इजरायल-ईरान जंग में पूरी दुनिया चपेट में आई

- चारों ओर बस त्राहिमाम-त्राहिमाम
- अब गैस और तेल के संकट से मचेगी तबाही
- दिल्ली से चेन्नई तक देशभर में एलपीजी की भारी किल्लत
- सिलेंडर के लिए लग रही लंबी-लंबी लाइनें
- विपक्ष ने सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। इजरायल-ईरान जंग का 11वां दिन है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग में अब तक काफी कुछ बदल चुका है। ईरान- इजरायल-अमेरिका लड़ाई अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जहां इजरायल ईरान व उसकेसाथियों पर मिसाइल हमले तेज कर रहा है तो वहीं ईरान भी पीछे नहीं हट रहा है। उसने भी खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए है। पश्चिम एशिया के देश में तो युद्ध की वजह से भारी तबाही मच गई है। पर इसका असर अब पूरी दुनिया पर होने लगा है।
सबसे ज्यादा असर तेल व गैस की आपूर्ति को लेकर है। बता दें कि ईरान केहोर्मुज से ही पूरी दुनिया में तेल व गैस का आवागमन होता है। ईरान की लड़ाई की वजह से आवाजाही बंद हो गई है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा को भारत को भुगतना पड़ा रहा है। देश भर में एलपीजी की सप्लाई चरमरा गई है। जिसकी वजह से कई शहरों में गैस की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें लग गई हंै। इसकों लेकर सियासी घमासान भी आरंभ हो गया है। कांग्रेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे एलपीजी संकट पर केंद्र सरकार पर जनता से झूठ बोलने का आरोप लगाया है, दावा किया कि व्यावसायिक आपूर्ति रोकी जा रही है। इसके जवाब में सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने और वाणिज्यिक वितरण को प्रतिबंधित करने का कदम उठाया है।
मोदी की गलती है, एक करोड़ लोग बेरोजगार : केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा, इस वक्त देश बहुत गंभीर संकट से गुजर रहा है। पूरे देश में एलपीजी गैस की भारी किल्लत हो गई है। इसका कारण है कि पूरे देश में डेली प्रोडक्शन का 50 फीसदी ही प्रोड्यूस हो रहा है। हमारे देश में एलपीजी की जितनी खपत है उसका 60 फीसदी हम आयात करते हैं। उस 60 फीसदी का 90 परसेंट स्ट्रेट ऑफ होर्मूस से आता है। यह भारत के लिए बंद हो गया। अब देश में केवल 50-55 प्रतिशत एलपीजी ही मिल रही है। अरविंद केजरीवाल ने कहा, गुजरात के टाइल इंडस्ट्री के कैपिट मोरबी में, जहां 650 इंडस्ट्री हैं वहां 170 बंद हो चुकी हैं और एक लाख लोग बेरोगजार हो गए हैं। पूरे देश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों के एकदम से बेरोजगार होने की आशंका है। एकदम से इतने सारे लोगों के बेरोजगार होने पर क्या स्थिति होगी हम सोच सकते हैं।
केंद्र सरकार जनता से झूठ बोल रही : वेणुगोपाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर एलपीजी गैस की कमी को लेकर केंद्र सरकार जनता से झूठ बोल रही है। वेणुगोपाल ने कहा कि गैस एजेंसियों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न करने के निर्देश दिए गए हैं। गैस एजेंसियों को निर्देश भेजे गए हैं कि वे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न करें। स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। सरकार भारत की जनता से पूरी तरह झूठ बोल रही है। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने एलपीजी गैस संकट से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों की कमी पर सवाल उठाया। हम बार-बार हवाई किराए पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों में, खासकर खाड़ी देशों में, स्थिति यह है कि कोई नियंत्रण नहीं है, और यह पूरी तरह से एयरलाइन के विवेक पर छोड़ दिया जाता है ।
भारत 55-60 परसेंट एलपीजी आयात करता है
भारत अपनी जरूरत का लगभग 55-60 परसेंट एलपीजी आयात करता है। इनमें से ज्यादातर यूएईऔर सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से मंगाए जाते हैं। कारोबार साल 2025 में भारत की घरेलू एलपीजी जरूरतों का 66 परसेंट आयात से पूरा हुआ। भारत का 92 परसेंट एलपीजी इम्पोर्ट मिडिल ईस्ट से हुआ। 40 परसेंट , 22 परसेंट कतर और सऊदी अरब व कुवैत दोनों से 15-15 परसेंट हुआ। अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई बाधित हो रही है। यही वजह है कि ग्लोबल एनर्जी संकट और घरेलू किल्लत को रोकने के लिए सरकार ने ईसीए 1955 को लागू कर दिया है।
ईरान के तेल व पावर पर कंट्रोल चाहते ट्रंप
तेहरान यूनिवर्सिटी में वल्र्ड स्ट्रैटजी के पॉलिटिकल एनालिस्ट फोआद इजादी ने अल जजीरा को बताया कि कई ईरानियों का मानना है कि यह युद्ध देश के तेल पर नियंत्रण और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर कब्जे को लेकर है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रम्प को हमारा तेल चाहिए। ईरानी कई वर्षों से यही कहते और मानते आ रहे हैं उन्होंने तर्क दिया कि वाशिंगटन की रणनीति पुरानी साम्राज्यवादी नीतियों का नतीजा है।
हर राज्य में हजारों होटल हो रहे बंद
आम आदमी पार्टी प्रमुख ने आगे बताया, इसका सबसे बड़ा खामियाजा रेस्टोरेंट और होटल बर्दाश्त कर रहे हैं। सरकार ने आदेश जारी किया है कि रेस्टोरेंट और होटल को एलपीजी गैस मुहैया नहीं कराई जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर रेस्टोरेंट और होटल इन सिलेंडरों के स्टॉक नहीं रख सकते। उन्हें डेली सिलेंडर सप्लाई किए जाते हैं। अब एकदम से एलपीजी बंद हो गई तो उनके पास दो दिन का भी स्टॉक नहीं है।
खाड़ी देशों में ईरान के हमले बढ़े
ये घटना ऐसे समय पर हुई है जब ईरान ने गल्फ देशों यानी यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और कुवैत पर काउंटर अटैक्स तेज कर दिए है। अबू धाबी के रुवैस रिफाइनरी में भी ड्रोन हमले से आग लगी थी और उसे बंद करना पड़ा था। भारतीय दूतावास दुबई में घायल भारतीय नागरिक की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरी मदद पहुंचाने की तैयारी में हैं। दुबई एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ है।
भारतीयों के लिए एडवाइजरी
भारत सरकार ने यूएई में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। दुबई और अबू धाबी में रहने वाले भारतीयों को अलर्ट रहने और लोकल अथॉरिटीज के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है. अगर कोई भारतीय नागरिक प्रभावित हुआ है, तो भारतीय दूतावास दुबई (+971-4-3971222) या अबू धाबी (+971-2-4492700) से संपर्क करें।
मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला
अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर फिर से बड़े हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (तेहरान का मुख्य घरेलू एयरपोर्ट) और शहर के कई दूसरे इलाकों को निशाना बनाया गया. ईरानी स्टेट मीडिया और चश्मदीदों ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास जोरदार धमाके हुए, आग लगी और धुआं उठता दिखा। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि कमर्शियल प्लेन तहखाने पर जलते दिखे।




