मुख्यमंत्री आवास से चंद दूरी पर दिखी घोर लापरवाही!
लखनऊ में 71 भेड़ों की मौत के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार, पिपराघाट में कूड़े के ढेर में लगाई गई आग, कूड़ा खाने को मजबूर गायें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में हाल ही में खराब और जहरीला कूड़ा खाने से 71 भेड़ों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि जिम्मेदार विभागों की लापरवाही एक बार फिर सामने आ गई है। पिपराघाट इलाके में खुलेआम कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई, वहीं उसी कूड़े के ढेर के आसपास गायें कचरा खाते हुए देखी गईं।
यह दृश्य न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है, बल्कि पशुओं की जान के साथ हो रहे खिलवाड़ पर भी सवाल खड़े करता है। डेयरी संचालन धीरज पाल ने बताया कि पिपराघाट में लंबे समय से नगर निगम कूड़ा फेंक रहा है, उन्होंने बताया कि जनेश्वर मिश्र पार्क से निकला वेस्ट मटेरियल और बाकी कूड़ा यहाँ फेंका जाता है। कई बार मना करने के बावजूद उन्होंने कूड़ा फेंकना बंद नहीं किया। कई बार मना करने के बावजूद भी नगर निगम कर्मचारी नहीं माने। लगातार कूड़ा फेंके जाने से यहां कचरा सड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बदबू और धुएं से आसपास के लोग परेशान हैं। आरोप है कि कूड़े के निस्तारण के बजाय उसमें आग लगाकर उसे खत्म करने की कोशिश की गई, जिससे जहरीला धुआं फैल गया। चिंताजनक बात यह है कि इसी कूड़े के ढेर में आवारा गायें और अन्य पशु मुंह मारते नजर आए। प्लास्टिक, सड़ा हुआ भोजन और जहरीले पदार्थ खाने से पशुओं के बीमार पडऩे और मरने का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।

कूड़ा प्रबंधन को दुरुस्त किया जाए
पशुप्रेमियों और सामाजिक संगठनों जुड़े डॉक्टर राहुल ने बताया कि जला हुआ कूड़ा सड़ा खाने से जानवर की आंतों में जाकर चिपक सकती है जिससे जानवरों की मौत भी हो सकती है इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब 71 भेड़ों की मौत जैसी बड़ी घटना से भी प्रशासन सबक नहीं ले सका, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की है कि कूड़ा प्रबंधन को दुरुस्त किया जाए, खुले में कूड़ा फेंकने और उसमें आग लगाने पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि एनजीटी की रिपोर्ट भी यह कहती है कि खुले में कूड़े को न जलाया जाए जनता के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है और वातावरण को प्रदूषित करता है उसके बावजूद भी इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है।
ये ज़मीन एलडीए की है और यहाँ कि पूरी ज़िम्मेदारी उन्हीं की है और अगर नगर निगम निगम द्वारा किसी प्रकार का कूड़ा यहाँ गिराया जा रहा है तो उसे तुरंत प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
-पंकज शुक्ला, नगर निगम जोन 4
इंदौर में पानी नहीं, जहर दिया: राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत को लेकर आरोप लगाया कि भाजपा शासित मध्य प्रदेश कुप्राशन का केंद्र बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों की मौत पर हमेशा की तरह खामोश हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि जीवन के अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन जिम्मेदार है।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया। उन्होंने सवाल किया कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की तो फिर सुनवाई क्यों नहीं हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि सीवर पीने के पानी में कैसे मिला। समय रहते आपूर्ति बंद क्यों नहीं हुई। जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी। उन्होंने कहा ये फोकट सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
अब कुप्रशासन का केंद्र बना मध्यप्रदेश
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है – कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है।
भाजपा की डबल इंजन सरकार हुई फेल : अभिषेक बनर्जी
्रतृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इंदौर जल त्रासदी और दिल्ली के विषाक्त प्रदूषण को दोहरे इंजन शासन की विफलता बताते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोला। पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए बनर्जी ने मध्य प्रदेश में दूषित पानी से 10 लोगों की मौत और दिल्ली के खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य आपातकाल का मुद्दा उठाया। अधिकतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
पहाड़ों पर बर्फबारी से यूपी में बढ़ी ठिठुरन
राजस्थान में पहली बार जीरोडिग्री तापमान
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नए साल के आगाज के साथ देश में तापमान तेजी से नीचे गिरने लगा है। कई राज्यों में सर्दियों का सितम देखने को मिल रहा है। राजस्थान में पारा 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, तो वहीं पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में गलन और ठिठुरन बढऩे लगी है। भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
ढ्ढरूष्ठ ने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार, ओडिशा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शीतलहर के साथ घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की है।जम्मू कश्मीर में पहाड़ों ने बर्फ की मोटी चादर ओढ़ ली है। मौसम विभाग ने केदारनाथ, बंद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब समेत कई जिलों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इसका असर निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है, जहां ठंड अचानक से बढऩे की संभावना है।
दिल्ली में शीतलहर का अलर्ट
राजधानी दिल्ली में भी कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने राजधानी समेत आसपास के जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं।
पुलिस केदो मुठभेड़ों में 14 नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रायपुर। शनिवार को छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 14 नक्सली मारे गए। बस्तर रेंज में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने 14 माओवादियों के शव बरामद किए। इनमें से दो बीजापुर जिले के और 12 सुकमा जिले के थे।
बस्तर के दक्षिणी हिस्सों में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया था। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीमें क्षेत्र में तैनात की गईं। बीजापुर में सुबह लगभग 5:00 बजे से और सुकमा में सुबह 8:00 बजे से डीआरजी और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ स्थलों से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए, जिनमें एके-47, इंसास राइफलें और एसएलआर राइफलें शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले, शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जिला रिजर्व गार्ड के साथ मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत दक्षिण बस्तर क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड की एक टीम तैनात की गई थी। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज के अनुसार, सुबह लगभग 5 बजे से डीआरजी कर्मियों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है।
केंद्र सरकार देश में मादक पदार्थों के प्रवेश पर रोक लगाए: स्टालिन
तमिलनाडु केसीएम ने कहा- मादक पदार्थों के खिलाफ मिलकर लडऩा होगा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तिरुचिरापल्ली में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए मादक पदार्थों के खतरे को जड़ से खत्म करना आवश्यक है और उन्होंने केंद्र सरकार से देश में मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।
तिरुचिरापल्ली में एमडीएमके के संस्थापक वाइको के नेतृत्व में समानता मार्च के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के उन्मूलन की आवश्यकता पर कोई मतभेद नहीं है, जिसे उन्होंने युवाओं के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई कदम उठा रही है, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि ये उपाय अभी पूरी तरह से प्रभावी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समस्या का समाधान केवल राज्य सरकार द्वारा नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह उन बंदरगाहों और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखे जिनके माध्यम से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाचार रिपोर्टों के माध्यम से हमें पता चलता है कि किन बंदरगाहों का इस्तेमाल देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा रहा है। इन प्रवेश बिंदुओं को अवरुद्ध किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सीमाओं के पार नशीले पदार्थों की आवाजाही को रोकने के लिए केंद्र और सभी राज्यों के बीच समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्टालिन ने तिरुवल्लूर, वेल्लोर और रानीपेट जिलों में हाल ही में जब्त की गई एक लाख से अधिक नशीली दवाओं की गोलियों का हवाला दिया।



