2026 बजट: मंत्रियों और VVIPs सुविधाओं पर खर्च बढ़ा, बाजार में मची तबाही
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट पेश होते ही शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट पेश होते ही शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बजट 2026 में मंत्रियों, राजकीय अतिथियों और पूर्व राज्यपालों पर होने वाले खर्चों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही मंत्रियों के वेतन, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के बजट में भी भारी इजाफा किया गया है। सरकार के इन बढ़े हुए खर्चों को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि जब बाजार और आम निवेशक दबाव में हैं, तब वीआईपी खर्चों में वृद्धि कई सवाल खड़े करती है। वहीं सरकार का तर्क है कि प्रशासनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खर्च आवश्यक हैं।
बजट के बाद बाजार की प्रतिक्रिया और बढ़े हुए सरकारी खर्चों को लेकर आने वाले दिनों में चर्चा और तेज होने की संभावना है। केंद्रीय बजट 2026-27 में मंत्रियों के सेलेरी, राजकीय अतिथियों के मनोरंजन और पूर्व राज्यपालों जैसे खास खर्चों के लिए 1102 करोड़ रुपये दिए गए हैं. यह राशि पिछले साल के रिवाइज्ड एस्टीमेट 978.20 करोड़ रुपये से ज्यादा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बजट में कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों के लिए भी अलग-अलग राशि तय की गई है.
मंत्रियों, PMO और सुरक्षा पर खर्च
काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के खर्चों जैसे कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों की सैलरी, भत्ते और यात्रा के लिए 620 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें VVIPs के लिए स्पेशल एक्स्ट्रा सेशन फ्लाइट ऑपरेशन्स का खर्च भी शामिल है.
प्रधानमंत्री ऑफिस के प्रशासनिक खर्चों के लिए 73.52 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. वहीं नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट के प्रशासनिक खर्च और उसके स्पेस प्रोग्राम के लिए 256.19 करोड़ रुपये दिए गए हैं. प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के कार्यालय और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के खर्च के लिए 65 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
सरकारी मेहमानों और कैबिनेट सचिवालय को दिया गया खूब पैसा
हॉस्पिटैलिटी एंड एंटरटेनमेंट के तहत विदेशी राजकीय अतिथियों के मनोरंजन, राष्ट्रपति भवन में आयोजित रिसेप्शन और अन्य राजकीय समारोहों के लिए 5.76 करोड़ रुपये का प्रावधान है.
कैबिनेट सचिवालय और पूर्व राज्यपालों को भी सहायता
कैबिनेट सेक्रेटेरिएट और नेशनल अथॉरिटी फॉर केमिकल वेपंस कन्वेंशन (NACWC) के प्रशासनिक खर्चों के लिए 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं. पूर्व राज्यपालों को सचिवीय सहायता देने के लिए 1.53 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.



