सऊदी अरब में अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई, पनाह देने पर 15 साल जेल और 2 करोड़ का जुर्माना
सऊदी अरब में अवैध रूप से रहने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है... रिपोर्ट के मुताबिक एक हफ्ते में 20,000 से...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सऊदी अरब की सरकार अवैध प्रवासियों पर लगातार सख्ती बरत रही है.. हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ एक हफ्ते में 20 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.. ये गिरफ्तारियां रेजिडेंसी कानून, लेबर लॉ और बॉर्डर सिक्योरिटी नियमों के उल्लंघन के लिए हुई हैं.. सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार.. यह कार्रवाई 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक चली.. इस दौरान कुल 20,237 लोग पकड़े गए.. इनमें से ज्यादातर रेजिडेंसी लॉ तोड़ने वाले थे..
लेकिन सिर्फ अवैध प्रवासियों पर ही नहीं.. बल्कि उन्हें पनाह देने वालों पर भी सख्त कानून लागू हैं.. अगर कोई व्यक्ति अवैध प्रवासी को घर में छिपाए, गाड़ी दे या नौकरी दे, तो उसे 15 साल तक की जेल.. और 10 लाख सऊदी रियाल (करीब 2.2 करोड़ भारतीय रुपये) का जुर्माना हो सकता है.. वहीं यह खबर उन लाखों भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है.. जो सऊदी अरब में काम करते हैं.. या जाने की योजना बना रहे हैं.. सऊदी सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.. अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे, तो तुरंत 911 या 999 पर कॉल करें..
सऊदी अरब में अवैध प्रवासन एक बड़ी समस्या है.. सऊदी की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल पर निर्भर है.. लेकिन पिछले कुछ सालों से सरकार विजन 2030 के तहत बदलाव कर रही है.. इस विजन का एक हिस्सा है कि स्थानीय सऊदी नागरिकों को ज्यादा रोजगार मिले.. इसके लिए विदेशी कामगारों पर सख्त नियम बनाए गए हैं.. आपको बता दें कि अवैध प्रवासी वे लोग हैं जिनका इकामा (रेजिडेंसी परमिट) एक्सपायर हो गया हो.. या जो बिना वीजा के देश में रह रहे हों.. लेबर लॉ के तहत कामगारों को स्पॉन्सर (कफील) की जरूरत होती है.. अगर कोई बिना स्पॉन्सर के काम करता है, तो वह अवैध माना जाता है.. बॉर्डर सिक्योरिटी नियमों में बिना अनुमति सीमा पार करना शामिल है..
सऊदी सरकार हर हफ्ते ऐसी कार्रवाइयों की रिपोर्ट जारी करती है.. ये रिपोर्ट सऊदी प्रेस एजेंसी के जरिए आती हैं.. जो सरकारी मीडिया है.. हाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि अवैध प्रवासन पर काबू पाने के लिए सरकार कितनी सक्रिय है.. सऊदी अरब, जो दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है.. अपनी सख्त कानून व्यवस्था के लिए जाना जाता है.. यहां प्रवासी मजदूरों और विदेशी नागरिकों के लिए नियम बहुत सख्त हैं.. हाल ही में सऊदी सरकार ने अवैध तरीके से रहने वाले लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है.. सिर्फ एक हफ्ते में 20,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है..
ये लोग इकामा (रेजिडेंसी परमिट), लेबर लॉ (श्रम कानून) या बॉर्डर सिक्योरिटी (सीमा सुरक्षा) के नियम तोड़ने के आरोपी हैं.. लेकिन कानून सिर्फ इन अवैध प्रवासियों के लिए नहीं है.. बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो इन्हें मदद करते हैं.. अगर कोई अवैध व्यक्ति को घर में छिपाता है.. गाड़ी देता है या नौकरी देता है.. तो उसे 15 साल की जेल और 10 लाख रियाल (लगभग 2 करोड़ भारतीय रुपये) का जुर्माना हो सकता है.. वहीं यह खबर उन सभी भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है.. जो सऊदी अरब में काम करते हैं.. या वहां जाने की योजना बना रहे हैं..
