महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अजित पवार की विमान दुर्घटना पर फिर उठे सवाल

शिवसेना यूबीटी सांसद ने पवार परिवार का किया समर्थन, बोले संजय राउत- जल गया ब्लैक बॉक्स

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को हुई विमान दुर्घटना पर एक बार फिर साजिश का आरोप लगा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को हुई विमान दुर्घटना को लेकर पवार परिवार के संदेह का समर्थन करते हुए विमान के जले हुए ब्लैक बॉक्स की स्थिति को रहस्यमय और बेहद गंभीर बताया।
राउत ने कहा कि अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया है, जिससे पवार परिवार के संदेह की पुष्टि हुई और सरकार द्वारा जांच के संचालन पर सवाल उठे। संजय राउत ने कहा कि रोहित पवार उसी परिवार के सदस्य हैं, वे तकनीकी मामलों को समझते हैं। अजित पवार की दुर्घटना के बारे में सामने आ रहे रहस्यमय तथ्य बेहद गंभीर हैं। ब्लैक बॉक्स जल गया है… 20 साल बाद भी ब्लैक बॉक्स मिल गया है, लेकिन अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया है। यह कैसे संभव हो सकता है? अगर रोहित पवार ने यह मुद्दा उठाया है, तो यह गंभीर है, और अगर पवार परिवार इसकी जांच करना चाहता है, तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। इस मामले में सरकार की मंशा सही नहीं है।
राउत की ये टिप्पणियां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद पवार) के नेता रोहित पवार के हालिया आरोपों के बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने बारामती लेयरजेट 45 दुर्घटना को महज एक हादसा न मानकर साजिश का मुद्दा बताया था। इस दुर्घटना की जांच विमानन अधिकारियों द्वारा जारी है। बारामती विमान दुर्घटना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा महाराष्ट्र यह सवाल उठा रहा है कि अजित दादा का विमान हादसा एक हादसा था या साजिश? मैं आप सभी के साथ अपने विचार साझा कर रहा हूं। कुछ लोग अब भी दादा के कहीं से आने की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ लोग कहते हैं कि विमान में 6 लोग थे, वह अजित दादा का शव नहीं था, यह अब भी किसी बुरे सपने जैसा लगता है।

सीवीआर से डेटा हासिल करने में जुटा एएआईबी

विमान हादसों की जांच करने वाली एजेंसी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने कहा है कि बरामती में हुए लियरजेट-45 प्लेन हादसे के ब्लैक बॉक्स (रिकॉर्डर) से डेटा निकालने के लिए खास तकनीकी मदद मांगी गई है। 28 जनवरी को बरामती में प्लेन क्रैश हुआ था। एएआईबी के अनुसार, विमान में दो रिकॉर्डर लगे थे। जिसमें पहला फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और दूसरा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) था।

रोहित पवार नेसाजिश के माहौल पर प्रकाश डाला था

रोहित पवार ने महाराष्ट्र में इन घटनाओं के इर्द-गिर्द व्याप्त संदेह, शोक और राजनीतिक साजिश के माहौल पर प्रकाश डाला। उन्होंने दुर्घटना की जांच का जिक्रकरते हुए एक किताब का हवाला दिया, जिसमें सुझाव दिया गया है कि किसी व्यक्ति के ड्राइवर की हत्या करना उसे निशाना बनाने का एक आसान तरीका है। रोहित पवार ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने अपनी योजना बदल दी है, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं।

ब्लैक बॉक्स की स्थिति

इस हादसे के बाद दोनों रिकॉर्डर आग में बुरी तरह जल गए थे। हालांकि डीएफडीआ का डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। लेकिन सीवीआर से डेटा निकालना मुश्किल है, इसलिए अमेरिका से तकनीकी मदद ली जा रही है (क्योंकि यह वहीं बना था)। एएआईबी ने लोगों से कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी तरह की अटकलें न लगाएं।

अमेरिका-भारत डील पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारी!

