कानपुर पहुंचे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, होली-ईद मिलन समारोह में सरकार पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिलें में छावनी विधानसभा क्षेत्र में  होली व ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया।जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का जोरदार स्वागत किया गया।

4pm न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिलें में छावनी विधानसभा क्षेत्र में  होली व ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया।जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का जोरदार स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बयान दिए और कई दलों व नेताओं पर टिप्पणी की।

कार्यक्रम का आयोजन और स्वागत
यह कार्यक्रम छावनी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें विधायक मोहम्मद हसन रूमी और आयोजक शेखू सिद्दीकी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। जैसे ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच पर पहुंचकर उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन और अनुभवों को साझा करते हुए भाषण की शुरुआत की।

भाषण में राजनीतिक निशाना
अपने संबोधन के दौरान नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी जीवनी का जिक्र करते हुए सत्ता पक्ष पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में कई नीतियां जनहित के खिलाफ जा रही हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठ रहे हैं। कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सभी समाजों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अब तक कानपुर समेत 53 जिलों में संगठनात्मक कार्यक्रम कर चुके हैं और आगे कई जिलों में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे संजय निषाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह उनके पुराने परिचित हैं, लेकिन आज वह गलत लोगों के साथ राजनीति कर रहे हैं।

वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह संगठन के प्रति पहले भी वफादार थे और अभी भी उनकी निष्ठा बनी हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनके राजनीतिक दृष्टिकोण में मुख्य नेतृत्व के रूप में अखिलेश यादव हैं।

सरकार और नीतियों पर टिप्पणी
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नीतियों के जरिए संविधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कई विभागों को निजी हाथों में देना संविधान की भावना के खिलाफ है। जब उनसे शंकराचार्य को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

वहीं मुख्यमंत्री के “माफिया को मिट्टी में मिलाने” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी को सजा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है, सरकार को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। यह कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक मिलन समारोह नहीं था, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच के रूप में भी देखा जा रहा है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बयानों से आने वाले समय में स्थानीय और राज्य में राजनीति की हलचल बढ़ सकती है। कानपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। होली और ईद मिलन के मंच से दिए गए बयानों ने न केवल स्थानीय कार्यकर्ताओं का ध्यान खींचा, बल्कि राज्य की राजनीति में भी नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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