…

बीजेपी के लिए ये स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है…क्योंकि पार्टी के कई नेता पहले से ही मानते हैं कि…अब बिहार में नेतृत्व की बागडोर बीजेपी के हाथ में आनी चाहिए…पार्टी का तर्क है कि विधानसभा में उसके पास सबसे ज्यादा विधायक हैं और यही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार भी है….ऐसे में अगर मुख्यमंत्री पद बीजेपी को मिलता है…तो स्वाभाविक रूप से वो सरकार के प्रमुख विभागों पर भी दावा कर सकती है…लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस शर्त ने राजनीतिक समीकरणों को थोड़ा उलझा दिया है…

अगर आने वाले समय में मुख्यमंत्री पद खाली होता है…तो सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सम्राट चौधरी का नाम सामने आ रहा है…सम्राट चौधरी फिलहाल बिहार के डिप्टी सीएम हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है…बीजेपी के भीतर उन्हें एक मजबूत ओबीसी चेहरा माना जाता है और पार्टी उन्हें आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है…अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं….तो स्वाभाविक तौर पर गृह विभाग भी उनके पास ही रह सकता है…लेकिन जेडीयू की मांग इस संभावित समीकरण को बदल सकती है…

यही वजह है कि सीएम नीतीश कुमार की ये मांग सिर्फ एक विभाग की मांग नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है…इससे साफ संकेत मिलता है कि सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से पहले बिहार की राजनीति में अपनी पार्टी की स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं…वो चाहते हैं कि सत्ता का केंद्र पूरी तरह बीजेपी की ओर न चला जाए और जेडीयू की भूमिका भी उतनी ही प्रभावी बनी रहे जितनी अब तक रही है…

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये मामला आने वाले दिनों में एनडीए के भीतर बड़े मंथन का कारण बन सकता है…बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दल फिलहाल गठबंधन को बनाए रखना चाहते हैं…लेकिन सत्ता के संतुलन को लेकर दोनों की अपनी-अपनी प्राथमिकताएं हैं…ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी नीतीश कुमार की इस शर्त को मानती है या फिर दोनों दलों के बीच कोई नया फॉर्मूला सामने आता है…

लेकिन, फिलहाल इतना तो तय माना जा रहा है कि बिहार की राजनीति आने वाले दिनों में बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकती है…अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं और मुख्यमंत्री पद खाली होता है…तो सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा….ऐसे में गृह विभाग को लेकर जेडीयू की ये मांग आने वाले समय में बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकती है…

यही वजह है कि राजनीतिक हलकों में ये कहा जा रहा है कि कुर्सी छोड़ने से पहले सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी के सामने ऐसी शर्त रख दी है…जिसने पार्टी की रणनीति को मुश्किल में डाल दिया है….ऐसे में अब देखना ये होगा कि इस सियासी शतरंज में अगली चाल कौन चलता है…….क्या सीएम नीतीश….गृह विभाग, विधानसभा अध्यक्ष और दोनों उपमुख्यमंत्री पद JDU को देने की मांग पर अड़े रहेंगे या नहीं ?  और क्या भाजपा सीएम नीतीश कुमार की इस मांग को मानेगी?

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