पंजाब में राहुल गांधी करेंगे किसानों की रैली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की कि इस समझौते के विरोध में कांग्रेस पंजाब में एक विशाल रैली आयोजित करने जा रही है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल होंगे।
बघेल ने कहा कि रैली 28 फरवरी या एक मार्च को आयोजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राहुल लोकसभा में और लोकसभा के बाहर भी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं और उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले से ही किसानों से संबंधित मुद्दों को उठा रहे हैं।बघेल ने कहा, ‘‘इस मुद्दे (भारत-अमेरिका व्यापार समझौते) पर लड़ाई पंजाब से शुरू होगी। एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी जिसमें राहुल और पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहेंगे।’’ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राहुल गांधी को इस मुद्दे पर बहस करने के लिए कहने के सवाल पर बघेल ने कहा, ‘‘अमित शाह बहस करना चाहते हैं। हम वहां आएंगे। किसान आएंगे। आप समय और स्थान तय कर लीजिए। बघेल ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी पहले से ही किसानों से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के प्रावधान भारतीय कृषि क्षेत्र और स्थानीय किसानों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। पंजाब, जो देश का कृषि केंद्र माना जाता है, वहां से इस आंदोलन की शुरुआत कर कांग्रेस किसानों को गोलबंद करने की रणनीति बना रही है।

23 साल बाद प्रत्युषा केस में फैसला, सुप्रीमकोर्ट का आदेश, सिद्धार्थ रेड्डी 4 हफ्ते में सरेंडर करें

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तेलुगु अभिनेत्री प्रत्युषा की मौत के 23 साल बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। अदालत ने गुडिपल्ली सिद्धार्थ रेड्डी की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। यह फैसला जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने सुनाया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में बलात्कार का अपराध सिद्ध नहीं होता है। साथ ही यह भी कहा गया कि जहर खाने का तथ्य स्थापित है और सुसाइड पैक्ट यानी आत्महत्या का समझौता भी दंडनीय अपराध है। कोर्ट ने रेड्डी की बरी होने की मांग वाली अपील और अभिनेत्री की मां सरोजिनी देवी की वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने घटना को हत्या बताते हुए कड़ी सज़ा की मांग की थी। यह मामला वर्ष 2002 का है, जब 22 वर्षीय प्रत्युषा ने अपने प्रेमी सिद्धार्थ रेड्डी के साथ कथित रूप से कीटनाशक खा लिया था।
अस्पताल ले जाते समय प्रत्युषा की मौत हो गई, जबकि रेड्डी बच गए. घटना के बाद यह विवाद बना रहा कि यह आत्महत्या थी या सुनियोजित हत्या। जांच के बाद सीबीआई ने रेड्डी पर आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया था। 2004 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पांच साल की सज़ा सुनाई। बाद में 2011 में हाईकोर्ट ने सज़ा घटाकर दो साल कर दी और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। रेड्डी ने खुद को बरी कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जबकि प्रत्युषा की मां ने कड़ी सज़ा की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। नवंबर 2025 में इस मामले की सुनवाई पूरी हुई, जिसके बाद अदालत ने फरवरी 2026 में अपना अंतिम निर्णय सुनाया।

कांग्रेस का हल्ला बोल, विधानसभा घेरा

पुलिस से भिड़े कांग्रेसी, इको गार्डन पहुंचाया

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विधानसभा घेराव के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने प्रदेश कार्यालय के बाहर ही रोक लिया। धक्का-मुक्की के बाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर सभी को घेरा गया। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा। विधानसभा जाने की जिद पर नेता धरने पर बैठ गए, इको गार्डन ले जाने की तैयारी।
लखनऊ में कांग्रेस ऑफिस के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प हो गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, विधायक आराधना मिश्रा समेत कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। फिलहाल मौके पर गहमागहमी का माहौल है। दरअसल, अजय राय ने सोमवार को मनरेगा और शंकराचार्य मुद्दे को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इस समय विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई।
मनरेगा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसे देखते हुए कई बड़े नेताओं को नजरबंद किया गया है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे प्रदर्शन में पार्टी के महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, नेता विधानमंडल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना, विधायक वीरेंद्र चौधरी समेत कई सांसद, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल है।

