मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार धड़ाम, 9 लाख करोड़ का नुकसान
देश के अधिकतर इलाकों में होली 4 मार्च यानी बुधवार को सेलीब्रेट की जा रही है. लेकिन शेयर बाजार में गिरावट की वजह से इस सेलीब्रेशन को पूरी तरह से खराब किया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश के अधिकतर इलाकों में होली 4 मार्च यानी बुधवार को सेलीब्रेट की जा रही है. लेकिन शेयर बाजार में गिरावट की वजह से इस सेलीब्रेशन को पूरी तरह से खराब किया.
जहां सेंसेक्स में 1750 अंकों की गिरावट देखने को मिली वहीं दूसरी ओर निफ्टी 500 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. ये लगातार तीसरा कारोबारी दिन है, जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. इन कारोबारी दिनों में शेयर बाजार निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है.
मिडिल ईस्ट की जंग ने होली के रंगों को पूरी तरह से खराब कर दिया है. शेयर बाजार में होली के दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली है. जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशकों को बाजार खुलते ही 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया. वास्तव में 3 मार्च को होली की वजह से शेयर बाजार का अवकाश था. देश के अधिकतर इलाकों में होली 4 मार्च यानी बुधवार को सेलीब्रेट की जा रही है. लेकिन शेयर बाजार में गिरावट की वजह से इस सेलीब्रेशन को पूरी तरह से खराब किया. जहां सेंसेक्स में 1750 अंकों की गिरावट देखने को मिली वहीं दूसरी ओर निफ्टी 500 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.
ये लगातार तीसरा कारोबारी दिन है, जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. इन कारोबारी दिनों में शेयर बाजार निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है. वैसे एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. कोस्पी करीब 8 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ दिखाई दिया था. जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुआ है. जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है.
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
होली के दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. आंकड़ों को देखें तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 1,795.65 अंकों की गिरावट के साथ 78,443.20 अंकों पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. जबकि सोमवार को सेंसेक्स 80,238.85 अंकों पर बंद हुआ था. वैसे आज सुबह सेंसेक्स 78,528.82 अंकों पर ओपन हुआ था. जबकि 9 बजकर 37 मिनट पर सेंसेक्स 1676.19 अंकों की गिरावट के साथ 78,559.82 अंकों पर कारोबार कर रहा है.
कुछ ही ऐसी ही स्थिति नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी देखने को मिल रहा है. निफ्टी भी करीब 550 अंकों की गिरावट के साथ 24,315.45 अंकों के लोअर लेवल पर दिखाई दिया था. वैसे 9 बजकर 37 मिनट पर निफ्टी 515 अंकों की गिरावट के साथ 24,350.85 अंकों पर कारोबार कर रहा है. वैसे निफ्टी 24,388.80 अंकों पर ओपन हुआ था.
शेयर बाजार के गिरावट के प्रमुख कारण
US-ईरान वॉर कम होने के कोई संकेत नहीं
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से ईरान और US-इज़राइल के बीच तनाव बढ़ रहा है, और पश्चिम एशिया में मिसाइलों की बौछार जारी है. इजराइल ने मंगलवार को दावा किया कि उसने तेहरान और बेरूत में नए हमले किए हैं.
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि युद्ध अगले चार से पांच हफ़्तों में खत्म हो सकता है, लेकिन वह “इससे कहीं ज़्यादा समय तक चलने के लिए तैयार हैं. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार ने कहा कि वॉर बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ, बाज़ार बहुत ज़्यादा अनिश्चितता के दौर में जा रहे हैं. कोई नहीं जानता कि यह लड़ाई कब तक चलेगी और यह कितनी तबाही मचा सकती है.
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
बुधवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 66 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 92.15 पर आ गया, क्योंकि US-ईरान युद्ध से बढ़ते महंगाई के खतरों के बीच US डॉलर इंडेक्स कई महीनों के हाई पर पहुंच गया. कमजोर रुपया भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पूंजी के बाहर जाने को तेज कर सकता है, क्योंकि यह ज्यादा इनपुट लागत से कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव का संकेत देता है. LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट – कमोडिटी और करेंसी, जतीन त्रिवेदी के अनुसार तकनीकी रूप से, रुपया जल्द ही 91.0092.00 की रेंज में उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है, जिसमें क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम मुख्य वजहें हैं.
कच्चा तेल कई महीनों के हाई पर
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली है. मंगलवार को कच्चे तेल के दाम करीब 10 फीसदी तक उछल गए थे. जबकि बाजार बंद होने तक 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली. मौजूदा समय में इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया है, क्योंकि US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने शिपमेंट में रुकावट डाली है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क और गिरती भारतीय करेंसी के बीच विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय इक्विटी बेचना फिर से शुरू कर दिया है. फरवरी में, उन्होंने कैश सेगमेंट में 6,641 करोड़ रुपए के भारतीय स्टॉक बेचे, जो भारतीय इक्विटी में उनकी लगातार आठवें महीने की नेट सेलिंग थी. 2 मार्च को, उन्होंने कैश सेगमेंट में 3,295.64 करोड़ रुपए के भारतीय स्टॉक बेचे.
निवेशकों को हुआ मोटा नुकसान
शेयर बाजार निवेशकों को होली के दिन मोटा नुकसान हो चुका है. आंकड़ों को देखें तो सोमवार को जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब बीएसई का मार्केट कैप 4,56,90,693.19 करोड़ रुपए था, जो कारोबारी सत्र के दौरान 4,48,01,225.05 करोड़ से कम दिखाई दिया. इसका मतलब है कि शेयर बाजार निवेशकों को 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया. बीएसई के मार्केट कैप से ही शेयर बाजार निवेशकों के नुकसान और फायदे की गणना होती है.


