गंगा नदी विवाद मामला: प्रयागराज कोर्ट में सुनवाई 24 अप्रैल तक टली

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी के चर्चित गंगा नदी नाव पार्टी मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को अहम घटनाक्रम सामने आया।

4pm न्यूज नेटवर्क: इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी के चर्चित गंगा नदी नाव पार्टी मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को अहम घटनाक्रम सामने आया।

यह मामला उस विवादित घटना से जुड़ा है जिसमें गंगा नदी के बीच नाव पर बैठकर कथित तौर पर नॉन-वेज पार्टी किए जाने का आरोप है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत की गई थी। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में भी व्यापक चर्चा बटोरी थी।

आज की सुनवाई में मामले के तीन आरोपियों—दानिश सैफी, आमिर कैफी और नुरुल इस्लाम—द्वारा दाखिल की गई जमानत याचिकाओं पर विचार किया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रकरण की संवेदनशीलता और उससे जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखते हुए समुचित तैयारी के लिए कुछ समय आवश्यक है।

राज्य सरकार की इस मांग पर अदालत ने सहमति जताते हुए एक सप्ताह की मोहलत दे दी। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में राज्य पक्ष अपना जवाब अवश्य प्रस्तुत करे, ताकि जमानत याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

इस बीच, बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपियों की ओर से दलील देते हुए कहा कि उनके मुवक्किलों को गलत तरीके से फंसाया गया है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने अदालत से जल्द राहत देने की मांग भी की। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं दी।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की गई है। माना जा रहा है कि उस दिन राज्य सरकार अपना पक्ष विस्तार से रखेगी, जिसके बाद अदालत जमानत याचिकाओं पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।

गौरतलब है कि यह मामला धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा होने के कारण प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। ऐसे में अदालत का अंतिम फैसला इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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