आज थमेगा चुनावी प्रचार, क्या वोट डाल पाएंगे हटाए गए 12.9 लाख नाम?
पश्चिम बंगाल में 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों में, न्यायिक जांच प्रक्रिया के दौरान 12,87,622 वोटर्स के नाम काट दिए गए थे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों में, न्यायिक जांच प्रक्रिया के दौरान 12,87,622 वोटर्स के नाम काट दिए गए थे.
अकेले कोलकाता में, जहां कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण चुनावी जिले हैं, यहां 67,632 नाम खारिज किए गए. जबकि नॉर्थ 24 परगना में सबसे अधिक 3 लाख नाम कटे हैं.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार आज सोमवार को थम जाएगा. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कई अहम रैलियां और रोड शो होने हैं. पहले चरण में राज्य में भारी मतदान हुआ था. दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाने हैं, अब देखना है कि काटे गए 12.9 लाख वोटर्स में से कितनों को वोट देने का मौका मिलने जा रहा है.
राज्य में शेष बची 142 विधानसभा सीटों पर बुधवार को वोट डाले जाने हैं. अंतिम दौर के इस चुनाव में करीब 12.9 लाख वोटर्स को आज सोमवार को पता चलेगा कि क्या उन्हें अपने वोट देने के अधिकार वापस मिलने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट (SC) की गाइडलाइन के मुताबिक, SIR ट्रिब्यूनल सोमवार तक जिन नामों को मंजूरी देंगे, उन्हें चुनाव से 48 घंटे पहले सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा. पहले चरण की वोटिंग से पहले, वोटर लिस्ट में सिर्फ 139 नाम ही जोड़े गए थे.
7 जिलों की 142 सीटें, करीब 13 लाख वोटर्स
पश्चिम बंगाल में 7 जिलों में फैली 142 विधानसभा सीटों में, न्यायिक जांच प्रक्रिया के दौरान 12,87,622 वोटर्स के नाम काट दिए गए थे. अकेले कोलकाता में, जहां कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण चुनावी जिले हैं, न्यायिक अधिकारियों ने 67,632 नामों को खारिज कर दिया. सबसे ज्यादा नाम कोलकाता पोर्ट (13,395) से हटाए गए, इसके बाद चौरंगी का नंबर है, जहां से 10,424 वोटर्स के नाम हटा दिए गए.
जिलों के आधार पर आंकड़ों को देखें तो यह पता चलता है कि दूसरे चरण में जिन जिलों में चुनाव कराए जाने हैं, उनमें नॉर्थ 24 परगना में न्यायिक जांच के दौरान सबसे अधिक (3,25,666) नाम काटे गए. इसके बाद साउथ 24 परगना, पूर्वी बर्दवान और नदिया का नंबर है, और यहां क्रमशः 2,22,929, 2,09,805 और 2,08,626 नाम काटे गए. इसके अलावा हुगली और हावड़ा से भी एक लाख से अधिक वोटर्स के नाम काटे गए हैं. हावड़ा से 1,32,151 और हुगली से 1,20,813 वोटर्स के नाम कटे हैं.
मतुआ-बहुल क्षेत्रों में भी बड़े वोटर्स कटे
इन 142 सीटों में से, साउथ 24 परगना की मेटियाब्रुज सीट इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, जहां न्यायिक जांच की प्रक्रिया के दौरान सबसे अधिक 39,579 वोटर्स के नाम हटा दिए गए. राजारहाट-न्यू टाउन में 24,132 वोटर्स के नाम काटे गए. रानाघाट उत्तर-पूर्व, रानाघाट दक्षिण और गाइघाटा जैसे मतुआ-बहुल विधानसभा क्षेत्रों में भी क्रमशः 20,796, 17,411 और 19,638 वोटर्स के नाम हटाए गए. इस तरह के 10 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां 18 हजार से अधिक वोटर्स के नाम कटे हैं.
बंगाल के CEO मनोज अग्रवाल ने पिछले हफ्ते शनिवार को कहा, “दूसरे चरण के लिए, जिन वोटर्स के नामों को ट्रिब्यूनल की ओर से मंजूरी मिलेगी, उन्हें वोट डालने का मौका दिया जाएगा.” इससे पहले पश्चिम बंगाल के 152 विधानसभा क्षेत्रों में, जहां 23 अप्रैल को वोट डाले गए थे, न्यायिक जांच के दौरान कुल 14,28,771 वोटर्स के नाम काट दिए गए. ट्रिब्यूनल ने महज 139 वोटर्स को ही अपनी लिस्ट में शामिल किया और उन 8 वोटर्स को भी बाहर कर दिया, जिन्हें पहले न्यायिक अधिकारियों ने जांच के दौरान शामिल किया था.