सदन में विपक्ष ने फिर योगी सरकार को घेरा

कांग्रेस ने उठाया बीएलओ की मौत और एसआई का मुद्दा, सुरेश खन्ना ने मोर्चा संभाला, विधान परिषद में कोडीन पर चर्चा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । यूपी विधानसभा की कार्यवाही जारी है। सदन में आज फिर विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। आज कार्यवाही परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, स्कूल मर्जर और शिक्षकों की भर्ती के सवालों के साथ हुई। सदन में सपा व कांग्रेस ने बीएलओ की मौत पर सवाल उठाए। जिस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब दिया। उधर विधान परिषद में कोडीन पर चर्चा हुई।
विधायक संदीप ने लोक सेवा आयोग की भर्तियों में अनियमितता की बात कही। आज नौजवानों को नाट फार सूटेबल बताकर किनारे कर दिया जाता है। आरक्षण न देना पड़े इसलिए सरकारी नौकरियां खत्म कर दी गईं। आरक्षण न देने पड़े निजीकरण किया जा रहा है।

भर्तियों में आरक्षण को लेकर सपा का सरकार पर गंभीर आरोप

सपा विधायक ने विभिन्न विभागों में भर्तियों का लेखा जोखा प्रस्तुत कर सरकार को घेरा। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद, पशु पालन विभाग में पशु पालन अधिकारी और परिवार कल्याण महानिदेशालय में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की रिक्तियों का जिक्र करते हुए आरक्षण पर सवाल उठाए। उन्होंने हर भर्ती की संख्या और आरक्षण का अनुपात गिनाया। कहा कि भाजपा ने हमारे समाज के कुछ लोगों को हायर कर रखा है। वह लोग कभी भी आरक्षण की बात नहीं करते। गरीबों की बात नहीं करते। आज सरकार की नीयत में खोट दिख रही है। विधायक संग्राम सिंह यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण देने को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूपी के चयन आयोग ने चुपके से माइग्रेशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। छात्रों ने विरोध जताया तो उनके साथ पुलिस ने अभद्रता की।

वोट काटने का दबाव बनाते हैं बीएलओ : पारस

सपा विधायक पारस ने कहा कि यदि कोई बाहर रहता है तो बीएलओ उसका वोट काटने का दबाव बनाते हैं। कोई बाहर काम कर रहा है तो उसके घरवाले उसका फार्म भर सकते हैं लेकिन बीएलओ उसका भी नाम काटने का दबाव बना रहे हैं। यही नहीं पहले वोटर बनने पर कोई भी व्यक्ति आसानी से फार्म 6 भर सकता था। लेकिन, अब एफिडेविट मांगा जाता है। इसे बनवाने में करीब 600 रुपये खर्च होते हैं।

प्रशासनिक लापरवाही के कारण शिक्षकों की जान गई : आराधना मिश्रा

विधायक आराधना मिश्रा मोना ने यूपी में 10 बीएलओ की हुई मौतों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एसआईआर की जल्दबाजी क्यों थी? बिना किसी ट्रेनिंग के शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई। इससे अफसरों का उन पर अतिरिक्त दबाव था। इससे उनकी मौत हुई। उन्होंने मुरादाबाद के शिक्षक सर्वेश के सुसाइड की मौत का जिक्रकिया। फतेहपुर में 27 वर्षीय लेखपाल ने शादी के एक दिन पहले सुसाइड कर लिया। एक महिला शिक्षक की काम के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। ये तो महज वो घटनाएं थी जो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ गईं। बाकी न जाने कितनी घटनाएं हुई होंगी। इसके बाद भी सरकार ने इसकी जवाबदेही नहीं ली। प्रशासनिक लापरवाही के कारण शिक्षकों की जान गई।

बीएलओ की मौत कैसे हुई ये जांच का विषय : खन्ना

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि ज्यादातर बातें चुनाव आयोग के अंतर्गत आती हैं। उन्होंने आर्टिकल 13-ए का जिक्र करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया, उनके साथ हमारी संवेदना है। लेकिन, मौत कैसे हुई ये जांच का विषय है। मानवीय आधार पर हमारी संवेदना उनके परिवारों के साथ हैं। हम उनको बाकी सभी सरकारी कर्मचारियों के बराबर ही ट्रीट करेंगे।

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