गुजरात में राहुल गांधी की एंट्री | निकाय चुनाव से पहले बड़ा दांव, वडोदरा में BJP के गढ़ को चुनौती
गुजरात में निकाय चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाने लगा है... कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य में एंट्री करने जा रहे हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा में अब बस कुछ दिन बाकी हैं.. राज्य विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च को खत्म होने वाला है.. और 26 मार्च को राज्य चुनाव आयोग नगर निगमों, नगर पालिकाओं, तालुका पंचायतों.. और जिला पंचायतों के चुनाव शेड्यूल का ऐलान कर सकता है.. ऐसे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी 23 मार्च को गुजरात पहुंच रहे हैं.. उनका कार्यक्रम मध्य गुजरात के प्रमुख शहर वडोदरा में होगा..
जहां राहुल गांधी पार्टी नेताओं से मुलाकात करेंगे.. और खास तौर पर आदिवासी समाज के लोगों से बातचीत करेंगे.. यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वडोदरा बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है.. और यहां कांग्रेस को लंबे समय से जीत नहीं मिली है.. लेकिन वडोदरा से लगी आदिवासी बेल्ट जैसे छोटा उदेपुर, दाहोद, पंचमहल.. और नर्मदा में कांग्रेस की अभी भी अच्छी उपस्थिति है.. राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस को स्थानीय चुनावों में मजबूत बनाने.. और 2027 विधानसभा चुनावों के लिए आधार तैयार करने की रणनीति का हिस्सा लगता है..
आपको बता दें कि राहुल गांधी का वडोदरा दौरा गुजरात कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा है.. पिछले कुछ समय में पार्टी ने संगठन सृजन अभियान चलाया है.. इस अभियान के तहत राज्य में नई कांग्रेस कमेटियां बनाई गई हैं.. गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी की कमान ओबीसी नेता अमित चावड़ा के हाथों में है.. और उन्हें हाल ही में फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है.. वडोदरा शहर अध्यक्ष ऋत्विक जोशी को भी दूसरी बार पद पर बरकरार रखा गया है.. राहुल गांधी के दौरे में आदिवासी विंग के बड़े पदाधिकारी भी साथ रहेंगे.. बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी संसद के बाहर आदिवासी परिधान में दिखे थे.. जो आदिवासी मुद्दों पर उनके फोकस को दिखाता है.. गुजरात के प्रभारी राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक हैं.. बीच में सचिन पायलट को कमान सौंपने की चर्चा हुई थी.. लेकिन मुकुल वासनिक ही प्रभारी बने रहे..
वडोदरा बीजेपी का अभेद्य गढ़ रहा है.. 2021 के नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने यहां भारी बहुमत जीता था.. कांग्रेस को यहां मजबूत आधार बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.. लेकिन वडोदरा से सटी आदिवासी बेल्ट में कांग्रेस की पकड़ अभी भी अच्छी है.. छोटा उदेपुर, दाहोद, पंचमहल और नर्मदा जैसे जिले आदिवासी बहुल हैं.. यहां कांग्रेस ने पहले से संगठन मजबूत किया है.. राहुल गांधी की मुलाकात आदिवासी नेताओं और कार्यकर्ताओं से होगी.. वे स्थानीय मुद्दों जैसे कुपोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि अधिकार.. और रोजगार पर बात करेंगे.. यह दौरा AAP की बढ़ती पकड़ को रोकने की कोशिश भी लगता है.. AAP ने आदिवासी बेल्ट में गोपाल इटालिया.. और युवराज सिंह जाडेजा जैसे नेताओं के जरिए अच्छी पकड़ बनाई है.. AAP ने हाल ही में नकली दूध और आदिवासी बजट घोटाले जैसे मुद्दे उठाए हैं.. कांग्रेस अब आदिवासी वोट को मजबूत करने की कोशिश कर रही है..
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है.. राज्य में 15 महानगर निगम, 83 नगर पालिकाएं, 262 तालुका पंचायतें.. और 34 जिला पंचायतें हैं.. कुल सीटें करीब 12,000 हैं.. OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद यह पहले बड़े चुनाव हैं.. सीटों का रोटेशन SC/ST के लिए तीसरी बार हो रहा है.. महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है.. इससे कई मौजूदा उम्मीदवार बदल सकते हैं.. 2021 में सूरत से AAP ने एंट्री की थी.. और कुछ सीटें जीती थीं.. अब AAP सभी 12,000 सीटों पर लड़ रही है.. कांग्रेस को इन चुनावों में अपनी नई संगठन संरचना की पहली परीक्षा देनी है.. राहुल गांधी का दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं को जोश देने.. और आदिवासी क्षेत्रों में मजबूती लाने के लिए है..



