गुजरात में BJP को बड़ा झटका, महिला मोर्चा अध्यक्ष 200 कार्यकर्ताओं संग AAP में शामिल
गुजरात की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है... भाजपा महिला मोर्चा की एक प्रमुख अध्यक्ष ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः स्थानीय निकाय चुनाव से पहले गुजरात की राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल आ गया है.. अहमदाबाद के ठक्करबापा नगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इंडिया कॉलोनी वार्ड की.. भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष और महासभा मंत्री मनीषाबेन मुरारका ने 200 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं.. तथा सामाजिक नेता गोविंदभाई गोस्वामी के साथ भारतीय जनता पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई हैं.. वहीं यह घटना गुजरात में AAP के बढ़ते प्रभाव.. और भाजपा के अंदर असंतोष का साफ संकेत दे रही है.. पार्टी छोड़ने के पीछे मनीषाबेन ने भाजपा की नीतियों.. और जनता से बढ़ती दूरी को कारण बताया.. इस बड़े फेरबदल को गुजरात लॉबी को तगड़ा झटका बताया जा रहा है..
आपको बता दें कि ठक्करबापा नगर अहमदाबाद का एक महत्वपूर्ण इलाका है.. यहां भाजपा लंबे समय से मजबूत रही है.. इंडिया कॉलोनी वार्ड में मनीषाबेन मुरारका महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में सक्रिय थीं.. वे महासभा मंत्री भी थीं.. इतने बड़े पद पर रहते हुए उनका AAP में शामिल होना भाजपा के लिए बड़ा झटका है.. जानकारी के अनुसार 27 मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस.. और औपचारिक कार्यक्रम में मनीषाबेन ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल.. और गुजरात प्रदेश नेतृत्व के सामने पार्टी जॉइन की.. उनके साथ 200 से ज्यादा महिला कार्यकर्ता.. और गोविंदभाई गोस्वामी जैसे स्थानीय सामाजिक नेता भी शामिल हुए.. मंच पर AAP के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे..
मनीषाबेन मुरारका ने पार्टी छोड़ने का कारण बताते हुए कहा कि.. भाजपा अब आम आदमी की समस्याओं से दूर हो गई है.. और उन्होंने आरोप लगाया कि 30 साल के शासन में भाजपा ने विकास के नाम पर सिर्फ बड़े लोगों का भला किया.. जबकि महिलाएं, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग की अनदेखी हुई.. मनीषाबेन ने कहा कि मैं लंबे समय से भाजपा में काम कर रही थी.. महिला मोर्चा में महिलाओं की आवाज उठाने की कोशिश की.. लेकिन पार्टी में ऊपर से नीचे तक वंशवाद.. और भ्रष्टाचार बढ़ गया है.. आम महिलाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा था.. जब AAP की सभाओं और योजनाओं को देखा तो लगा कि यही सच्ची आम आदमी की पार्टी है.. और उन्होंने AAP की महिलाओं को 1000 रुपये महीना देने की घोषणा का जिक्र किया.. और कहा कि ऐसी पारदर्शी योजनाएं ही जनता को राहत दे सकती हैं..
जानकारी के अनुसार गोविंदभाई गोस्वामी स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं.. उन्होंने भी AAP में शामिल होने का कारण बताया.. उन्होंने कहा कि भाजपा में रहकर जनता की सेवा करने की गुंजाइश कम हो गई है.. AAP में साधारण कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलता है.. और फैसले नीचे से ऊपर की ओर होते हैं.. गोविंदभाई ने दावा किया कि उनके साथ कई.. और स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी जल्द AAP में आ सकते हैं.. इस परिवर्तन की लहर को उन्होंने अजेय बताया..
वहीं यह घटना गुजरात में AAP के चार दिवसीय दौरे के ठीक बाद हुई है.. अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमरेली, जामनगर.. और दाहोद में विशाल विजय विश्वास सभाएं की.. इन सभाओं में केजरीवाल ने महिलाओं को 1000 रुपये महीना, मुफ्त बिजली.. और गुजरात का नक्शा बदलने का वादा किया था.. दाहोद में आदिवासी मुद्दों पर जोर दिया गया.. इन सभाओं के बाद गुजरात में AAP की चर्चा तेज हो गई थी.. ठक्करबापा नगर में मनीषाबेन का शामिल होना इसी लहर का हिस्सा माना जा रहा है.. AAP के नेता कह रहे हैं कि यह परिवर्तन की अजेय लहर है.. जो अब अहमदाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों तक पहुंच गई है..
