IAF का मेगा शो वायुशक्ति-26, दुश्मनों को संदेश, S-400 पहली बार ऑपरेशन में
वायुशक्ति 26 के आयोजन से पहले भारतीय वायुसेना की ओर से जारी किए गए 49 सेकंड के इस वीडियो में पहली बार S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को एक्शन में दिखाया गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: वायुशक्ति 26 के आयोजन से पहले भारतीय वायुसेना की ओर से जारी किए गए 49 सेकंड के इस वीडियो में पहली बार S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को एक्शन में दिखाया गया है. लंबी दूरी की मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सटीकता से भेदा.
भारतीय वायुसेना (IAF) लगातार अपनी ताकत बढ़ा रहा है और पूरी दुनिया को अपनी क्षमता का एहसास भी करा रहा है. भारतीय वायुसेना की ताकत की गूंज अब राजस्थान के पोखरण से भी पड़ोसियों को सुनाई देगी. वायुसेना कल शुक्रवार (27 फरवरी) को होने वाले वायुशक्ति 26 (Vayu Shakti 26) आयोजन के जरिए अपनी मारक क्षमता का जोरदार अंदाज में प्रदर्शन करेगी, जिसके जरिए दुश्मनों को साफ संदेश दिया जाएगा कि भारत पूरी तरह तैयार है.
वायुशक्ति 26 के आयोजन से पहले भारतीय वायुसेना की ओर से जारी किए गए 49 सेकंड के इस वीडियो में पहली बार S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को एक्शन में दिखाया गया है. लंबी दूरी की मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सटीकता से भेदा. साथ ही रडार इंटरसेप्ट, मिसाइल लॉन्च और आसमान में धमाकों की तस्वीरें वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारी का सबूत है.
राष्ट्रपति मुर्मू होंगी शामिल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पोखरण में वायुशक्ति अभ्यास के दौरान वहां मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी. राष्ट्रपति की मौजूदगी को देखते हुए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है. इस भव्य आयोजन के दौरान, भारतीय वायुसेना दुश्मन को तेजी से दंडित करने की अपनी क्षमता और ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी आदि को रेखांकित करेगी.
पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में इसकी शानदार तैयारी चल रही है. फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान भी सभी टारगेट सफलतापूर्वक नष्ट किए गए. सभी ऑपरेशनल पैरामीटर्स को वैलिडेट कर लिया गया है.
IAF का सबसे बड़ा फायरपावर शो
साल 1985 से शुरू हुआ भारतीय वायुसेना का यह सबसे बड़ा फायरपावर शो है. पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद इस बार 100 से ज्यादा लड़ाकू और अन्य विमान इसमें हिस्सा ले रहे हैं. जबकि 2026 के वैरिएंट में एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम, मल्टी-डोमेन ऑपरेशन और मानवरहित हथियार प्रणालियों पर खास जोर दिया गया है.
पोखरण में कल 27 फरवरी को होने वाले इस ड्रिल को लेकर वायुसेना पूरी तरह तैयार है. इसके पीछे का मकसद साफ है कि भारत की हवाई सुरक्षा बेहद मजबूत है और वायुसेना हवाई सुरक्षा को लेकर सतर्क भी है और हर चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है.



