महाराष्ट्र: शिवाजी-टीपू विवाद पर बैकफुट पर आई कांग्रेस, राजनीतिक बवाल के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मांगी माफी

महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान के बाद बीजेपी उन पर हमलावर हैं. बढ़ते विवाद को देखते हुए सपकाल ने माफी मांग ली है. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि उनका कभी भी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था. सपकाल ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और स्वराज्य’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए अंग्रेजों के विरुद्ध टीपू सुल्तान के आह्वान का उदाहरण दिया था. उन्होंने दावा किया कि यह तुलना नहीं थी. उन्होंने कहा कि बयान को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गलत इरादे से कैंपेन चलाकर प्रसारित किया है. बीजेपी ने इस पूरे कैंपेन के दौरान समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की है.
BJP नेताओं की धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि वह BJP नेताओं की धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे, जिन्होंने उनकी जीभ काटने पर इनाम देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई से किसानों को राहत, अनुचित व्यापार समझौतों की समाप्ति और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को रोकने में मदद मिलती है, तो वह इसके परिणाम भुगतने को तैयार हैं. लेकिन वो बीजेपी के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं हैं. सपकाल ने कहा कि वह समाज में नफरत फैलाने वाली राजनीति नहीं करते हैं. जबकि बीजेपी समाज में जहर घोलने का काम करती है.
सपकाल ने क्या कहा था?
महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज और 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के बीच समानताएं बताई गई थीं. सपकाल का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी और अन्य हिंदू संगठनों ने इस पर विरोध दर्ज कराया. इतना ही नहीं, राज्य के कई अलग-अलग हिस्सों में हिंदू संगठनों ने सपकाल का पुतला जलाते हुए माफी मांगे जाने की भी मांग की. पुणे में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी की कड़ी निंदा की.
उद्धव की शिवसेना और VHP ने भी बताया गलत
उद्धव की शिवसेना (UBT) ने 18वीं सदी के मैसुरु के शासक और मराठा साम्राज्य के संस्थापक के बीच तुलना की निंदा की. शिवसेना ने कहा कि शिवाजी के साथ टीपू की तुलना करना बेहद गलत है. शिवाजी महाराज ने स्वराज के लिए लड़ाई लड़ी थी. विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने भी एक महाराष्ट्रीयन नेता द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज पर ऐसी टिप्पणी पर आश्चर्य जताया. जिसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सामने आकर माफी मांगनी पड़ी.

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