भाजपा की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.. लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्टी में हलचल मची हुई है.. ठक्करबापा नगर भाजपा के लिए गढ़ रहा है.. यहां से महिला मोर्चा की अध्यक्ष का जाना.. और 200 कार्यकर्ताओं का साथ छोड़ना पार्टी की संगठनात्मक ताकत पर सवाल उठा रहा है.. कुछ भाजपा नेता इसे व्यक्तिगत असंतोष बता रहे हैं.. लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि.. यह जनता में बढ़ते गुस्से का नतीजा है.. महंगाई, बेरोजगारी, सड़कों की खराब स्थिति.. और स्वास्थ्य-शिक्षा की समस्याओं से आम लोग तंग आ चुके हैं..
AAP ने इस घटना को बड़ी सफलता बताया है.. गुजरात AAP के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि मनीषाबेन जैसे अनुभवी नेता.. और 200 महिला कार्यकर्ताओं का शामिल होना.. पार्टी को स्थानीय निकाय चुनावों में मजबूती देगा.. उन्होंने याद दिलाया कि AAP अकेले लड़ाई लड़ेगी, कोई गठबंधन नहीं होगा.. पहली उम्मीदवार सूची में साधारण चेहरे दिए जा रहे हैं.. वहीं अब मनीषाबेन और गोविंदभाई जैसे लोग पार्टी की ताकत बढ़ाएंगे.. गढ़वी ने कहा कि भाजपा के गढ़ में बड़ा गैप पड़ गया है.. जो यह दिखाता है कि गुजरात की जनता बदलाव चाहती है..
मनीषाबेन मुरारका स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय रही हैं.. महिला मोर्चा में उन्होंने कई कार्यक्रम आयोजित किए.. महिलाओं की समस्याओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा.. और घरेलू हिंसा पर काम किया.. लेकिन हाल के वर्षों में उन्हें पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने की शिकायतें थीं.. AAP में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि यहां महिलाओं को सशक्त बनाने की सच्ची योजना है.. पंजाब और दिल्ली के मॉडल में महिलाओं को सम्मान.. और आर्थिक मदद दी जाती है.. और गुजरात में भी यही होगा..
आपको बता दें कि बीजेपी नेताओं का शामिल होना सिर्फ संख्या का नहीं.. बल्कि प्रतीकात्मक महत्व का है.. ठक्करबापा नगर और इंडिया कॉलोनी जैसे इलाकों में मध्यम वर्ग.. और छोटे व्यापारी रहते हैं.. इन वर्गों में भाजपा के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.. महंगाई से घरेलू बजट बिगड़ रहा है.. युवा नौकरियां नहीं पा रहे.. और छोटे व्यापारी जीएसटी.. और अन्य टैक्स के बोझ से परेशान हैं.. मनीषाबेन ने इन मुद्दों को उठाते हुए कहा कि AAP इन समस्याओं का समाधान कर सकती है..
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं.. चुनाव आयोग की प्रक्रिया चल रही है.. AAP इन चुनावों को सेमीफाइनल मान रही है.. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह टेस्ट है.. अमरेली और दाहोद जैसी सभाओं के बाद अब अहमदाबाद जैसे शहरों में भी AAP की सक्रियता बढ़ गई है.. मनीषाबेन का शामिल होना शहरी क्षेत्र में पार्टी की पैठ बढ़ाने में मदद करेगा..
AAP की रणनीति साफ है.. पार्टी जमीनी स्तर पर काम कर रही है.. किसान, आदिवासी, महिलाएं, युवा.. और अब शहरी मध्यम वर्ग को जोड़ रही है.. दिल्ली में मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा.. और स्वास्थ्य सेवाएं.. पंजाब में मुफ्त इलाज और महिलाओं को 1000 रुपये.. ये मॉडल गुजरात में लागू करने का वादा किया जा रहा है..