आपको बता दें कि सऊदी अरब एक ऐसा देश है.. जहां लाखों विदेशी लोग काम करते हैं.. यहां तेल, निर्माण, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में विदेशी मजदूरों की बड़ी संख्या है.. अनुमान है कि सऊदी की कुल आबादी में 30–40% विदेशी हैं.. लेकिन देश की सरकार ने सऊदीकरण नीति अपनाई है.. जिसका मतलब है कि ज्यादा से ज्यादा नौकरियां सऊदी नागरिकों को दी जाएं.. वहीं यह विजन 2030 का हिस्सा है.. जो क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की योजना है.. इस नीति के तहत अवैध प्रवासियों को रोकना जरूरी है.. क्योंकि वे स्थानीय लोगों की नौकरियां छीन सकते हैं.. और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं..
सऊदी अरब में प्रवासी कानून 1950 के दशक से हैं.. लेकिन हाल के वर्षों में इन्हें और सख्त किया गया है.. इकामा एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है.. जो विदेशी व्यक्ति को सऊदी में रहने और काम करने की अनुमति देता है.. अगर इकामा एक्सपायर हो जाए या गलत तरीके से इस्तेमाल हो.. तो यह उल्लंघन माना जाता है.. बॉर्डर सिक्योरिटी कानून सीमाओं की रक्षा करता है.. क्योंकि सऊदी यमन और अन्य देशों से लगी सीमाओं पर अवैध घुसपैठ रोकना चाहता है.. लेबर लॉ काम के नियमों को नियंत्रित करता है.. जिसमें न्यूनतम वेतन, काम के घंटे और स्पॉन्सरशिप सिस्टम (कफाला) आदि शामिल है..
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में सऊदी सरकार ने कई अभियान चलाए हैं.. इसी के तहत 2017 में A Nation Without Violators अभियान में लाखों अवैध प्रवासियों को वापस भेजा गया.. 2024–2025 में भी ऐसी कार्रवाई तेज हो गई है.. सरकार का कहना है कि यह देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था के लिए जरूरी है.. अवैध प्रवासी अपराध, ड्रग्स और आतंकवाद से जुड़े हो सकते हैं..इसलिए सख्ती बरती जा रही है..
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में ही 20,237 लोग गिरफ्तार किए गए.. यह संख्या चौंकाने वाली है.. इनमें से 12,687 लोगों पर रेजिडेंसी लॉ का उल्लंघन था.. 4,318 पर बॉर्डर सिक्योरिटी का और 3,232 पर लेबर लॉ का नियम तोड़ने का आरोप था.. और ये गिरफ्तारियां पूरे देश में हुईं.. जिसमें रियाद, जेद्दा, मक्का और दम्माम शामिल है..
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि अक्टूबर 2025 में 22,613 लोग पकड़े गए.. इनमें 13,652 रेजिडेंसी उल्लंघन, 4,394 बॉर्डर क्रॉसिंग.. और 4,567 लेबर संबंधी मामले थे.. जुलाई 2025 में 22,500 गिरफ्तारियां हुईं.. जून 2025 में 12,129 मामले और दिसंबर 2024 में 19,800। ये आंकड़े दिखाते हैं.. कि सरकार लगातार अभियान चला रही है.. वहीं कई गिरफ्तारियां सीमा पर हुईं.. 1,555 लोग अवैध तरीके से घुसने की कोशिश में पकड़े गए.. जिनमें 40% यमनी और अन्य इथियोपियन थे.. सऊदी की सीमाएं यमन से लगी हैं.. जहां से तस्करी आम है..
आपको बता दें कि इन अभियानों में 32 लोग ऐसे पकड़े गए जो अवैध लोगों को ट्रांसपोर्ट, शेल्टर या नौकरी दे रहे थे.. ये कार्रवाई मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर के नेतृत्व में होती है.. वे जॉइंट इंस्पेक्शन टीमें बनाते हैं.. जो फैक्टरियों, घरों और सड़कों पर चेकिंग करती हैं.. गिरफ्तार लोगों को डिपोर्टेशन सेंटर भेजा जाता है.. जहां से उन्हें उनके देश वापस भेजा जाता है.. 2025 में ही लाखों लोगों को डिपोर्ट किया गया.. सऊदी कानून में अवैध प्रवासियों की मदद करना बड़ा अपराध है.. बॉर्डर सिक्योरिटी लॉ के तहत अगर कोई अवैध व्यक्ति को देश में घुसाने, ट्रांसपोर्ट करने, शेल्टर देने या नौकरी देने में मदद करता है.. तो सजा होती है.. 15 साल की जेल, 1 मिलियन रियाल (लगभग 2.2 करोड़ रुपये) का जुर्माना.. और इस्तेमाल की गई गाड़ी या घर जब्ती..



